१८९३

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1893 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है।

घटनाएँ[संपादित करें]

जनवरी-मार्च[संपादित करें]

अरविंद घोष (1872-1950) 14 वर्ष बाद भारत लौटे। उन्होंने राजनीतिक एवं आध्यात्मिक चिंतन को नई दिशा दी। अपने लेख "न्यू लैंप्स फ़ॉर ओल्ड" में तत्कालीन नरमपंथी राजनीति की आलोचना की।

अप्रैल-जून[संपादित करें]

  • 7 जून- महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रिका में प्रथम बार सविनय अवज्ञा का प्रयोग किया।

जुलाई-सितंबर[संपादित करें]

11 सितंबर : विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द द्वारा हिन्दुत्व के विषय में सारगर्भित भाषण। उन्होंने अपना भाषण "अमेरिका के भाईयो और बहनो" संबोधन से आरम्भ किया जिस पर श्रोताओं ने खडे हो ससम्मान तालियाँ बजाईं। उन्हें तूफ़ानी हिन्दू कहा गया। उनके इस भाषण के पश्चात् दीन हीन भारत वासियों के मन में भी दिव्य उत्साह जाग गया.

अक्टूबर-दिसंबर[संपादित करें]

16 नवम्बर 1893 श्रीमती ऐनी बेसेंट भारत आईं और बनारस में अपना निवास बनाया।

अज्ञात तारीख़ की घटनाएँ[संपादित करें]

जन्म[संपादित करें]

जनवरी-मार्च[संपादित करें]

अप्रैल-जून[संपादित करें]

जुलाई-सितंबर[संपादित करें]

अक्टूबर-दिसंबर[संपादित करें]

निधन[संपादित करें]

जनवरी-मार्च[संपादित करें]

अप्रैल-जून[संपादित करें]

जुलाई-सितंबर[संपादित करें]

अक्टूबर-दिसंबर[संपादित करें]