फायर अलार्म (अग्नि सचेतक)

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एक स्ट्रोब लाईट के साथ फायर अलार्म अधिसूचना उपकरण.

स्वचालित फायर अलार्म सिस्टम का निर्माण दहन से जुड़े पर्यावरणीय बदलावों पर निगरानी रखकर आग की अवांछित मौजूदगी का पता लगाने के लिए किया गया है। आम तौर पर एक फायर अलार्म सिस्टम को अपने आप चालू होने वाले या हाथ से चालू होने वाले या दोनों तरह के सिस्टम के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। स्वचालित फायर अलार्म सिस्टम का इस्तेमाल आग लगने या अन्य किसी आपातकालीन घटना के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए, आपातकालीन सेवाओं को बुलाने के लिए और आग एवं धुएं पर काबू पाने के लिए संरचना और उससे जुड़े सिस्टमों को तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

डिजाइन[संपादित करें]

आम तौर पर उपयुक्त मॉडल बिल्डिंग कोड, बीमा एजेंसियों और अन्य प्राधिकारियों के आदेश के अनुसार संरक्षण के न्यूनतम स्तरों के सन्दर्भ के माध्यम से आग सुरक्षा लक्ष्यों के निर्धारण के बाद फायर अलार्म डिजाइनर इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक विशिष्ट घटकों, व्यवस्थाओं और इंटरफेसों को निर्दिष्ट करने का काम करता है। डिजाइन प्रक्रिया के दौरान इन प्रयोजनों के लिए विशेष रूप से बनाए गए उपकरणों का चयन किया जाता है और मानकीकृत इंस्टालेशन विधियों का पूर्वानुमान लगाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में एनएफपीए 72, द नेशनल फायर अलार्म कोड एक स्थापित और व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला इंस्टालेशन मानक है।

मौलिक कॉन्फ़िगरेशन[संपादित करें]

चित्र:Honeywellfirepanel.JPG
एक हनीवेल डेल्टानेट एफएस90 फायर अलार्म कंट्रोल पैनल.
  • फायर अलार्म कंट्रोल पैनल: यह घटक, जो कि इस सिस्टम का हब या केन्द्र है, इनपुट्स और सिस्टम की अखंडता की निगरानी करता है, आउटपुट्स को नियंत्रित करता है और जानकारी को प्रसारित करता है।
  • प्राथमिक विद्युत आपूर्ति: आम तौर पर बिना स्विच के 120 या 240 वोल्ट के अल्टरनेटिंग करंट स्रोत की आपूर्ति किसी कमर्शियल पावर यूटिलिटी से होती है। गैर-आवासीय अनुप्रयोगों में, फायर अलार्म सिस्टम और उसके घटकों को एक शाखा सर्किट अर्थात् परिपथ समर्पित होता है। "समर्पित शाखा सर्किटों" को लेकर "व्यक्तिगत शाखा सर्किटों" के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए जो केवल एक उपकरण को ऊर्जा की आपूर्ति करते हैं।
  • द्वितीयक (बैकअप) विद्युत आपूर्ति: इस घटक का इस्तेमाल प्राथमिक विद्युत के विफल होने की स्थिति में ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए किया जाता है जिसमें आम तौर पर जनरेटर सहित मोहरबंद सीसा-अम्ल भण्डारण वाली बैटरियां या अन्य आपातकालीन स्रोत होते हैं।
  • आरंभक उपकरण: यह घटक फायर अलार्म कंट्रोल यूनिट के लिए एक इनपुट की तरह काम करता है और यह हाथ से या अपने आप चालू होता है। जैसे, पुल स्टेशन या स्मोक डिटेक्टर.
  • अधिसूचना उपकरण: यह घटक फायर अलार्म सिस्टम या अन्य संग्रहित ऊर्जा स्रोत से आपूर्तित ऊर्जा का इस्तेमाल निकटवर्ती व्यक्तियों को कार्रवाई करने की सूचना देने के लिए करता है, जिसमें आम तौर पर जगह खाली करना शामिल होता है। इस काम को करने के लिए फ्लैशिंग लाइट, स्ट्रोब लाइट, इलेक्ट्रोमेकैनिकल हॉर्न, स्पीकर या इनमें से कुछ या सभी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • इमारत सुरक्षा इंटरफेस: यह इंटरफेस, वायु गतिविधि, लाइटिंग, प्रक्रिया नियंत्रण, मानव स्थानांतरण और निकास को प्रभावित करके फायर अलार्म सिस्टम को निर्दिष्ट माहौल के पहलुओं पर काबू पाने और आग के लिए इमारत को तैयार करने और धुएँ और आग को फैलने से रोकने की अनुमति देता है।

आरंभक उपकरण[संपादित करें]

  • हाथ से चालू किए जाने वाले उपकरण; ब्रेक ग्लास स्टेशन, बटन और हस्तचालित पुल स्टेशन का निर्माण इस तरह से किया जाता है कि तुरंत उनकी स्थिति का पता लगाया जा सके (निकास के पास), उनकी पहचान की जा सके और उन्हें संचालित किया जा सके.
  • अपने आप चालू होने वाले उपकरण कई रूपों में मिल सकते हैं जिन्हें आग से जुड़े भौतिक बदलावों पर प्रतिक्रिया करने के इरादे से निर्मित किया जाता है: संवहनीय तापीय ऊर्जा; ताप डिटेक्टर, दहन उत्पाद; स्मोक डिटेक्टर, विकिरण ऊर्जा; फ्लेम डिटेक्टर, दहन गैस; कार्बन मोनो ऑक्साइड डिटेक्टर और बुझाने वाले एजेंटों का विमोचन; जल-प्रवाह डिटेक्टर. आधुनिक नवाचारों में कैमरों और कंप्यूटर एल्गोरिदम का इस्तेमाल देखने को मिल सकता है जिनकी सहायता से अन्य डिटेक्शन तरीकों के लिए अनुपयुक्त या प्रतिकूल अनुप्रयोगों में आग के दृश्य प्रभावों और गतिविधि का विश्लेषण किया जा सकता है।

सूचना उपकरण[संपादित करें]

चित्र:Honeywellspeakerv33.JPG
एक हनीवेल स्पीकर और एक स्पेस एज़ इलेक्ट्रॉनिक्स वी33 रिमोट लाईट.
  • अधिवासियों अर्थात् इमारत में रहने वालों को सचेत करने के लिए श्रव्य, दृश्य, स्पर्श, शाब्दिक या यहाँ तक कि घ्राण उत्तेजना (ओडोराइज़र) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।[1] अधिवासियों को सचेत करने के लिए आम तौर पर सबसे ज्यादा श्रव्य या दृश्य संकेतों का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें पहले से रिकॉर्ड किए गए निर्देशों या साथ-साथ सूचना देने के लिए स्पीकरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में, फायर अलार्म निकास संकेतों के लिए एक ही तरह के आवाज वाले उपकरणों के इस्तेमाल से अन्य संकेतों से भ्रमित होने से बचने के लिए एक मानकीकृत बाधित चार की गिनती वाली सामयिक पद्धति का इस्तेमाल करना पड़ता है। अन्य विधियों में शामिल हैं:
  • श्रव्य शाब्दिक उपकरण, जिन्हें फायर अलार्म सिस्टम के हिस्से के रूप में लगाया जाता है जिनमें इमरजेंसी वॉइस अलार्म कम्युनिकेशंस अर्थात् आपातकालीन आवाज़ सचेतक संचार (ईवीएसी) क्षमता शामिल होती है। आग या अन्य आपातकालीन परिस्थिति से जुड़ी कार्रवाई करने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अधिवासियों को सूचित करने के लिए उच्च विश्वसनीयता वाले स्पीकरों का इस्तेमाल किया जाता है। इन स्पीकरों को बड़े-बड़े केन्द्रों में लगाया जाता है जहाँ सामान्य अनिर्दिष्ट निकासी को अव्यावहारिक या अवांछनीय माना जाता है। स्पीकरों के संकेतों का इस्तेमाल अधिवासियों की प्रतिक्रिया को निर्देशित करने के लिए किया जाता है। इस सिस्टम या प्रणाली का नियंत्रण फायर वार्डन स्टेशन नाम से जाने जानेवाली इमारत के भीतर एक या अधिक स्थानों से या फायर कमांड सेंटर नामक इमारत वाले केवल किसी एक स्थान से किया जा सकता है। आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म सिस्टम के माध्यम से ये स्पीकर अपने आप चालू हो जाते हैं और एक पूर्व-चेतावनी ध्वनि देने के बाद ये निर्धारित स्पीकर अधिवासियों को सुरक्षा के निर्देश जारी करने के लिए एक या अधिक पूर्व रिकॉर्डेड संदेशों का संचार कर सकते हैं। इन संदेशों को एक या एक से अधिक भाषाओं में दोहराया भी जा सकता है। वास्तविक समय वाले आवाज़ निर्देश जारी करने या प्रसारित करने के लिए किसी समर्पित माइक्रोफोन को सक्रिय करने वाला और उसमें बोलने वाला प्रशिक्षित कर्मी स्वचालित संदेशों की पुनरावृत्ति को समाप्त कर सकता है।[2]

इमारत सुरक्षा इंटरफेस[संपादित करें]

चित्र:Couchpull.JPG
काउच 10" बेल से नीचे एस.एच. काउच एफ5जीएक्स नॉन-कोडेड फायर अलार्म पुल स्टेशन.
  • मैग्नेटिक स्मोक डोर होल्डर अर्थात् चुम्बकीय धूम्र द्वार धारक: ये दीवार या फर्श पर रखे गए वे सोलनॉइड या विद्युत चुम्बक हैं जिन्हें एक फायर अलार्म सिस्टम या डिटेक्शन घटक द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो चुम्बकीय दृष्टि से खुली स्थिति में स्प्रिंग युक्त अपने आप बंद होने वाले धूम्र तंग द्वारों को सुरक्षित करता है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि फायर कंट्रोल के आदेश पर या बिजली स्रोत, अंतरसंयोजन या नियंत्रक तत्व के विफल होने पर दरवाजे को अपने आप बंद करने की अनुमति देने के लिए अचुम्बकीत किया जा सके. एक स्प्रिंग या गुरुत्वाकर्षण के रूप में संग्रह करके रखी गई ऊर्जा तब निकासी और अग्नि शमन प्रयासों के दौरान दरवाजे के किसी भी तरफ से एक तर्कसंगत माहौल को बरकरार रखने की कोशिश में धुएँ को एक जगह से दूसरी जगह जाने के रास्ते को अवरुद्ध करने के लिए दरवाजे को बंद कर सकती है।
  • डक्ट माउंटेड स्मोक डिटेक्शन: स्मोक डिटेक्शन को इस तरह से रखा जाता है कि खास तौर पर वातानुकूलित रिक्त स्थानों में पर्यावरणीय हवा को स्थानांतरित करने के लिए निर्मित नलिका संरचना और अन्य बंद स्थानों के माध्यम से हवा के बहाव को नमूनीकृत किया जा सके. पंखा मोटर नियंत्रण परिपथों में अंतरसंयोजन का उद्देश्य हवा की हरकत को रोकना, अवमंदकों को बंद करना और आम तौर पर रहने योग्य स्थानों में आग की वजह से पैदा होने वाले जहरीले धुओं के पुनर्चक्रण की रोकथाम करना है।

यूके फायर अलार्म सिस्टम की श्रेणियाँ[संपादित करें]

यहाँ अलग-अलग प्रकार की इमारतों और अनुप्रयोगों में से प्रत्येक के लिए उपयुक्त कई प्रकार के फायर अलार्म सिस्टम हैं। कीमत और जटिलता दोनों दृष्टि से छोटी वाणिज्यिक संपत्ति में एक डिटेक्टर और साउंडर युक्त केवल एक पैनल वाले फायर अलार्म सिस्टम से लेकर किसी बहु-अधिभोगी इमारत में एक पता करने योग्य फायर अलार्म सिस्टम तक काफी भिन्नता हो सकती है। इन सिस्टमों का काम इमारतों और अधिवासियों दोनों को बचाना है।

जीवन की रक्षा करने के लिए बनाए गए फायर अलार्म सिस्टमों को "एल" के रूप में, इमारतों को बचाने के लिए बनाए गए फायर अलार्म सिस्टमों को "पी" के रूप में और हस्तचालित प्रणालियों को "एम" के रूप में वर्गीकृत किया गया है।[3]

एम हस्तचालित प्रणालियाँ, जैसे - हाथ से बजाई जाने वाली घंटियाँ, घंटे, इत्यादि. ये पूरी तरह से हस्तचालित या हस्तचालित-इलेक्ट्रिक हो सकती हैं और बाद वाले में कॉल बिन्दुएँ और साउंडर हो सकते हैं। ये प्रणालियाँ इमारत के उन अधिवासियों पर निर्भर करती हैं जिन्हें आग लगने का पता चलता है और जो इन प्रणालियों को चालू करके दूसरों को सचेत करते हैं। ऐसी प्रणालियाँ उन रोजगार स्थलों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं जहाँ सोने का कोई खतरा नहीं होता है।
पी1 इस तरह की प्रणालियों को पूरी इमारत में स्थापित किया जाता है जिसका उद्देश्य फायर ब्रिगेड को जितनी जल्दी हो सके बुलाना है ताकि आग की वजह से होने वाले किसी भी नुकसान को कम किया जा सके. छोटे और कम जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे एक वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली आलमारियों और शौचालयों को छोड़ा जा सकता है।
पी2 इमारत के उन हिस्सों में आग का पता लगाने वाली प्रणालियों की व्यवस्था करनी चाहिए जहाँ आग लगने का खतरा हो और/या जहाँ की सामग्रियां काफी कीमती हो. दूसरी श्रेणी की प्रणालियाँ इमारत के उन खास हिस्सों में आग का पता लगाती हैं जहाँ बहुत ज्यादा खतरा होता है या जहाँ व्यवसाय में आने वाली बाधा को कम करना बहुत जरूरी होता है।
एल1 एल1 श्रेणी की प्रणालियों को लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए तैयार किया गया है और जिनमें स्वचालित डिटेक्टर लगे होते हैं जिन्हें जल्द से जल्द संभावित चेतावनी देने के उद्देश्य से इमारत के हर क्षेत्र (छत पर स्थित खुली जगहों और अन्य खुली जगहों सहित) में लगाया जाता है। एल1 श्रेणी की प्रणालियाँ अधिकांश आवासीय देखभाल परिसरों के लिए उपयुक्त हो सकती हैं। व्यावहारिक दृष्टि से डिटेक्टरों को लगभग सभी जगहों और खाली जगहों में स्थापित किया जाना चाहिए. पहली श्रेणी की प्रणालियों से छोटी-मोटी जगहों को छोड़कर बाकी पूरी इमारत को कवर किया जाता है।
एल2 एल2 श्रेणी की प्रणालियों को लोगों की जिंदगी बचाने के लिए बनाया गया है और जिनमें स्वचालित डिटेक्टर लगे होते हैं जिन्हें निकलने वाले मार्गों, उनसे सटे कमरों और बहुत ज्यादा जोखिम वाले कमरों में लगाया जाता है। मध्यम आकार वाले परिसरों में (जहाँ दस से अधिक लोग नहीं सोते हैं), एल2 श्रेणी वाली प्रणाली का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। ये फायर अलार्म सिस्टम देखने में एल3 सिस्टम की तरह लगते हैं लेकिन इनके साथ उन क्षेत्रों में कुछ अतिरिक्त डिटेक्टर लगे होते हैं जहाँ आग लगने की बहुत ज्यादा सम्भावना होती है (जैसे रसोईघर) या जहाँ लोगों को बहुत ज्यादा जोखिम होता है (जैसे सोने का जोखिम).
एल3 इस श्रेणी के फायर अलार्म सिस्टम को हर किसी को पूर्व चेतावनी देने के लिए बनाया गया है। डिटेक्टरों को सभी निकास मार्गों और उन सभी कमरों में स्थापित किया जाना चाहिए जो निकास मार्गों पर खुले होते हैं। तीसरी श्रेणी की प्रणालियाँ चौथी श्रेणी की प्रणालियों की तुलना में बहुत ज्यादा सुरक्षा प्रदान करती हैं। इसका उद्देश्य इमारत के अधिवासियों को बहुत पहले चेतावनी देना है ताकि निकास मार्ग अवरुद्ध होने से पहले ही सभी लोग उस इमारत से निकलने में कामयाब हो सकें.
एल4 चौथी श्रेणी की प्रणालियाँ केवल निकास मार्गों और संचलन क्षेत्रों को कवर करती हैं। इसलिए डिटेक्टरों को निकास मार्गों में लगाना चाहिए हालाँकि जोखिम मूल्यांकन के आधार पर या इमारत के आकार और जटिलता को बढ़ाने पर यह संभवतः उपयुक्त नहीं होगा. डिटेक्टरों को इमारत के अन्य क्षेत्रों में भी लगाया जा सकता है लेकिन उनका उद्देश्य केवल निकास मार्ग की रक्षा करना ही होता है।
एल5 यह "अन्य सभी परिस्थितियां" की श्रेणी के लिए है, जैसे कंप्यूटर कक्ष, जिसे स्वचालित डिटेक्शन द्वारा चालू की जाने वाली एक शमन प्रणाली से बचाया जा सकता है। पांचवीं श्रेणी की प्रणालियाँ "कस्टम" श्रेणी की प्रणालियाँ हैं जिनका संबंध किसी अन्य श्रेणी की प्रणालियाँ द्वारा कवर न की जा सकने वाली किसी विशेष आवश्यकता से होता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • सक्रिय अग्नि सुरक्षा
  • फायर अलार्म कंट्रोल पैनल
  • फायर अलार्म अधिसूचना उपकरण
  • अग्नि सुरक्षा
  • अग्नि सुरक्षा समानक (इक्वीवेलेंसी) प्रणाली
  • मल्टिपल-अलार्म आग
  • एनएफपीए

संदर्भ[संपादित करें]

  1. NFPA 805 Performance-Based Standard for Fire Protection for Light Water Reactor Electric Generating Plants. Chapter 3 Fundamental Fire Protection Program and Design Elements: National Fire Protection Association. February 2001. 
  2. Cote, Arthur E. (March 2000). Fire Protection Handbook eighteenth edition. National Fire Protection Association. pp. 5–8. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-87765-377-1. 
  3. ""Fire Alarm System Categories"". Sdfirealarms.co.uk. http://www.sdfirealarms.co.uk/shop/firealarmsystems-a-7.html. अभिगमन तिथि: 2009-07-15. 

बाह्य कड़ियां[संपादित करें]