संतूर

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संतूर भारत के सबसे लोकप्रिय वाद्ययंत्र में से एक है जिसका प्रयोग शास्त्रीय संगीत से लेकर हर तरह के संगीत में किया जाता है।

नाम[संपादित करें]

संतूर का भारतीय नाम था शततंत्री वीणा यानी सौ तारों वाली वीणा जिसे बाद में फ़ारसी भाषा से संतूर नाम मिला। यह अपने आप में एक अनोखा वाद्य है जो कि तार का साज़ होने के बावजूद लकड़ी की छोटी छड़ों से बजाया जाता है।

मूल[संपादित करें]

यह मूल रूप से कश्मीर का लोक वाद्य है जिसे सूफ़ी संगीत में इस्तेमाल किया जाता था। यह एक सीमित समुदाय के बीच ही इस्तेमाल होता था। केवल वादी-ए-कश्मीर में इसका चलन था। बाकी तो जम्मू सहित और जगहों पर लोग इसके बारे में जानते ही नहीं थे। पंडित शिवकुमार शर्मा ने इसे लोकप्रियता की पराकाष्ठा तक पहुंचाने में विशेष योगदान दिया।


(साभार - बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम)