उपवास
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कुछ या सभी भोजन , पेय या दोनो के लिये बिना कुछ अवधि तक रहना उपवास (Fasting) कहलाता है।
उपवास पूर्ण या आंशिक हो सकता है। यह बहुत छोटी अवधि से लेकर महीनो तक का हो सकता है। उपवास के अनेक रूप हैं।
धार्मिक एवं आध्यात्मिक साधना के रूप में प्रागैतिहासिक काल से ही उपवास का प्रचलन है।
[संपादित करें] वाह्य सूत्र
- उपवास के चमत्कार
- The fast of Karwa Chauth
- Picture Gallery of Santhara fasting : Jainism
- Fasting Support - Fasting Retreats
- Therapeutic Fasting - Worldwide Links
- Christian Fasting: A Theological Approach
- The Fasting Rule of the Orthodox Church[[श्रेणी:भोजन उपवास क॑ दौरान शरीर विजातीय द्रव्य को अधिकाधिक तेजी से बाहर की ओर निकालता है। इस परिवर्तन को उभाद कहते है। इस के दौरान विजातीय द्रव्य तीव्र रोग के रूप मे शरीर से बाहर आता है। यदि इस तीव्र रोग से घबराकर व्यक्ति इसे दबाने का प्रयास करता है तो लम्बे समय तक ऐसा ही होने पर यह रोग जीर्ण रोग का रूप धार कर लेता है।----द्वारा़ डा० प्रवेश त्रेहन