पंचरात्र

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पञ्चरात्र वैष्णव सम्प्रदाय के आगम ग्रन्थ हैं जो संस्कृत में हैं। 'पंचरात्र' का शाब्दिक अर्थ है - 'पाँच रातें' । पञ्चरात्र आगम रामानुज के श्रीवैष्णव सम्प्रदाय के सबसे महत्वपूर्ण ग्रन्थ हैं। इनके अन्तर्गत २०० से अधिक ग्रन्थ आते हैं जिनकी रचना तृतीय शताब्दी ईसापूर्व से लेकर ८५० ई तक की अवधि में हुई है।

'पञ्चरात्र' शब्द शतपथ ब्राह्मण में भी आया है। नारायण नें पाँच रातों तक एक यज्ञ किया।