देखो सो पाओ

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बाएँ तरफ़ का सॉफ़्टवेयर "देखो सो पाओ" तरीक़े पर आधारित है, जबकि बाएँ वाले में विशेष चिन्हों और भाषा के प्रयोग से बताना पड़ता है के कहाँ नया अध्याय शुरू हो रहा है और कहाँ लिखी को गाढ़ा होना चाहिए

देखो सो पाओ या विज़ीविग (अंग्रेज़ी: WYSIWYG) अभिकलन (यानि कम्पयूटर-सम्बन्धी विषयों) में किसी भी ऐसी प्रणाली को कहा जाता है जिसमें जो संपादकों और निर्माताओं को निर्माण करते समय स्क्रीन पर दिखता है ठीक वैसा ही पढ़ने या देखने वालों को स्क्रीन पर या छपने पर बाद में दिखता है। "देखो सो पाओ" सॉफ़्टवेयर बनाना अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन अगर यह उपलप्ध हो तो कम्पूटरों पर सामग्री बनाने वाले अपना काम अधिक गति से और कम ग़लतियों के साथ कर पाते हैं।

उदाहरण के लिए वर्डस्टार (WordStar) नाम का शब्द संसाधक (यानि वर्ड प्रोसैसर) 1980 के दशक के पहले भाग में काफ़ी लोकप्रिय था। इसमें अगर लिखाई के किसी हिस्से को गाढ़ा (बोल्ड) करा जाता तो स्क्रीन पर वह लिखी हलकी (यानि बिला बोल्ड की) लिखाई से अभिन्न लगती थी। केवल गाढ़ी लिखी के आगे "^B" का चिन्ह आ जाता था। यह सिर्फ छपने पर पता लगता था की लिखी के रंगरूप में ग़लतियाँ हुई हैं के नहीं। इसके विपरीत माइक्रोसॉफ़्ट वर्ड एक "देखो सो पाओ" प्रणाली पर आधारित है। अगर किसी लिखी को गाढ़ा किया जाता है तो वह लेखक को भी स्क्रीन पर गाढ़ा ही नज़र आएगा। जहाँ वर्डस्टार में आम था के लेखक रंगरूप में ग़लतियाँ करता था और बार-बार उन्हें छापकर सुधारता रहता था, माइक्रोसॉफ़्ट वर्ड में यह पूरा झंझट ही नहीं है। जो स्क्रीन पर दिखता है, लेख को बाद में पढ़ने वाले को वैसा ही दिखेगा और छपने पर ठीक वैसा ही छपेगा।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

"देखो सो पाओ" को अंग्रेज़ी में "व्हॉट यू सी इज़ व्हॉट यू गॅट" (what you see is what you get) कहा जाता है, जिसका छोटा रूप है "wysiwyg" जिसे विज़ीविग उच्चारित करते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]