कर्माबाई

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कर्माबाई (1615 ), प्रसिद्ध भक्तशिरोमणि, सन् 1615 में जीवणजी डूडी के घर राजस्थान के नागोर जिले के कालवा गांव में पैदा हुई थी। यह जिले का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल है। यह गांव कालूजी डूडी जाट के नाम पर बसाया गया था। भक्तशिरोमणि कर्माबाई ने कृष्ण भगवान को कई बार साक्षात अपने सामने बैठाकर खिचड़ा खिलाया। मारवाड़ में यह गीत गाया जाता है:

थाळी भरकर ल्याई रै खीचड़ो, ऊपर घी की घ़ैल की,

जिमो म्हारा श्याम धणी, जिमावै कर्मा बेटी jat की।

माता-पिता म्हारा तीर्थ गया, नै जाणै कद बै आवैला,

जिमो म्हारा श्याम धणी, थानै जिमावै कर्मा बेटी jat की।