मंगोलों का गुप्त इतिहास

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सन् १९०८ में चीनी भावचित्र लिपि में लिखी मंगोल भाषा में 'मंगोलों का गुप्त इतिहास' की एक प्रति

मंगोलों का गुप्त इतिहास (प्राचीन मंगोल: Monggol-un Nigucha Tobchiyian.png, मोंगग़्योल निग़ुचा तोबचियान; अंग्रेज़ी: Secret History of the Mongols) मंगोल भाषा की सबसे पुरानी साहित्य कृति है जो आधुनिक काल तक उपलब्ध है। चंगेज़ ख़ान की सन् १२२७ में हुई मृत्यु के बाद यह किसी अज्ञात लेखक द्वारा मंगोल शाही परिवार के लिए लिखी गई थी। माना जाता है कि इसे सबसे पहले प्राचीन मंगोल लिपि में लिखा गया था हालाँकि वर्तमान तक बची हुई इसकी प्रतियाँ सभी चीनी भावचित्रों में या उस से लिप्यान्तरण करके बनी हैं। यह चीनी लिपि में आधारित प्रतियाँ १४वीं शताब्दी में मिंग राजवंश द्वारा 'युआन राजवंश का गुप्त इतिहास' के नाम से मंगोल लिपि से लिप्यान्तरण करके बनवाई गई थी।[1]

'गुप्त इतिहास' चंगेज़ ख़ान के जीवन का सबसे अहम मंगोल-कृत बखान माना जाता है। भाषाविज्ञान के नज़रिए से यह पुरानी मंगोल भाषा पर अध्ययन करने का एक अच्छा स्रोत भी है।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Cambridge History of China: Alien Regimes and Border States, 907-1368, Herbert Franke, Cambridge University Press, 1994, ISBN 978-0-521-24331-5, ... The Secret history The Mongols' most important record of their own early history is the so-called Secret history of the Mongols, usually called in Chinese Yuan ch'aopi shih (Secret history of the Yuan dynasty) ...
  2. Igor de Rachewiltz, The Secret History of the Mongols: A Mongolian Epic Chronicle of the Thirteenth Century (Brill: Leiden, The Netherlands) at xxvi.