मैरी कसाट

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Mary Cassatt
Self-portrait by Mary Cassatt, c. 1878, gouache on paper, 23 5/8 × 16 3/16 in., Metropolitan Museum of Art, New York
जन्म नाम Mary Stevenson Cassatt
जन्म 22 मई 1844
Allegheny City, Pennsylvania, United States
मृत्यु जून 14, 1926(1926-06-14) (उम्र 82)
Château de Beaufresne, near Paris, France
राष्ट्रीयता American
कार्यक्षेत्र Painting
शिक्षा Pennsylvania Academy of the Fine Arts, Jean-Léon Gérôme, Charles Chaplin, Thomas Couture
आंदोलन Impressionism


मैरी स्टीवेनसन कसाट (22 मई, 1844 [1]- 14 जून, 1926)([2]) एक अमेरिकी चित्रकार और प्रिन्टमेकर थी. उन्होने अपना ज़्यादातर व्यस्क जीवन फ्रांस में बिताया, जहाँ उनकी दोस्ती एडगर डेगस से हुई और बाद में संस्कारवादियों में उनके काम का प्रदर्शन हुआ .


कसाट ने अक्सर, माताओं और बच्चों के बीच के घनिष्ठ रिश्तों पर विशेष जोर देने वाले, महिलाओं के सामाजिक और निजी जीवन के चित्र बनाए .


प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

कसाट का जन्म पेंसिल्वेनिया के एलेघेनी शहर में हुआ , जो अब पिट्सबर्ग का हिस्सा है. उनका जन्म अनुकूल परिस्थितियों में हुआ था: उनके पिता, रॉबर्ट सिम्पसन कसट (बाद में कसाट), एक सफल शेयर दलाल और भूमि व्यापारी थे, और उनकी माँ, कैथरीन केल्सो जॉनसटन,एक बैंकिंग परिवार से थीं . लेकिन पुश्तैनी नाम कोस्सर्ट था.[3]कसाट कलाकार राबर्ट हेनरी की दूर की बहिन थीं .[4] कसाट सात बच्चों में से एक थीं ,जिनमें से दो की प्रारंभिक अवस्था में ही मृत्यु हो गई थी. उनका परिवार पूर्व की ओर चला गया , पहले लंकास्टर ,पेंसिल्वेनिया में , फिर फिलाडेल्फिया में, जहां छह साल की उम्र में उन्होंने स्कूली शिक्षा शुरू की .


कसाट जिस माहौल में पली उसमें यात्रा को शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में देखा गया ,उन्होंने पांच साल यूरोप में बिताए और लंदन, पेरिस व बर्लिन सहित कई राजधानियों का दौरा किया. विदेशों में उन्होंने जर्मन और फ्रेंच सीखी और चित्रकारी व संगीत में पहला सबक लिया .[5]फ्रेंच कलाकारों इन्ग्रेस ,देलाक्रोइक्स ,करोत और कुर्बत की पहली जानकारी उन्हें शायद् 1855 में पेरिस विश्व मेले में हुई थी . इसके अलावा इस प्रदर्शनी में देगास और पिस्सर्रो के काम भी प्रदर्शित थे, जो भविष्य में उनके सहयोगी और सलाहकार होने वाले थे .[6][1]


हालांकि उनके परिवार ने उनके एक पेशेवर कलाकार बनने का विरोध किया , लेकिन कसाट ने पन्द्रह साल की शुरुआती उम्र में पेनसिल्वेनिया के फिलाडेल्फिया में पेंसिल्वेनिया अकादमी आफ फाइन आर्ट्स में चित्रकला का अध्ययन शुरू किया. [7]कसाट के लिए , नारीवादी विचार और कुछ पुरुष छात्रों के बोहेमियाई व्यवहार की जानकारी,उनके माता पिता की चिंता का[2]हिस्सा थी . हालांकि 20 प्रतिशत छात्र महिला थी,लेकिन ज्यादातर कला को एक सामाजिक रूप से मूल्यवान कौशल के रूप में देखती थी ; लेकिन कसाट जैसी उनमें से कुछ थीं ,जो कला को कैरियर बनाना चाहती थी .[8][3]उन्होंने अमेरिकी नागरिक युद्ध के वर्षों के दौरान अपनी पढ़ाई जारी रखी. उनके साथी छात्रों में थॉमस एअकिंस भी थे, जो बाद में इस अकादमी के विवादास्पद निर्देशक थे.


शिक्षा की धीमी गति और पुरुष छात्रों और शिक्षकों के कृपा करने के दृष्टिकोण से अधीर, उन्होंने अपने दम पर ही पुराने उस्तादों का अध्ययन करने का फैसला किया. उन्होंने बाद में कहा,अकादमी में "कोई शिक्षण नहीं था". महिला छात्र जानदार मॉडलों का प्रयोग नहीं कर सके (कुछ समय बाद तक के लिए) और प्रमुख प्रशिक्षण था मुख्य रूप से सांचे से ड्राइंग करना.[9][4]


कसाट ने अपनी पढ़ाई समाप्त करने का फैसला किया (उस समय डिग्री प्रदान नहीं की जाती थी) . अपने पिता की आपत्ति पर विजय पाने के बाद, वो अपनी माँ और परिवार के मित्रों के साथ 1866 में पेरिस चली गयीं चेपरोनस् के रूप में.[10][5]चूंकि महिलाएं अभी भी इकोले देस बीयो-आर्ट्स में नहीं जा सकती थीं ,उन्होंने स्कूल के उस्तादों से अलग से अध्ययन करने के लिए आवेदन किया.[11] जिसे जें-लों गेरोमें के साथ अध्ययन के लिए स्वीकार कर लिया गया , जो अपनी अति-यथार्थवादी तकनीक और आकर्षक विषयों के चित्रण के लिए एक उच्च शिक्षक माने जाते थे . कुछ महीने बाद गेरोमें ने एअकिंस को भी एक छात्र के रूप में स्वीकार किया.[12][6]कसाट ने अपने कलात्मक प्रशिक्षण को लौव्रे में रोजाना कापी करके आगे बढ़ाया (उन्होंने आवश्यक अनुमति ले ली, , जो कापी करने वालों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक थी . ये आमतौर पर कम पगार वाली महिलाएं थीं ,जो रोज़ संग्रहालय आती थीं बिक्री के लिए प्रतियों को पेंट करने के लिए).संग्रहालय भी एक सामाजिक ,मिलने के स्थान जैसा था फ्रेंच पुरुष और अमेरिकी महिला छात्रों के लिए, जिन्हें कसाट की तरह कैफे में भाग लेने के लिए अनुमति नहीं थी , जहाँ ख़ास लोग ही मिलते थे. इस तरीके से, उनकी साथी कलाकार और मित्र एलिजाबेथ जेन गार्डनर, प्रसिद्ध शैक्षणिक चित्रकार विलियम-अदोल्फे बौगुएरेऔ से मिली और उनसे शादी की.[13][7]


1866 के अंत में वो ,चार्ल्स चैप्लिन,एक जाने माने शैली कलाकार की पेंटिंग क्लास में शामिल हो गयीं . 1868 में, कसाट ने कलाकार थॉमस कोउतुरे के साथ भी अध्ययन किया, जिनके विषय ज्यादातर रोमांटिक और शहरी थे .[14][8]देहात की यात्रा पर, छात्रों ने जीवन से, विशेष रूप से किसानों की दैनिक गतिविधियों से चित्रण किया .1868 में उनके एक चित्र ,अ मंदोलिन प्लेयर , को पहली बार चयन जूरी ने पेरिस सेलोन के लिए स्वीकार किया था. यह काम करोत और कोउतुरे ,[15] की प्रेमपूर्ण शैली जैसा था, और उनके कैरियर के पहले दशक के दो चित्रों में से एक है जिसे आज प्रलेखित किया जा सकता है.[16][9]फ्रेंच कला परिदृश्य बदलने की प्रक्रिया में था ,जब कुर्बत और मानेट जैसे कट्टरपंथी कलाकार शैक्षणिक परंपरा तोड़ने की कोशिश में थे और संस्कारवादी अपने प्रारंभिक वर्षों में थे. कसाट की दोस्त एलिजा हल्देमन ने लिखा "कि कलाकार अकादमी की शैली छोड़ रहे हैं और एक नए रास्ते की तलाश कर रहे हैं ,जिसके फलस्वरूप अभी सब कुछ अव्यवस्थित है.[17] दूसरी ओर,[7]कसाट पारंपरिक तरीके से काम करती रहीं ,और बढ़ती हताशा के साथ, दस साल तक , सेलोन को काम भेजती रहीं .


द बोटिंग पार्टी 1893-94 द बोटिंग पार्टी बाय मैरी कसाट, 1893-94, आयल आन कैनवास, 35 1/2 x 46 इंच, नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट, वॉशिंगटन
1870 की गर्मियों में , संयुक्त राज्य अमेरिका को लौटते समय , जब फ्रेंको-प्रुस्सियन युद्ध शुरू हो रहा था ,कसाट अल्तूना में अपने परिवार के साथ रहीं .  उनके पिता उनके चुने व्यवसाय का विरोध करते रहे,और उनकी बुनियादी जरूरतों के लिए भुगतान करते रहे , लेकिन कला आपूर्ति के लिए नहीं .[18]    [10]उन्होंने अपने दो चित्र एक न्यूयॉर्क गैलरी में रखे ,और कई प्रशंसक पाए लेकिन कोई खरीदार नहीं . गर्मीयों में अपने निवास पर रहते हुए भी वो निराश थी, अध्ययन करने के लिए चित्रों के अभाव में .कसाट ने कला को छोड़ने की भी सोची, क्यूँकी वो एक स्वतंत्र जीवन बनाना चाहती थीं . जुलाई, 1871 को एक पत्र में उन्होंने लिखा,"मैंने अपना स्टूडियो छोड़ दिया है और अपने पिता की तस्वीर को फाड़ दिया है , और न ही छह हफ्तों से किसी ब्रश को छुआ है ,न ही आगे छूऊँगी,जब तक मैं यूरोप वापस जाने की कुछ संभावना नहीं देखती . मैं पश्चिम में जाने के लिए और कुछ रोजगार पाने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, लेकिन अभी तक निर्णय नहीं लिया है की कहाँ ." [19]  [11]वो शिकागो गयीं अपने भाग्य को आजमाने के लिए, लेकिन 1871 की ग्रेट शिकागो फायर में अपने कुछ चित्रों को खो दिया.[20] [12]इसके फौरन बाद,पिट्सबर्ग के आर्कबिशप को उनका  काम पसंद  आया , और उन्होंने उन्हें पर्मा, इटली, में कोर्रेग्गियो के चित्रों की दो प्रतियां पेंट करने के लिए कमीशन किया, और उनकी यात्रा  और उनके रहने के खर्च के लिए काफी पैसे भी दिए .  उत्तेजना में उन्होंने लिखा , "काम करने के लिए मैं कितनी बेताब हूँ, मेरी उँगलियों में खुजली हो रही है और मेरी आँखों में पानी है फिर से एक अच्छी तस्वीर देखने के लिए".[21] फिलाडेल्फिया के एक जाने माने कलात्मक परिवार से ,एक साथी कलाकार[13]एमिली सर्टेन के साथ, कसाट फिर से यूरोप के लिए तैयार हुईं .


संस्कारवाद[संपादित करें]

टी बाय मैरी कसाट, 1880, आयल आन कैनवास, 25 1/2 x 36 1/4 इंच, म्यूज़ियम आफ फाइन आर्ट्स, बोस्टन


1871 की शरद ऋतु में, यूरोप में उसकी वापसी के कुछ महीनों के भीतर, कसाट का नाम चमक गया था. उसकी पेंटिंग 'टू वूमेंन थ्रोइंग फलावर्स डीयुरिंग कार्निवल ' को 1872 में सेलोन में अच्छा रिसपोंस मिला था और उसे खरीदा भी गया था. पार्मा में उन्होंने सबका ध्यान आकर्षित किया और कला समुदाय ने उनको वहाँ प्रोत्साहित किया : "पार्मा में सभी मिस कस्सट की और उनकी तस्वीर की बात कर रहे हैं , और उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक है."[22][14]


 आर्कबिशप का काम पूरा करने के बाद, कसाट मैड्रिड और सेविला गयीं , जहां उन्होंने , स्पेनिश डाँसर वीअरिंग अ लेस् मंतिल्ला  सहित , स्पेनिश विषयों की कई पेंटिंगस् बनायीं (1873, नेशनल म्यूज़ीयम आफ अमेरिकन आर्ट, स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन में). 1874 में, उन्होंने फ्रांस में निवास बनाने का निर्णय लिया . उनके साथ उनकी बहन लिडीया  ने भी उस अपार्टमेंट में साझेदारी कर ली.कसाट सेलोन की राजनीति की और वहां के प्रबल पारंपरिक स्वाद की आलोचना करती रही .वह अपनी टिप्पणी में निडर थी,जैसा सर्टेन ने लिखा था: "वह सभी आधुनिक कला की आलोचना करती है, काबनेल ,बोन्नत की सेलोन तस्वीरों की भी ,और उन सभी नामों की जिनका हम आदर करते हैं .[23][15]कसाट ने देखा कि महिला कलाकारों के काम को बर्खास्त कर दिया जाता था, जब तक कि कलाकार का जूरी में कोई दोस्त या रक्षक न हो ,और वह जूरी के लोगों के साथ दोस्ती नहीं करती थीं एहसान लेने के लिए .[24][16]उनकी कड़वाहट बढ गयी जब 1875 में प्रस्तुत किये गए दो चित्रों में से एक को जूरी ने मना कर दिया था,  और अगले वर्ष उसे स्वीकार किया जब उन्होंने उसकी पृष्ठभूमि को गाढा किया .  उनका सर्टेन के साथ झगड़ा हुआ , सर्टेन को लगा कि वो बहुत मुखर और खुदग़रज़ी हैं और अंततः वे जुदा हो गए . अपने संकट और आत्म-आलोचना के कारण ,उन्होंने तय किया वह शैली चित्रों से दूर रहेंगी,और अधिक फैशनेबल विषयों पर काम करेंगी ,विदेश में अमेरिकी लोगों से पोर्टरेट कमीशन को आकर्षित करने के लिए, लेकिन इस प्रयास में ज्यादा फल नहीं मिला .[25][17]
देगास ,पोर्ट्रेट आफ मिस कसाट, सीटेड, होल्डिंग कार्डस् , सी. 1876-1878,आयल आन कैनवास


1877 में, उनकी दोनों प्रविष्टियां अस्वीकार कर दी गयी और अब सेलोन में, सात साल में पहली बार, उनके पास कोई काम नहीं था .[26] उनके कैरियर के[18]इस बुरे समय में एडगर देगास ने उन्हें बुलाया , संस्कारवादियों के साथ अपना काम दिखाने के लिए,ये एक समूह था ,जिसने 1874 में, परिचर कुख्याति के साथ ,स्वतंत्र प्रदर्शनियों का अपना सिलसिला शुरू कर दिया था . इन संस्कारवादियों ("स्वतंत्र " या "अकर्मक" के नाम से जाने गए) का कोई औपचारिक घोषणा पत्र नहीं था ,और विषय और तकनीक में वे काफी विविध थे .उन्होंने खुली हवा में पेंटिंग और छोटे स्ट्रोकस में जीवंत रंग के इस्तमाल को थोडी प्री-मीक्सिंग के साथ पसंद किया, जो आंख को एक "संस्कारवादी " तरीके से परिणाम को विलय करने की अनुमति देता है.इन संस्कारवादियों को कई वर्षों तक आलोचकों के प्रकोप को झेलना पडा . कसाट के एक दोस्त हेनरी बेकन को लगा कि ये संस्कारवादियों इतने कट्टरपंथी थे कि जैसे वे "आँख की किसी अज्ञात बीमारी से पीड़ित थे".[27][19]उनके पास पहले से ही एक महिला सदस्य थी ,कलाकार बेर्थे मोरिसोत ,जो कसाट की दोस्त और सहयोगी बनी .


कसाट देगास की प्रशंसक थीं ,जिनके पेस्टेलस् ने उन पर एक शक्तिशाली प्रभाव बनाया, जब उन्होंने 1875 में एक आर्ट डीलर की दुकान की खिड़की पर उन्हें देखा ."मैं जाती थी ,और उस खिड़की पर अपनी नाक फैला देती और उनकी कला का सब नज़ारा ले लेती ," उन्होंने बताया ."इसने मेरी ज़िंदगी बदल दी. मैंने कला देखी जैसा मैं इसे देखना चाहती थी."[28][20]उन्होंने उत्साह के साथ देगास का निमंत्रण स्वीकार कर लिया ,और 1878 में होने वाले अगले संस्कारवादी शो के लिए चित्रों की तैयारी शुरू कर दी ,जो (दुनिया के मेले की वजह से एक स्थगित हो गया) बाद में 10 अप्रैल, 1879 को हुआ . वह संस्कारवादियों के साथ सहज महसूस करती थीं ,और उत्साहपूर्वक उनके कारण में शामिल हुई ,और घोषणा की : "हम एक लडाई लड़ रहे हैं और हमें सभी बलों की जरूरत है".[29] लोगों का ध्यान आकर्षित किये बिना ,उनके साथ कैफे जाने में असमर्थ ,वह उन लोगों के साथ निजी तौर पर और प्रदर्शनियों में मिलती थीं . उन्हें अब व्यावसायिक सफलता की आशा थी ,उन परिष्कृत पेरिसियनस् को चित्र बेचके जो ख़ास चित्रों को प्राथमिकता देते थे .बीच के दो वर्षों के दौरान, उनकी शैली ने एक नई सहजता प्राप्त की थी .पहले एक स्टूडियो की कलाकार रह चुकी ,उन्होंने अब एक प्रथा को अपनाया,अपने साथ एक नोटबुक ले जाने की, अब जब भी वो बाहर या थिएटर जाती , और जो दृश्य वो देखती उनकी रिकार्डिंग कर लेती .[30][21]


समरटाईम , सी. 1894, आयल आन कैनवास

1877 में,पेरिस में कसाट के माता और पिता आ गए ,जो उसकी बहन लिडीया के साथ वापस आ गए थे. मैरी को ,उनका साथ महत्वपूर्ण लगा क्यूँकि न तो वह और न ही लिडीया शादीशुदा थी. उन्होंने जिंदगी में बहुत पहले ही फैसला किया था कि शादी उनके करियर के साथ असंगत होगी . लिडीया ,जो अक्सर अपनी बहन द्वारा चित्रित होती थी ,को बार बार बीमारी के दौरे पड़ते थे , और 1882 में उसकी मौत से ,कसाट ने अस्थायी तौर पर काम करना छोड़ दिया.[31][22]


 उनके पिता चाहते थे कि उनके स्टूडियो और आपूर्ति का खर्च ,उनकी बिक्री,जो अभी भी कम थी, से कवर किया जाये . गुजारे के लिए "पाटबोएलेर" को पेंट करने के डर से , उन्होंने कुछ गुणवत्ता चित्रों का निर्माण किया , अगली  संस्कारवादी  प्रदर्शनी के लिए .1878 से उनके तीन संपूर्ण कार्य थे , 'पोर्ट्रेट आफ द आर्टिस्ट  (सेल्फ पोर्ट्रेट )', लिटिल गर्ल इन अ आर्म चेयर  ', और रीडिंग ला फीगारो  ( उनकी माँ का पोर्ट्रेट)'.


देगास का कसाट पर काफी प्रभाव था. वो पेस्टेल के प्रयोग में बहुत प्रवीण हो गयीं ,और अंततः अपने कई सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को इस माध्यम में ही बनाया . देगास ने नक़्क़ाशी से भी उनका परिचय कराया , जिसमें वह एक मान्यता प्राप्त मास्टर थे .दोनों ने थोड़ी देर के लिए साथ साथ काम किया ,और देगास के संरक्षण में उनकी कार्यदक्षता को काफी ताकत मिली. देगास ने उन्हें नक़्क़ाशी की एक श्रृंखला में चित्रित किया ,लौव्रे के लिए अपनी यात्रा की रिकार्डिंग करते हुए . देगास के लिए उनके मन में बहुत भावनाएं थीं , लेकिन उसके चंचल और उत्तेजित स्वभाव से बहुत ज्यादा उम्मीद करना नहीं सीखा. पैंतालीस साल का शानदार और अच्छी तरह से तैयार देगास ,कसाट के निवास पर डिनर के लिए एक ख़ास अतिथि था .[32][23]


1879 में संस्कारवादियों का प्रदर्शन अब तक का सबसे सफल प्रदर्शन था ,रेनोइर , सिसली , मानेट और सेज़ेन की अनुपस्थिति के बावजूद,जो एक बार फिर से सेलोन में मान्यता हासिल करने के लिए प्रयास कर रहे थे . गुस्तावे किल्लेबोत्ते के प्रयासों के माध्यम से,जिसने इस शो का आयोजन किया ,सारे समूह ने बहुत लाभ कमाया और कई कार्य बेचे , हालांकि इसकी आलोचना हमेशा की तरह कठोर रही .रिव्यू देस देउक्स मोंदेस ने लिखा,"एम. देगास और एम. कसाट ही ऐसे कलाकार रहे हैं, जिन्होंने खुद को सबसे अलग और ख़ास बनाया .....और कुछ आकर्षण और कोई बहाना प्रदान किया , महज़ सजावट वाले और भद्दे चित्रों वाले मिथ्याभिमानी शो में .[33][24]


कसाट ने ला लोगे ' सहित ग्यारह काम प्रदर्शित किये .हालांकि आलोचकों ने कहा कि उनके रंग बहुत उज्ज्वल थे और उनके पोर्ट्रेट्स इतने सही थे की लोगों की चापलूसी जैसे लगते थे ,पर उनका काम मोनेट के काम जैसा असभ्य नहीं था ,जिनकी हालत उस समय के सभी संस्कारवादियों में सबसे निराशजनक थी .उन्होंने अपने लाभ में से एक काम देगास का और एक काम मोनेट द्वारा खरीदा .[34][25]उन्होंने 1880 और 1881 की संस्कारवादी प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया , और 1886 तक छापकारों के सर्कल में एक सक्रिय सदस्य बनी रही .1886 में,उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में संस्कारवादियों की पहली प्रदर्शनी, जो कला व्यापारी पॉल डूरंड-रुएल द्वारा आयोजित थी , में दो चित्र प्रदान किये . उनकी दोस्त लौइसिने एल्डर ने 1883 में,हैरी हवेमेयेर से शादी की और कसाट को सलाहकार मान कर ,इस दंपति ने एक भव्य पैमाने पर संस्कारवादियों को इकट्ठा करना शुरू किया. उनके ज्यादातर विशाल संग्रह अब न्यूयॉर्क शहर में मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में है.[35][26]उन्होंने उस अवधि के दौरान परिवार के सदस्यों के कई पोर्ट्रेट्स बनाये ,जिसमे पोर्ट्रेट आफ अलेक्जेंडर कसाट एंड हिस सन रॉबर्ट केल्सो (1885) का एक पोर्ट्रेट सर्वश्रेष्ठ माना जाता है . उनकी शैली तब विकसित हुई ,और वो संस्कारवाद से दूर होने लगी ,और एक सरल , और अधिक स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाने लगी . वह न्यूयॉर्क की गैलरीयों में भी अपने काम का प्रदर्शन करने लगी .1886 के बाद, उन्होंने किसी भी कला आंदोलन से खुद की पहचान नहीं की और विभिन्न तकनीकों के साथ प्रयोग किया.


बाद का जीवन[संपादित करें]

"अंडर द हौर्स चेस्टनट ट्री", ड्राईपॉइंट अंड एक्वाटिंट प्रिंट, 1898.

उनकी लोकप्रिय छवि , माँ और बच्चे के विषय पर, कठोरता से खींची गयी एक व्यापक श्रृंखला, नम्रता से बनाई गयी , पर बड़े पैमाने पर अभावुक चित्रों और प्रिंटस पर आधारित है, . इस विषय पर एक काम है ड्राईपॉइंट 'गार्डनर हेल्ड बाय हिस मदर ' (एक छाप जिस पर खुदा है "जनवरी /88" ,अब न्यूयॉर्क पब्लिक लाईब्रेरी में है),[36] हालांकि इस विषय पर वो पहले भी कुछ काम कर चुकी थी .इनमें से कुछ काम उनके अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, या ग्राहकों को दर्शाता है ,हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने वह आमतौर पर पेशेवर मॉडल इस्तेमाल किये अपनी रचनाओं में , जो अक्सर इतालवी पुनर्जागरणकाल के मैडोना और शिशु के प्रदर्शन की याद ताजा करते हैं .1900 के बाद,उन्होंने काफी हद तक केवल माँ और बच्चे के विषयों पर ही काम किया .[37][27]


1891 में, उन्होंने उच्च मूल रंग के ड्राईपॉइंट और एक्वाटिंटप्रिंट की एक श्रृंखला का प्रदर्शन किया ,'वूमन बाथिंग एंड द कोइफ्फुरे ' सहित ,जो की जापानी उस्तादों से प्रेरित थी , और पेरिस में एक वर्ष पहले दिखाई गयी थी .(देखिये जपोनीस्म) वो सादगी और जापानी डिजाइन की स्पष्टता और रंग के ब्लॉकों के कुशल उपयोग की ओर आकर्षित थी .अपने काम में ,उन्होंने मुख्यतः प्रकाश, नाजुक पेस्टेल रंग इस्तमाल किया और काले को टाला (छापकारों में निषेध रंग). स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के ए ब्रीस्किन ,ने नोट किया कि ये रंगीन प्रिंट, "अब उनके सबसे मौलिक योगदान के रूप में खड़ा है कि ... ग्राफिक कला के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए ... तकनीकी रूप से ,कलर प्रिंट्स के तौर पर , उनसे बेहतर काम कभी नहीं किया गया .[38][28]


बच्चे के स्नान मैरी कसाट, 1893, कैनवास पर तेल से (स्नान), कला संस्थान शिकागो की

इस 1890 का दशक उनका सबसे रचनात्मक और व्यस्त समय था . वह काफी ज्यादा परिपक्व हो गयी थीं और कूटनीतिक भी और विचारों में कम तीखी थी .वह अमेरिकी युवा कलाकारों के लिए एक आदर्श बन गयी जो उनसे सलाह मांगते थे . इनमें लुसी ए बेकन भी थी ,जिसे उन्होंने केमिली पिस्सर्रो से मिलवाया था .हालांकि संस्कारवादियों का समूह तितर बितर हो गया था ,पर उनका अभी भी, रेनोइर , मोनेट और पिस्सर्रो सहित कुछ सदस्यों के साथ संपर्क था .[29] जैसे ही नई सदी आई, उन्होंने कई प्रमुख कला संग्राहकों के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किया और कहा कि वे अंततः अपनी खरीद को अमेरिकी कला संग्रहालय के लिए दान करें . कला में उनके योगदान को मान्यता देने के लिए , फ्रांस ने 1904 में उन्हें ले'गिओं डी'होंनयूर से सम्मानित किया .यद्यपि वो अमेरिकी संग्राहकों सलाह देने में सक्रिय थी , पर अमेरिका में उनकी कला को मान्यता धीरे धीरे ही मिली . अमेरिका में अपने परिवार के सदस्यों में भी उन्हें थोडी मान्यता प्राप्त हुई , क्यूंकि वहाँ पर उनके प्रसिद्ध भाई को ही ज्यादा मान्यता मिलती थी .[40][30]


मैरी कसाट के भाई, अलेक्जेंडर कस्सट,( 1899 से अपनी मृत्यु तक पेंसिल्वेनिया रेलरोड का अध्यक्ष)की 1906 में मृत्यु हो गई. वो हिल गयी थी ,क्योंकि वो दोनों एक दूसरे के बहुत नज़दीक थे , लेकिन फिर भी उन्होंने 1910 तक बहुत काम किया .[41] 1900 से उनके काम में[31]बढ़ती भावुकता स्पष्ट है, उनका काम जनता और आलोचकों में लोकप्रिय था, लेकिन वह अब नया कुछ नहीं कर रही थी , और उनके संस्कारवादी सहयोगी ,जो उन्हें प्रोत्साहन और आलोचना प्रदान करते थे , अब कम हो रहे थे .वह कला में नए घटनाक्रम जैसे कि संस्कारवाद-पश्चात , फौविस्म और क्यूबिस्म की विरोधी थी .[42][32]


1910 में मिस्र की एक यात्रा ने अपनी प्राचीन कला की खूबसूरती से उन्हें प्रभावित किया ,लेकिन फिर आया रचनात्मकता का संकट; इस यात्रा ने उन्हें इतना थकाया कि उन्होंने कहा "कि वह खुद इस कला की शक्ति से कुचल चुकी हैं ,और कहा कि "मैं इसके खिलाफ लड़ी लेकिन यह जीत गयी , यह निश्चित रूप से सबसे बड़ी कला है जो हमें मिली है ... कैसे मेरे कमज़ोर हाथ कभी मुझ पर हुए असर को पेंट कर पाएंगे ."[43] 1911 में ,मधुमेह, गठिया, वातशूल और मोतियाबिंद के लक्षण पाए जाने पर, वो धीमी नहीं हुई , पर 1914 के बाद , वह पेंटिंग को रोकने के लिए मजबूर हो गयी ,क्यूंकि वो लगभग अंधी हो चुकी थी .फिर भी, उन्होंने महिला मताधिकार के कारण को उठाया, और 1915 में, इस आंदोलन का समर्थन करती एक प्रदर्शनी में अठारह कार्यों दिखाया.


14 जून, 1926 को उनका निधन पेरिस के पास,चटाऊ डे बेऔफ्रेसने ,में हुआ,और उन्हें फ्रांस में ,ला मेसनिल-थेरिबुस में , उनकी परिवारिक कोठरी में दफना दिया गया था . उनके चित्र 2.9 मिलीयन डॉलर में बेच दिए गए .


यह भी देखिये[संपादित करें]


नोट्स[संपादित करें]

  1. [6] ^ रॉबिन मॅककोन ,द वर्ल्ड आफ मेरी कसाट , थॉमस वाई क्रोवेल्ल कं., न्यूयार्क, 1972,पीपी. 10-12, आईएसबीएन 0-690-90274-310-12, ISBN 0-690-90274-3
  2. [7] ^ मैथ्यूज, 1994,पी.26
  3. [8] ^ मैथ्यूज, 1994,पी.18
  4. [9] ^ मॅककोन , 1974, पी. 16
  5. [10] ^ मैथ्यूज, 1994, पी,29
  6. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Mathews.2C_1994.2C_p._31 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  7. [13] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.32
  8. [14] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.54
  9. [16] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.54
  10. [18] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.75
  11. [19] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.74
  12. [20] ^ मॅककोन , 1974, पी.36
  13. [21] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.76
  14. [22] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.79
  15. [23] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.87
  16. [24] ^ मैथ्यूज, 1998, पीपी. 104-105104-105
  17. [25] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.96
  18. [26] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.100
  19. [27] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.[107].
  20. [28] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.114
  21. [30] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.125
  22. [31] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.163
  23. [32] ^ मॅककोन , 1974, पीपी. 63-64
  24. [33] ^ मॅककोन , 1974, पी. 73
  25. [34] ^ मॅककोन, 1974, पीपी. 72-73
  26. [35] ^ मैथ्यूज, 1994, पी.167
  27. [37] ^ नेशनल म्यूज़ीयम आफ अमेरिकन आर्ट, 1985, पी. 106
  28. [38] ^ मॅककोन , 1974, पीपी. 124-126.
  29. [39] ^ मॅककोन , 1974, पी. 155.
  30. [40] ^ मॅककोन , 1974, पी. 182.
  31. [41] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.281
  32. [42] ^ मैथ्यूज, 1998, पी.284


संदर्भ[संपादित करें]

  • मैथ्यूस , नैन्सी मोवल ,मैरी कसाट: अ लाईफ , 1998, येल यूनिवर्सिटी प्रेस. आईएसबीएन 0-300-07754-8ISBN 0-300-07754-8
  • मॅककोन , रोबिन, द वर्ल्ड आफ मेरी कसाट , थॉमस वाई क्रोवेल्ल कं., न्यूयार्क, 1972 की. आईऍसबीऍन 0690902743
  • नेशनल म्यूज़ीयम आफ अमेरिकन आर्ट (यू.एस.)& क्लोस, डब्ल्यू .(1985)ट्रेसर्स फ्राम द नेशनल म्यूज़ीयम आफ अमेरिकन आर्ट .वॉशिंगटन:नेशनल म्यूज़ीयम आफ अमेरिकन आर्ट आईऍसबीऍन 0874745950
  • पौलौक,ग्रिसेल्दा ,लुकिंग बैक टू द फयूचर . जी & बी 2001. आईऍसबीऍन 90-5701-132-8
  • व्हाइट, जॉन एच., जूनियर (स्प्रिंग 1986), अमेरिका'स मोस्ट नोटवर्दी रेलरोडर्स, रेलरोड हिस्ट्री ,रेलवे एंड लोकोमोटिव हिस्टोरिकल सोसायटी,154,पी.9-15.(सिकंदर कसाट के साथ परिवार के रिश्ते का उल्लेख है)


बाहरी संबंध[संपादित करें]

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