नॉर्मन

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सन् 1130 तक नॉर्मनों द्वारा राज किये गए क्षेत्र (लाल रंग में)
इटली के आद्रानो शहर में बना एक पुराना नॉर्मन गढ़

नॉर्मन (अंग्रेज़ी: Norman) मध्यकाल के आरम्भ में उत्तरी फ़्रांस में लोगों की एक जाती थी जो उत्तरी यूरोप से आये वाइकिंग हमलावरों और स्थानीय (फ़्रैंक और गैलो-रोमन) जातियों का मिश्रण थे। यहाँ नॉर्मन जाती 10वी सदी की शुरुआत में उभरी और आने वाली सदियों में इसमें बदलाव आते रहे। इंग्लैण्ड, यूरोप और मध्य पूर्व के इलाक़ों पर इन्होने अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उत्तरी फ़्रांस का जो क्षेत्र उनकी मातृभूमि था उसे अब "नोरमांदी" (फ़्रांसिसी: Normandie) बुलाया जाता है।

भाषा और संस्कृति[संपादित करें]

यह लोग फ़्रांसिसी भाषा की "नॉर्मन फ़्रांसिसी" नाम की उपभाषा बोलते थे, जिसमें काफ़ी साहित्य लिखा गया। उन्होंने भवन निर्माण की एक नयी रोमनॅस्क नामक शैली को जन्म दिया। उन्होंने दक्षिण इटली, इंग्लैण्ड और मध्य पूर्व में कई इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर के अपना राज चलाया। इंग्लैण्ड पर सन् 1066 के बाद चले नॉर्मन-शाही के दौर का सबसे पहला राजा विलियम विजयी था और उसके बाद अंग्रेज़ी भाषा में नॉर्मन फ़्रांसिसी के प्रभाव से बहुत तेज़ी से बदलाव आये और बहुत से फ़्रांसिसी शब्द हमेशा के लिए अंग्रेज़ी का हिस्सा बन गए।

व्यक्तित्व[संपादित करें]

11वीं सदी के एक जॅफ़्री मालातेरा नामक भिक्षु और इतिहासकार ने नॉर्मनों का बखान कुछ इस तरह किया -

चालाकी इनकी पहचान है, कुछ बड़ा मिलने के चक्कर में अपनी पुरानी धरोहर से घृणा करने वाले, फ़ायदा और ज़मीन की लालसा से भरे हुए, बेझिझक नक़ल करने वाले, बड़े दिल और लालच के बीच कहीं टिके हुए, यानि की इन दो विपरीत चीज़ों के मिश्रण वाले लोग थे। इनके मुख्य पुरुष ख़ासकर ठाठ से रहते थे क्योंकि वह चाहते थे के दुसरे उनके बारे में ऐसा समझें। ऊपर से इस नस्ल को फुसलाना आता था, बोलचाल की कला सीखकर उसमें इतने माहिर थे के बच्चे भी भाषण दे सकते थे, ऐसी नस्ल थी के क़ानून का डंडा न हो तो किसी को भी बेच खाए। अगर नसीब में मेहनत, भूख और सर्दी मिले तो आराम से बर्दाश्त करते थे, शिकार और चीलबाज़ी के शौक़ीन थे, घोड़ों से बहुत लगाव था और हर तरह के हथियार और युद्ध के अन्य सामान को बहुत पसंद करते थे।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]