क्षोभमण्डल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

क्षोभमण्डल या ट्रोपोस्फ़ीयर (troposphere) पृथ्वी के वायुमंडल का सबसे निचला हिस्सा है। इसी परत में आर्द्रता, जलकण, धूलकण, वायुधुन्ध तथा सभी मौसमी घटनाएं होती हैं। यह पृथ्वी की वायु का सबसे घना भाग है और पूरे वालुमंडल के द्रव्यमान का ८०% हिस्सा इसमें मौजूद है। भूमध्य रेखा (इक्वेटर) पर इसकी गहराई २० किमी है जो ध्रुवों पर घटकर सिर्फ़ ७ किमी ही रह जाती है। वालुमंडल में इसके ऊपर की परत को समतापमण्डल या स्ट्रैटोस्फ़ीयर कहते हैं। इन दोनों परतों के बीच की रेखा का नाम ट्रोपोपौज़ है।

विशेषताएँ[संपादित करें]

धरातल से ऊपर जानें पए प्रति १,००० फीट की ऊचाई पर तापमान में ३.६ डिग्री फारेनहाइट की गिरावट आती जाती हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

वायुमंडल की परतें
क्षोभमण्डल | समतापमण्डल | मध्यमण्डल | तापमण्डल | आयनमण्डल | बाह्यमण्डल