योगिनी

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योगाभ्यास करने वाली स्त्री को योगिनी या योगिन कहा जाता है । पुरुषों के लिए इसका समानांतर योगी है ।

चौसठ योगिनी मंदिर[संपादित करें]

भारत में चार प्रमुख चौसठ-योगिनी मंदिर हैं। दो ओडिशा में तथा दो मध्य प्रदेश में।

चौसथ योगिनी मंदिर, मुरैना[संपादित करें]

ग्राम पंचायत मितावली, थाना रिठौराकलां, ज़िला मुरैना(मध्य प्रदेश) में यह प्राचीन चौंसठ योगिनी शिव मंदिर है। इसे 'इकंतेश्वर महादेव मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की ऊंचाई भूमि तल से 300 फीट है. इसका निर्माण तत्कालीन प्रतिहार क्षत्रिय राजाओं ने किया था. यह मंदिर गोलाकार है. इसी गोलाई में बने चौंसठ कमरों में हर एक में एक शिवलिंग स्थापित है. इसके मुख्य परिसर में एक विशाल शिव मंदिर है। भारतीय पुरातत्व विभाग के मुताबिक़, इस मंदिर को नवीं सदी में बनवाया गया था. कभी हर कमरे में भगवान शिव के साथ देवी योगिनी की मूर्तियां भी थीं, इसलिए इसे चौंसठ योगिनी शिवमंदिर भी कहा जाता है. देवी की कुछ मूर्तियां चोरी हो चुकी हैं. कुछ मूर्तियां देश के विभिन्न संग्रहालयों में भेजी गई हैं. तक़रीबन 200 सीढ़ियां चढ़ने के बाद यहां पहुंचा जा सकता है. यह सौ से ज़्यादा पत्थर के खंभों पर टिका है। किसी ज़माने में इस मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठान किया जाता था. मौजूदा समय में भी यहां कुछ लोग तांत्रिक सिद्धियां हासिल करने के लिए यज्ञ करते हैं।

चौंसठ योगिनी मंदिर एक दृष्टि में-
  • निर्माण काल : नवीं सदी
  • स्थान : मितावली, मुरैना (मध्य प्रदेश)
  • निर्माता : प्रतिहार क्षत्रिय राजा
  • ख़ासियत : प्राचीन समय में यहां तांत्रिक अनुष्ठान होते थे
  • आकार : गोलाकार, 101 खंभे कतारबद्ध हैं. यहां 64 कमरे हैं, जहां शिवलिंग स्थापित है.
  • ऊंचाई : भूमि तल से 300 फीट