मनोभ्रंश रोग
मनोभ्रंश (डिमेंशिया) से ग्रस्त व्यक्ति की याददाशत भी कमज़ोर हो जाती है। वे अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाते। कभी-कभी वे यह भी भूल जाते हैं कि वे किस शहर में हैं, या कौनसा साल या महीना चल रहा है। बोलते हुए उन्हें सही शब्द नहीं सूझता। उनका व्यवहार बदला बदला सा लगता है, और व्यक्तित्व में भी फ़र्क आ सकता है।
मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) दिमाग की क्षमता का निरंतर कम होना है। यह दिमाग की बनावट में शारीरिक बदलावों के परिणामस्वरूप होता है। ये बदलाव स्मृति, सोच, आचरण तथा मनोभाव को प्रभावित करते हैं। एलसायमर रोग मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) की सबसे सामान्य किस्म है। मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) की अन्य किस्में हैं- नाड़ी संबंधी डिमेंशिया, लुई बाड़िस वाला डिमेंशिया तथा फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया शामिल हैं।
वास्त्व में मनोभ्रंश किसी विशेष बीमारी का नाम नहीं, बल्कि के लक्षणों के समूह का नाम है, जो मस्तिष्क की हानि से सम्बंधित हैं। “Dementia” शब्द “de” (without) और “mentia” (mind ) को जोड़ कर बनाया गया है।
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ये सब मनोभ्रंश नहीं हैं [संपादित करें]
यह समझना बहुत ज़रूरी है कि मनोभ्रंश मंदबुद्धि (mental retardation) नहीं है। यह सन्निपात, उन्माद या संकल्प प्रलाप (delirium) नहीं है। यह पागलपन (insanity) नहीं है। यह अम्नीसिया (स्मृतिलोप, स्मृतिभ्रंश, amnesia) नहीं है। मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) उम्रवृद्धि प्रक्रिया का साधारण भाग नहीं है।
कारण [संपादित करें]
हमें अब तक यथार्थत: यह पता नहीं है कि मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) किस कारण होता है। किसी एक अकेले कारण को एलसायमर रोग के लिए कारण के रूप में बतलाया नहीं गया है। यह संभव है कि आयु, आनुवांशिक विरासत और परिस्थितियों को शामिल कर संसर्ग कारक इसके लिए जिम्मेवार हैं। नाड़ी संबंधी डिमेंशिया दिमाग के लिए आपूर्ति करने वाली रक्त नसों को क्षति पहुंचने से होता है। धूम्रपान करने या उच्च रक्तचाप वाले लोगों में, रक्त में चर्बी की बहुत मात्रा होने वाले लोगों में या मधुमेह रोग से ग्रस्त लोगों में नाड़ी संबंधी डिमेंशिया विकसित होने का खतरा होता है। लुई बाड़िस वाले डिमेंशिया और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया के कारण वर्तमान में अविदित हैं।
मनोभ्रंश रोग किसे होता है? [संपादित करें]
सभी जातीय वर्गों के लोगों तथा ह र प्रकार की बौद्धि क्षमता वाले लोगों को मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) हो सकता है। हालांकि यह 65 की आयु से अधिक वाले लोगों में ज्यादा सामान्य है, यह 45 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले लोगों को भी प्रभावित कर सकता है।
लक्षण [संपादित करें]
मनोभ्रंश के लक्षण कई रोगों के कारण पैदा हो सकते है क्योंकि ये सभी रोग मस्तिष्क की हानि करते हैं, और क्योंकि हम अपने सब कामों के लिए अपने मस्तिष्क पर निर्भर हैं। साल दर साल मनोभ्रंश से ग्रस्त व्यक्ति की स्थिति अधिक खराब होती जाती है, और बाद की अवस्था में उन्हें साधारण से साधारण काम में भी दिक्कत होने लगती है, जैसे कि चल पाना, बात करना, या खाना ठीक से चबाना और निगलना, और वे छोटी से छोटी चीज़ के लिए भी निर्भर हो जाते हैं. वे बिस्तर पर पड़ जाते है, और उनका अंतिम समय आ जाता है।
जब व्यक्ति में लक्षण नज़र आने शुरू होते हैं तो आस-पास के लोग–परिवार-वाले, दोस्त और प्रियजन, सहकर्मी, पडोसी–यह समझ नहीं पाते कि व्यक्ति इस अजीब तरह से क्यों पेश आ रहा है. कभी व्यक्ति परेशान या भुलक्कड लगता है, तो कभी सहमा हुआ, तो कभी झुन्झुलाया हुआ या बेकार गुस्सा करता हुआ. परिवार वाले इन लक्षणों को सामान्य बुढ़ापा समझ कर नज़र-अंदाज़ करने की कोशिश करते हैं, पर मनोभ्रंश का होना उम्र बढ़ने का सामान्य अंग नहीं है. मनोभ्रंश के लक्षण बीमारी के कारण उत्पन्न होते है.
नीचे दी हुई सूची एक संकेतक सूची है। मनोभ्रंश से प्रभावित व्यक्ति में, रोग के बढते साथ ज्यादा और अधिक गंभीर लक्षण नज़र आते हैं। (याद रखें कि हर व्यक्ति में अलग अलग लक्षण नज़र आते हैं. एक व्यक्ति में यह सब लक्षण हों, यह ज़रूरी नहीं, और यह भी ज़रूरी नहीं कि यदि कोई ये लक्षण दिख रहे है तो उस व्यक्ति को मनोभ्रंश है–यह जांच तो डॉक्टर ही कर सकते हैं)
मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) प्रगतिशील है, जिसका अर्थ है कि लक्षण धीरे-धीरे और बुरे होते जायेंगे, परंतु यह अलग-अलग व्यक्ति पर निर्भर करता है कि उसमें लक्षण कितनी जल्दी तथा कौन सी किस्मों में और बुरे होते जायेंगे। मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) से ग्रस्त हर व्यक्ति भिन्न है।
सामान्य लक्षणों में निम्नलिखित लक्षण शामिल हैं:
- धीरे-धीरे स्मरण शक्ति का कम होना
- कथनों या प्रश्नों को दुहराना
- परिचित कार्यों को करने में कठिनाई
- पैसों का प्रबन्धन करने में कठिनाई
- पहल-शक्ति का कम होना
- निर्णय लेने की क्षमता में बिगाड़
- समय और स्थान का संभ्रम
- व्यक्तित्व में बदलाव
- स्वभाव या आचरण में बदलाव
- भाषा के साथ मुश्किलें
- गाड़ी चलाने की योग्यताओं में बिगाड़
- वस्तुओं को गलत जगह पर रखना
धीरे-धीरे, दिमाग के अधिकांश प्रकार्य प्रभावित होते हैं। अंत में, मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) से ग्रस्त लोगों को वस्त्र बदलने, शौचालय जाने, नहाने तथा खाने जैसी दैनिक गतिविधियों में सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
अन्य [संपादित करें]
- ज़रूरी चीज़ें भूल जाना, खासकर हाल में हुई घटनाएँ (जैसे, नाश्ता करा था या नहीं)
- पार्टी का आयोजन न कर पाना, छोटी छोटी समस्याओं को भी न सुलझा पाना
- साधारण, रोज-मर्रे के काम करने में दिक्कत महसूस करना
- गलत किस्म के कपडे पहनना, कपडे उलटे पहनना, साफ़-सुथरा न रह पाना
- यह भूल जाना कि तारीख क्या है, कौनसा महीना है, साल कौनसा है, व्यक्ति किस घर में हैं, किस शहर में हैं, किस देश में
- किसी वस्तु का चित्र देखकर यह न समझ पाना कि यह क्या है
- नंबर जोड़ने और घटाने में दिक्कत, गिनती करने में दिक्कत
- बोलते या लिखते हुए गलत शब्द का प्रयोग करना
- चीज़ों को गलत, अनुचित जगह पर रख छोडना (जैसे कि घडी को, या ऑफिस फाइल को फ्रिज में रख देना)
- कुछ काम शुरू करना, फिर भूल जाना कि क्या करना चाहते थे, और बहुत कोशिश के बाद भी याद न कर पाना
- बड़ी रकम को फालतू की स्कीम में डाल देना, पैसे से सम्बंधित अजीब निर्णय लेना, लापरवाही या गैरजिम्मेदारी दिखाना
- अपने आप में गुमसुम रहना, मेल-झोल बंद कर देना, चुप्पी साधना
- छोटी-छोटी बात पर, या बिना कारण ही बौखला जाना, चिल्लाना, रोना, इत्यादि
- किसी बात को या प्रश्न को दोहराना, जिद्द करना, तर्क न समझ पाना
- बात बेबात लोगों पर शक करना
उपचार [संपादित करें]
यदि आप अपने बारे में या अपने किसी जानने वाले के बारे में चिंतित हैं, तो आपको क्या करना चाहिए? यह आवश्यक है कि सीधे कोई निष्कर्ष ना निकालें। संभ्रम या बार-बार भूलते रहने का यह अर्थ नहीं है कि आपको या आपके किसी प्रिय को मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) है। कई अन्य उपचारयोग हालात जैसे कि संदूषण, दवाईयों के बुरे प्रभाव और विषाद ऐसी समस्याओं को उत्पन्न कर सकते हैं।
प्रथमत: [संपादित करें]
अपने पारिवारिक चिकित्सक (जी पी) से संपर्क करें और अपनी चिंताओं पर विचार-विमर्श करें। सम्पूर्ण शारीरिक, तंत्रिका-विज्ञान संबंधी और सामाजिक जांच के लिए अनुरोध करें। अपनी निरीक्षण मुलाकात से पहले समस्याओं की सूची को लिखें और निरीक्षण मुलाकात के लिए अपने साथ किसी को ले जायें। आपका जी पी रोगनिदान को प्रमाणित करने में सहायता के लिए किसी विशेषज्ञ के लिए अनुरोध कर सकता/सकती है।
ऐसा कोई भी एकमात्र निश्चित परीक्षण नहीं है जो यह दर्शाये कि कोई मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) से ग्रस्त है। मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) का निदान केवल लक्ष्णों के अन्य संभव कारणों को अस्वीकार करने के द्वारा ही किया जा सकता है। इसलिए एक सम्पूर्ण चिकित्सा जांच आवश्यक है।
द्वितीयत: [संपादित करें]
समर्थन, सूचना एवं शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपनी स्थानीय एलजायर्स संस्था से संपर्क करें। हालांकि, मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) के अधिकांश कारणों का कोई इलाज नहीं है, परंतु बहुत सी मदद उपलब्ध है। कुछ लोगों के लिए थोड़ी अवधि के लिए कुछ लक्ष्णों को कम करने हेतु दवाई उपलब्ध है। यह आवश्यक है कि आप आरम्भ में ही सहायता की तलाश करें।
मनोभ्रंश और स्मृतिलोप में अन्तर [संपादित करें]
मनोभ्रंश एवं स्मृतिलोप दो अलग-अलग रोग हैं। इनके सामान्य लक्षण मिलते-जुलते हैं।
- स्मृतिलोप होने पर तथ्यों, सूचनाओं एवं व्यक्तिगत अनुभव से सम्बन्धित स्मृति (मेमोरी) बहुत कमजोर हो जाती है। 'स्ट्रोक', इन्सेफ्लाइटिस, ट्यूमर आदि के द्वारा मस्तिष्क के क्षतिग्रस्त होने से स्मृतिलोप का रोग होता है। इसे 'जैविक स्मृतिलोप' कहते हैं। अत्यन्त अधिक तनाव (stress) या मनोवैज्ञानिक टौमा के कारण जो स्मृतिलोप होता है उसे 'डिसोसिएटिव अम्नेसिया' कहते हैं। इसमें संज्ञानात्मक समस्याएँ नहीं होतीं जो मनोभ्रंश की दशा में होती हैं।
- किन्तु मनोभ्रंश कोई रोग नहीं है बल्कि मस्तिष्क के कार्य का ह्रास है, जैसे- संज्ञान (cognition), स्मृति, भाषा-क्षमता आदि। अलजाइमर रोग (Alzheimer's disease), लेवी बॉडी डिमेंशिया (Lewy body dementia), वस्क्युलर डिमेंशिया (vascular dementia) तथा फ्रॉन्टोटेम्पोरल डिमेंशिया (frontotemporal dementia) आदि इसके कुछ प्रकार हैं। ६० से भी अधिक तरह के मनोभ्रंश होते हैं। यद्यपि मनोभ्रंश ही दशा में स्मृतिक्षीणता (memory loss) होना आम बात है, किन्तु यह जरूरी नहीं है कि मनोभ्रंश की सभी दशाओं में स्मृतिक्षीणता हो ही। संज्ञानात्मक विकार हैं - भाषाई क्षमता में ह्रास, पढ़ने-लिखने की क्षमता का ह्रास, गणितीय क्षमता का ह्रास, चित्र बनाने की क्षमता का ह्रास, परिचित चीजों का उपयोग न कर पाना, खो जाना (रास्ता भूल जाना), परिचित चेहरों या चीजों को भी न पहचान पाना।
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
- स्मृतिलोप (Amnesia)
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- मनोभ्रंश केयर नोट्स - मनोभ्रंश और देखभाल संबंधी जानकारी, सुझाव, संसाधन, और परिवारों के इंटरव्यू
- पढ़ने-पढ़ाने से दूर होता है स्मृतिलोप
- भूलने की आदत है मनोभ्रंश की निशानी (वेबदुनिया)
- बिना औषधि से भी ठीक हो सकता है मनोभ्रंश (जोश)
- BBC Headroom: Living with Dementia
- The Dementia Centre - Information provided by PSS (Personal Services Society). Provides information and support to people with dementia, their carers, and health professionals.
- Alzheimer's Research Trust - What is dementia? - Information produced by the Alzheimer's Research Trust including statistics.
- Alzheimer's Society - About dementia - Information produced by the Alzheimer's Society including factsheets and support.
- The Dementia Services Development Centre, University of Stirling
- Dementia tutorial for U.K. practitioners by the Alzheimer's Society
- Understanding Dementia: a primer of diagnosis and management
- AlzOnline - AlzOnline provides education, information, and support to persons caring for someone with Alzheimer's disease or a related memory problem.
- Medicinenet
- Understand Pain and Dementia tutorial from the Occupational Therapy Department at the University of Alberta
- Concise Guidelines to Better Practice The Assessment of Pain in Older Person - British Pain Society (2007)
- मनोभ्रंश (The Royal College of Physicists)