सूर्यपथ

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खगोलीय मध्य रेखा पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर है और क्रांतिवृत्त से २३.४ डिग्री के कोण पर है। २१ मार्च और २३ सितम्बर (विषुव/इक्विनोक्स के दिन) को क्रांतिवृत्त और खगोलीय मध्य रेखा एक दुसरे को काटती हैं। २१ जून और २१ दिसंबर (संक्रांति/सॉल्सटिस के दिन) को क्रांतिवृत्त और खगोलीय मध्य रेखा एक दुसरे से चरम दूरी पर होते हैं।

खगोलशास्त्र में क्रांतिवृत्त या सूर्यपथ या ऍक्लिप्टिक आकाश के खगोलीय गोले पर वह मार्ग है जिसे ज़मीन पर बैठे किसी दर्शक के दृष्टिकोण से सूरज वर्ष भर में लेता है।

आम भाषा में अगर यह कल्पना की जाए के पृथ्वी एक काल्पनिक गोले से घिरी हुई है (जिसे खगोलीय गोला कहा जाता है) और सूरज उसपर स्थित एक रोशनी है, तो अगर सालभर के लिए कोई हर रोज़ दोपहर के बराह बजे सूरज खगोलीय गोले पर जहाँ स्थित है वहाँ एक काल्पनिक बिंदु बना दे और फिर इन ३६५ बिन्दुओं (वर्ष के हर दिन का एक बिंदु) को जोड़ दे और उस रेखा को दोनों तरफ़ बढ़ाकर क्षितिज की ओर ले जाए तो उसे क्रांतिवृत्त मिल जाएगा. क्रांतिवृत्त खगोलीय गोले पर बना हुआ एक काल्पनिक महावृत्त (ग्रेट सर्कल) होता है। क्योंकि अपने कक्षा में सूरज की परिक्रमा करती हुई पृथ्वी का अक्ष (ऐक्सिस) २३.४° के कोण (ऐंगल) पर है इसलिए यही कोण क्रांतिवृत्त (ऍक्लिप्टिक) और खगोलीय मध्य रेखा (सॅलॅस्टियल इक्वेटर) में भी है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

"क्रांतिवृत्त" को अंग्रेज़ी में "ऍक्लिप्टिक" (ecliptic) और अरबी-फ़ारसी में "दायरा अल-बरूज" (دایرةالبروج) कहते हैं। "खगोलीय मध्य रेखा" को अंग्रेज़ी में "सॅलॅस्टियल इक्वेटर" (celestial equator) कहते हैं। "खगोलीय गोले" को अंग्रेज़ी में "सॅलॅस्टियल स्फ़ेयर" (celestial sphere), फ़ारसी में "करा-ए-आसमान" (کره آسمان) और बंगाली में "ख-गोलोक" (খ-গোলক) कहते हैं।

भिन्न मौसमों में सूरज की क्रांतिवृत्त पर स्थिति[संपादित करें]

विषुव (इक्विनोक्स) के दिनों में, जो २१ मार्च और २३ सितम्बर को आते हैं, बारह बजे सूरज ठीक पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है। क्योंकि खगोलीय मध्य रेखा की परिभाषा यही है के वह पृथ्वी के भू मध्य रेखा के ऊपर होती है, इसलिए इन क्रांतिवृत्त और खगोलीय मध्य रेखा इन दो स्थानों में एक दुसरे को काटती हैं। संक्रांति (सॉल्सटिस) के दिनों में (२१ जून और २१ दिसंबर) सूरज पृथ्वी की भूमध्य रेखा से सब से अधिक दूरी पर होता है, जो यही क्रांतिवृत्त की भी खगोलीय मध्य रेखा से चरम दूरियों के दो दिन हैं।

इसे भी देखें[संपादित करें]