गणितीय सर्वसमिका

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

सर्वसमिका ऐसी समता (equality) को कहते हैं जो उसमें निहित (आये हुए) सभी चरों के सभी मानों के लिये सत्य हो। (किसी समता के दोनो पक्षों का मान चर राशि के केवल कुछ विशेष मानों के लिये ही समान होता है)

[संपादित करें] कुछ उदाहरण

निम्नलिखित सर्वसमिका एक सुज्ञात त्रिकोणमितीय सर्वसमिका है।

 \sin ^2 \theta +  \cos ^2 \theta = 1\,

यह सर्वसमिका θ के सभी वास्तविक मानों के लिये सत्य है।

जबकि

\cos \theta = 1,\,

θ के कुछ ही मानों के लिये सत्य है। यह समीकरण  \theta = 0,\, के लिये तो सत्य है किन्तु \theta = 2\, के लिये असत्य।


[संपादित करें] इन्हें भी देखें


[संपादित करें] वाह्य सूत्र

  • EquationSolver - इस जालपृष्ठ पर सुझाई गयी किसी सर्वसमिका की सत्यता की जाँच करके निर्णय देती है कि वह समिका सत्य है या असत्य।