गामा वलोरम तारा

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पाल तारामंडल की एक तस्वीर जिसमें गामा वलोरम "γ" के चिह्न वाला सबसे दाएँ पर स्थित तारा है

गामा वलोरम, जिसके बायर नामांकन में भी यही नाम (γ Vel या γ Velorum) दर्ज है, आकाश में पाल तारामंडल में स्थित एक पाँच तारों का मंडल है जो एक-दूसरे से गुरुत्वाकर्षक बंधन रखते हैं। इसका मुख्य तारा, जिसे "γ वलोरम ए" या "γ वलोरम" कहते हैं, वास्तव में एक द्वितारा है जिसका एक तारा एक नीला महादानव तारा है और दूसरा एक बहुत ही रोशन वुल्फ़-रायेट तारा है। पृथ्वी से इसका औसत सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) १.७८ है और यह पृथ्वी के आकाश में दिखने वाले तारों में से ३४वां सब से रोशन तारा है। अगर गामा वलोरम के सभी तारों को इकठ्ठा देखा जाए तो इनकी मिली-जुली चमक १.७ मैग्निट्यूड है। ध्यान रहे के खगोलीय मैग्निट्यूड एक विपरीत माप है और यह जितना कम हो चमक उतनी ही ज़्यादा होती है।

अन्य भाषाओं में[संपादित करें]

गामा वलोरम को अंग्रेज़ी में "रॅगर" (Regor) कहते हैं। यह नाम ख़लाबाज़ (अंतरिक्ष यात्री) गस ग्रिसम (Gus Grissom) ने मज़ाक के तौर पर अपने सहयात्री रॉजर चैफ़ी (Roger Chaffee) का पहला नाम उल्टा करके बनाया था, लेकिन प्रचलित हो गया।[1] इसे अरबी में "सुहैल अल-मुहलिफ़" (سهیل‌المحلف) भी कहते हैं, जिसका अर्थ है "क़सम (सौगंध) का तेजस्वी (तारा)"।

वर्णन[संपादित करें]

खगोलशास्त्रियों को इस तारों के मंडल को ग़ौर से देखने पर यह तारे मिले हैं:

  • गामा वलोरम ए2 Vel) - यह एक द्वितारा है। इसमें से एक तारा O9 श्रेणी का नीला माहादानव तारा है जिसका द्रव्यमान सूरज के द्रव्यमान का ३० गुना है। इसका दूसरा तारा ब्रह्माण्ड का अभी तक ज्ञात सब से भारी वुल्फ़-रायेट तारा है जिसका द्रव्यमान सौर द्रव्यमान का १० गुना है। यह दोनों तारे एक-दूसरे से १ खगोलीय इकाई की दूरी पर एक-दूसरे की परिक्रमा कर रहे हैं। इन्हें एक परिक्रमा पूरी करने में ७८.५ दिन लगते हैं।[2]
  • गामा वलोरम बी1 Vel) - यह एक B श्रेणी का नीला-सफ़ेद उपदानव तारा है। वैसे तो यह गामा वलोरम ए के बहुत नज़दीक है लेकिन दूरबीन के ज़रिये उस से भिन्न देखा जा सकता है। इसके सापेक्ष कांतिमान (यानि चमक का मैग्निट्यूड) ४.२ है।
  • गामा वलोरम सी - धुंधले से दिखने वाले इस सफ़ेद A श्रेणी के तारे की चमक केवल ८.५ मैग्निट्यूड है (याद रहे के यह जितना ज़्यादा हो चमक उतनी कम होती है)।
  • गामा वलोरम डी और गामा वलोरम ई - यह एक और द्वितारा है, जिसका गामा वलोरम डी तारा ९.४ मैग्निट्यूड का A श्रेणी का तारा और गामा वलोरम ई उस से भी बहुत अधिक धुंधला एक तारा है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Apollo 15 Lunar Surface Journal, Post-landing Activities, commentary at 105:11:33
  2. Exploring the night sky with binoculars, Patrick Moore, Cambridge University Press, 2000, ISBN 978-0-521-79390-2.