हीनयान

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हीनयान थेरवाद अथवा 'स्थविरवाद' रूढिवादी बौद्ध परम्परा है।

परिचय[संपादित करें]

बौद्ध धर्म की दो प्रधान शाखाएँ हैं—हीनयान (या उत्तरीय) और महायान (या दक्षिणी) । इनमें से हीनयान शाखा के सब ग्रंथ पाली भाषा में हैं और बौद्ध धर्म के मूल रूप का प्रतिपादन करते हैं । महायान शाखा कुछ पीछे की है और उसके सब ग्रंथ संस्कृत में लिखे गए हैं । महायान शाखा में ही अनेक आचार्यों द्वारा बौद्ध सिद्धांतों का निरूपण गूढ़ तर्कप्रणाली द्वारा दार्शनिक दृष्टि से हुआ है । प्राचीन काल में वैदिक आचार्यों का जिन बौद्ध आचार्यों से शास्त्रार्थ होता था वे प्रायः महायान शाखा के थे ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]