मूल (फलन के)

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गणित में किसी फलन का मूल वह संख्या होती है जिस पर उस फलन का मान शून्य हो जाता है। इसे 'फलन का शून्य' या 'फलन का हल' भी कहते हैं। किसी फलन के शून्य, एक, या एक से अधिक, मूल हो सकते हैं। उदाहरण के लिये निम्नलिखित फलन को देखिये-

    f(x)=x^2-6x+9 \,.

फलन ƒ का एक मूल 3 है क्योंकि x=3 के लिये फलन का मान निकालने पर शून्य प्राप्त होता है।

    f(3) = 3^2 - 6(3) + 9 = 0.\

इन्हें भी देखें[संपादित करें]