घटना क्षितिज

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पहली स्थिति: काले छिद्र के घटना चक्र से दूर दिक्-काल सामान्य है और कोई वस्तु किसी भी दिशा में जा सकती है
दूसरी स्थिति: घटना चक्र के पास गुरुत्वाकर्षण भयंकर है और सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत का पालन करते हुए दिक्-काल में मरोड़े पैदा हो चुकी हैं - अब अधिकतर दिशाएँ वस्तु को घटना चक्र की और खींच रहीं हैं
तीसरी स्थिति: वस्तु घटना चक्र के अन्दर है जहाँ दिक्-काल इतनी ज़बरदस्त तरीक़े से मुड़ी हुई है के सारी दिशाएँ केवल काले छिद्र के केंद्र की तरफ़ जाती हैं - वापसी असंभव है - घटना चक्र से बाहर बैठा कोई भी इस वस्तु को नहीं देख सकता और घटना चक्र के अन्दर पैदा हुआ कोई भी प्रकाश घटना चक्र को पार कर के बहार नहीं जा सकता

भौतिकी के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में, घटना क्षितिज दिक्-काल में एक ऐसी सीमा होती है जिसके पार होने वाली घटनाएँ उसकी सीमा के बाहर के ब्रह्माण्ड पर कोई असर नहीं कर सकती और न ही उसकी सीमा के बाहर बैठे किसी दर्शक या श्रोता को यह कभी भी ज्ञात हो सकता है के इस क्षितिज के पार क्या हो रहा है। आम भाषा में इसे "वापसी असंभव" की सीमा कह सकते हैं, यानि इसके पार गुरुत्वाकर्षण इतना भयंकर हो जाता है के कोई भी चीज़, चाहे वस्तु हो या प्रकाश, यहाँ से बहार नहीं निकल सकता। इसकी सब से अधिक दी जाने वाली मिसाल "काला छिद्र" (ब्लैक होल) है। काले छिद्रों के घटना क्षितिजों के अन्दर अगर किसी वस्तु से प्रकाश उत्पन्न होता है तो वह हमेशा के लिए घटना क्षितिज सीमा के अन्दर ही रहता है - उस से बाहर वाला उसे कभी नहीं देख सकता। यही वजह है के काले छिद्र काले लगते हैं - उनसे कोई रोशनी नहीं निकलती।

जब कोई चीज़ काले छिद्र की गुरुत्वाकर्षक चपेड़ में आकर उसकी तरफ़ गिरने लगती है तो जैसे-जैसे वह घटना क्षितिज की सीमा के क़रीब आने लगती है वैसे-वैसे गुरुत्वाकर्षण के भयंकर प्रकोप से सापेक्षता सिद्धांत के अद्भुत प्रभाव दिखने लगते हैं। दूर से देखने वालों को ऐसा लगता है के उस वस्तु की काले छिद्र के तरफ़ गिरने की गति धीमी होती जा रही है और उसकी छवि में लालिमा बढ़ती जा रही है। दर्शक कभी भी नहीं देख पाते की वस्तु घटना चक्र को पार ही कर जाए। लेकिन उस वस्तु को ऐसा कोई प्रभाव महसूस नहीं होता - उसे लगता है के वह तेज़ी से काले छिद्र की तरफ़ गिरकर घटना क्षितिज पार कर जाती है। सापेक्षता की वजह से देखने वाले और उस वस्तु की समय की गतियाँ बहुत ही भिन्न हो जाती हैं।[1]

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

"घटना क्षितिज" को अंग्रेज़ी में "ईवॅन्ट होराएज़न" (event horizon) कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ब्रह्माण्ड का एक छोटा-सा ख़ाका (द युनिवर्स इन अ नटशॅल, अंग्रेज़ी में), स्टीफ़ॅन हॉकीन्ग (लेखक), रैंडम हाउस डिजिटल (प्रकाशक), सन् २००१, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक ९७८०५५३८०२०२३