ब्रिटिशकालीन भारतीय सिक्के

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ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सूरत में सन् १६१२ में आरम्भिक निवास बनाया और सत्रहवीं शदी के मध्य से सिक्के बनाना आरम्भ किया। आरम्भिक यूरोपीय सिक्के उनके न्यायाधिकारक्षेत्र के बाहर प्रचलित नहीं थे। सन् १७१७ में अंग्रेजों ने मुगल सम्राट के नाम पर अपना खुद का रूपया छापने का अधिकार प्राप्त कर लिया।

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