रोबॉटिक्स के नियम

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रोबॉटिक्स के नियम वें मापदंड, सिद्धांत व कानुन है जिनके तहत एक रोबोट का बर्ताव व कार्य करने का ढंग निर्धारित किया जाता है। इस तरह के रोबोट अबतक बनाए नहीं गए है परन्तु इन्हे काल्पनिक विज्ञान, फ़िल्मों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में संशोधन के लिए उपयोग किया जाता है।

अबतक के सबसे उत्त्म नियम आईज़ैक असिमोव ने 1940 में लिखे थे परन्तु कईं अन्य संशोधकों ने भी नए नियम बनाए है।

आईज़ैक असिमोव के "रोबॉटिक्स के तिन नियम"[संपादित करें]

आईज़ैक असिमोव ने "रोबॉटिक्स के तिन नियम" अपनी लघुकहानी "रनअराउंड" में 1942 में बताए थे।

  1. एक रोबोट किसी भी प्रकार से मनुष्य को हानी नहीं पहुंचा सकता, या किसी भी हरकत के द्वारा मनुष्यों को हानी नहीं पहुंचने दे सकता।
  2. एक रोबोट को मनुष्यों द्वारा दिए गए सभी आदेश मानने होंगे बशर्ते वें पहले नियम को नहीं तोडते।
  3. एक रोबोट को अपना अस्तित्व बचाए रखना है जबतक पहले दो नियम ना तुटे।

अबतक इन नियमों का उपयोग केवल काल्पनिक कहानियों में ही किया गया है।[1]

EPRSC / AHRC के रोबॉटिक्स के सिद्धांत[संपादित करें]

2011 में अभियांत्रिकी और भौतिक विज्ञान संशोधन बैठक (Engineering and Physical Sciences Research Council (EPRSC)) और कला व मानवता बैठक (Arts and Humanities Research Council (AHRC)) ने मिलकर पांच आवश्यक सिद्धांत बनाएं है जो रोबोट के डिज़ाइनर, रचैता और उपयोगकर्ताओं के लिए सात "उच्च दर्जे के सन्देशों" के साथ बताएं गए है।[2][3][1]:

  1. किसी मनुष्य को हानी या मारने के एक मात्र उद्देष्य से कोई भी रोबोट न बनाया जाए।
  2. मनुष्य, ना की रोबोट किसी भी चिज़ के लिए ज़िम्मेदार है क्योंकी रोबोट मनुष्यों के लक्ष्य को पाने के लिए ही बनाए जाते है।
  3. रोबोट इस तरह बनाएं जाए जिससे उनकी सुरक्षितता बनी रहे।
  4. रोबोट केवल वस्तु है। उन्हे इस तरह ना बनाया जाए की वे किसी की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाए। इसलिए वे इस तरह बनाए जाएं की इंसानों और रोबोट में फ़रक किया जा सके।
  5. किसी भी वक्त यह पता किया जा सके की उस रोबोट का रचैता या मालिक कौन है।

सन्देश जिन्हे बताया गया है:

  1. हमें लगता है की रोबोट समाज को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे। हम रोबोट के संशोधन कार्य को बेहतरिन बनाने के लिए बढावा देते है।
  2. बुरी कोशिशें सभी को तकलिफ़ पहुंचाती है।
  3. जनता के सवालों के जवाब देना हम सभी के लिए हितदाई साबित होगा।
  4. यह ज़रुरी है की हम, रोबोट बनाने वाले, हमेशा बेहतरिन प्रयासों के लिए कार्यरत रहे।
  5. अपने कार्य को समझने और बेहतर बनाने के लिए हम अन्य शाखाओं जैसे कानुन, कला, सामाजिक विज्ञान से हाथ मिलाकर काम करे।
  6. हमें पार्दर्शिता को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए।
  7. जब हमें प्रेस में कोई नया संशोधन नज़र आए तो हमें उन पत्रकारों से बातचित का वक्त निकालना चाहिए।

संदर्भ[संपादित करें]