कानपुर नगर जिला
| कानपुर | |||||||||
| विश्व का चर्म उत्पाद शहर/ उ.प्र. की आर्थिक राजधानी/ पूर्वी संसार का मैन्चैस्टर | |||||||||
| — शहर — | |||||||||
|
|
|||||||||
|
|
|||||||||
| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||||
| देश | |||||||||
| क्षेत्र | अवध | ||||||||
| राज्य | उत्तर प्रदेश | ||||||||
| जिला | कानपुर नगर जिला, कानपुर देहात जिला | ||||||||
| महापौर | रविन्द्र पाटनी (भा.ज.पा के सदस्य) |
||||||||
| जनसंख्या • घनत्व |
2551337 (2001)[1] • 1,366 /कि.मी.२ (3,538 /वर्ग मी.) |
||||||||
| लिंगानुपात | 0.869 ♂/♀ | ||||||||
| साक्षरता | 77.63% | ||||||||
| आधिकारिक भाषा(एँ) | हिन्दी | ||||||||
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) • समुद्रतट |
1,640 कि.मी² (633 वर्ग मील) • 126 मीटर (413 फी॰) • 0 km (0 मील) |
||||||||
| मौसम • वर्षा तापमान • ग्रीष्म • शीत |
Cfa (कॉपेन) • 940 mm (37 in) • 22.0 °C (72 °F) • 48.7 °C (120 °F) • 1.5 °C (35 °F) |
||||||||
|
विभिन्न कोड
|
|||||||||
| आधिकारिक जालस्थल: www.kanpurnagar.nic.in | |||||||||
निर्देशांक: कानपुर भारतवर्ष के उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह नगर गंगा नदी के दक्षिण तट पर बसा हुआ है। प्रदेश की राजधानी लख्ननऊ से ८० किलोमीटर पश्चिम स्थित यहाँ नगर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताओं के लिए चर्चित ब्रह्मावर्त (बिठूर) के उत्तर मध्य में स्थित ध्रुवटीला त्याग और तपस्या का संदेश दे रहा है। कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे विशाल नगर है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] इतिहास
माना जाता है कि इस शहर की स्थापना सचेन्दी राज्य के राजा हिन्दू सिंह ने की थी। कानपुर का मूल नाम कान्हपुर था। अठारहवीं शताब्दी के पूर्वाद्ध तक इस शहर का विशेष महत्व नहीं था। १७६५ में जब अवध के नवाब शुजाउद्दौला को अंग्रेजों ने जाजमऊ के निकट परास्त किया तो इस शहर का महत्व काफी बढ़ गया। २६० वर्ग किमी. में फैला है।
[संपादित करें] दंतकथा
मान्यता है इसी स्थान पर ध्रुव ने जन्म लेकर परमात्मा की प्राप्ति के लिए बाल्यकाल में कठोर तप किया और ध्रुवतारा बनकर अमरत्व की प्राप्ति की। रखरखाव के अभाव में टीले का काफी हिस्सा गंगा में समाहित हो चुका है लेकिन टीले पर बने दत्त मंदिर में रखी तपस्या में लीन ध्रुव की प्रतिमा अस्तित्व खो चुके प्राचीन मंदिर की याद दिलाती रहती है। बताते हैं गंगा तट पर स्थित ध्रुवटीला किसी समय लगभग १९ बीघा क्षेत्रफल में फैलाव लिये था। इसी टीले से टकरा कर गंगा का प्रवाह थोड़ा रुख बदलता है। पानी लगातार टकराने से टीले का लगभग १२ बीघा हिस्सा कट कर गंगा में समाहित हो गया। टीले के बीच में बना ध्रुव मंदिर भी कटान के साथ गंगा की भेंट चढ़ गया। बुजुर्ग बताते हैं मंदिर की प्रतिमा को टीले के किनारे बने दत्त मंदिर में स्थापित कर दिया गया। पेशवा काल में इसकी देखरेख की जिम्मेदारी राजाराम पंत मोघे को सौंपी गई। तब से यही परिवार दत्त मंदिर में पूजा अर्चना का काम कर रहा है। मान्यता है ध्रुव के दर्शन पूजन करने से त्याग की भावना बलवती होती है और जीवन में लाख कठिनाइयों के बावजूद काम को अंजाम देने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
[संपादित करें] कानपुर के दर्शनीय स्थल
नानाराव पार्क (कम्पनी बाग), चिड़ियाघर, राधा-कृष्ण मन्दिर, सनाधर्म मन्दिर, काँच का मन्दिर, श्री हनुमान मन्दिर पनकी, सिद्धनाथ मन्दिर, जाजमऊ आनन्देश्वर मन्दिर परमट, जागेश्वर मन्दिर चिड़ियाघर के पास, सिद्धेश्वर मन्दिर चौबेपुर के पास, बिठूर साँई मन्दिर, गंगा बैराज, छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय (पूर्व में कानपुर विश्वविद्यालय), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान (एच.बी.टी.आई.), चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवँ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पी.पी.एन. डिग्री कालेज, क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय इत्यादि।
[संपादित करें] जाजमऊ
जाजमऊ को प्राचीन काल में सिद्धपुरी नाम से जाना जाता था। यह स्थान पौराणिक काल के राजा ययाति के अधीन था। वर्तमान में यहां सिद्धनाथ और सिद्ध देवी का मंदिर है। साथ ही जाजमऊ लोकप्रिय सूफी संत मखदूम शाह अलाउल हक के मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इस मकबरे को 1358 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था। 1679 में कुलीच खान की द्वारा बनवाई गई मस्जिद भी यहां का मुख्य आकर्षण है। 1957 से 58 के बीच यहां खुदाई की गई थी जिसमें अनेक प्राचीन वस्तुएं प्राप्त हुई थी।
[संपादित करें] श्री राधाकृष्ण मंदिर
यह मंदिर जे. के. मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खूबसूरती से बना यह मंदिर जे. के. ट्रस्ट द्वारा बनवाया गया था। प्राचीन और आधुनिक शैली से निर्मित यह मंदिर कानपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। यह मंदिर मूल रूप से श्रीराधाकृष्ण को समर्पित है। इसके अलावा श्री लक्ष्मीनारायण, श्री अर्धनारीश्वर, नर्मदेश्वर और श्री हनुमान को भी यह मंदिर समर्पित है।ram
[संपादित करें] जैन ग्लास मंदिर
वर्तमान में यह मंदिर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। यह खूबसूरत नक्कासीदार मंदिर कमला टॉवर के विपरीत महेश्वरी मोहाल में स्थित है। मंदिर में ताम्रचीनी और कांच की सुंदर सजावट की गई है।
[संपादित करें] कमला रिट्रीट
कमला रिट्रीट एग्रीकल्चर कॉलेज के पश्चिम में स्थित है। इस खूबसूरत संपदा पर सिंहानिया परिवार का अधिकार है। यहां एक स्वीमिंग पूल बना हुआ है, जहां कृत्रिम लहरें उत्पन्न की जाती है। यहां एक पार्क और नहर है। जहां चिड़ियाघर के समानांतर बोटिंग की सुविधा है। कमला रिट्रीट में एक संग्रहालय भी बना हुआ है जिसमें बहुत सी ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। यहां जाने के लिए डिप्टी जनरल मैनेजर की अनुमति लेना अनिवार्य है।
[संपादित करें] फूल बाग
फूल बाग को गणेश उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। इस उद्यान के मध्य में गणेश शंकर विद्यार्थी का एक मैमोरियल बना हुआ है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यहां ऑथरेपेडिक रिहेबिलिटेशन हॉस्पिटल बनाया गया था। यह पार्क शहर के बीचों बीच मॉल रोड पर बना है।
[संपादित करें] एलेन फोरस्ट जू
1971 में खुला यह चिड़ियाघर देश के सर्वोत्तम चिड़ियाघरों में एक है। कुछ समय पिकनिक के तौर पर बिताने और जीव-जंतुओं को देखने के लिए यह चिड़ियाघर एक बेहतरीन जगह है।
[संपादित करें] कानपुर मैमोरियल चर्च
1875 में बना यह चर्च लोम्बार्डिक गोथिक शैली में बना हुआ है। यह चर्च उन अंग्रेजों को समर्पित है जिनकी 1857 के विद्रोह में मृत्यु हो गई थी। ईस्ट बंगाल रेलवे के वास्तुकार वाल्टर ग्रेनविले ने इस चर्च का डिजाइन तैयार किया था।
[संपादित करें] नाना राव पार्क
नाना राव पार्क फूल बाग से पश्चिम में स्थित है। 1857 में इस पार्क में बीबीघर था। आजादी के बाद पार्क का नाम बदलकर नाना राव पार्क रख दिया गया।
[संपादित करें] आवागमन
- वायु मार्ग
लखनऊ का अमौसी यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग ६५ किमी. की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक हवाई अड्डा है लेकिन वो केवल दिल्ली और लखनऊ से ही जुड़ा हुआ है।
- रेल मार्ग
कानपुर रेलवे स्टेशन देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक रेलगाड़ियों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, झाँसी, मथुरा, आगरा, बांदा, जबलपुर आदि शहरों से यहाँ के लिए नियमित रेलगाड़ियाँ हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर होकर जाती हैं।
- सड़क मार्ग
देश के प्रमुख शहरों से कानपुर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, इलाहाबाद, आगरा और कोलकाता से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और शिवपुरी आदि शहरों से जोड़ता है।
[संपादित करें] शिक्षण संस्थान
- भारतीय दलहन अनुसन्धान संस्थान
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर
- राष्ट्रीय शर्करा संस्था
- गणेश संकर विद्यार्थी मेडीकल कालेज
- ओ एफ आइ सी कानपुर
[संपादित करें] कुछ तथ्य
| भूगोलीय क्षेत्रफल | 1,040 Sq.Km. |
| निर्देशांक | 26.460738° N - 80.333405° E |
| दूरभाष कोड | 0512 |
| वाहन कोड | UP-78 |
| जनसंख्या-जिला | 4४,37,489 (इलाहाबाद जिला के बाद दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला, गणना 2001) |
| पुरुष संख्या | 2,213,955 |
| स्त्री संख्या | 1,923,534 |
| साक्षरता | 77.63 % |
| लिंग अनुपात | 869 No.per 1000 Male |
| जनसंख्या घनत्व | 1366 Per Sq. Km. |
| तहसील | 3 |
| समिति ब्लॉक | 10 |
| कस्बे | 10 |
| वार्ड | 110 |
| ग्राम | 823 |
| ग्राम सभा | 658 |
| न्याय पंचायत | 97 |
| विद्युतिकृत ग्राम | 1408 |
| शैक्षिक संस्थान | २९ |
|---|---|
| कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय | 1520 |
| वरिष्ठ प्राथमिक विद्यालय | 375 |
| उच्चतर माध्यमिक विद्यालय | 121 |
| स्नातक महाविद्यालय | 20 |
| राजकीय स्नातक महाविद्यालय | 2 |
| विश्वविद्यालय | 2 |
| बहुधंधी संस्था | 5 |
| औद्योगिक प्रशिक्शःअण संस्थान | 2 |
| DIET सैनिक विद्यापीठ | 2 |
| साक्षरता दर | |
| पुरुष | 82.08 % |
| स्त्री | 72.50 % |
| ग्रामीण | |
| पुरुष | 48.6 % |
| स्त्री | 19.05 % |
| शहरी | |
| पुरुष | 76.8 % |
| स्त्रियां | 62.4 % |
| विद्यालय परिसर | 991 |
| अनौपचारिक शिक्षण केन्द्र | 600 |
[संपादित करें] अंतर्राष्ट्रीय संबंध
| City | Flag | Country |
|---|---|---|
| मंचेस्टर | United Kingdom | |
| सैन जोस, कैलिफोर्निया | United States | |
| मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन | United States | |
| ओसाका | जापान | |
| येकतेरिन्बुर्ग | Russia | |
| फैसलाबाद | पाकिस्तान |
[संपादित करें] यह भी देखें
|
|||||||||||||||||||
|
|||||||||||||
गलती उद्घृत करें: <ref>टैग मौजूद हैं, किन्तु कोई <references/>टैग नहीं मिला