डेल्टा फ़ोर्स (Delta Force)

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कंप्यूटर खेल के लिए डेल्टा फ़ोर्स (वीडियो खेल) देखें. फिल्म के लिए, द डेल्टा फ़ोर्स (फ़िल्म) देखें. वियतनाम युद्ध के काल के विशेष बलों के यूनिट के लिए प्रॉजेक्ट डेल्टा देखें
1st Special Forces Operational Detachment-Delta (Airborne)
US Army Special Operations Command SSI.svg
US Army Special Operations Command patch worn by Delta
सक्रिय November 21, 1977 - present
देश Flag of the United States.svg United States
शाखा United States Department of the Army Seal.svg US Army
प्रकार United States Special Operations Forces
भूमिका Versatile Special Operations Force, mainly trained for Counter-Terrorism
आकार Unknown
हिस्सा United States Special Operations Command Insignia.svg United States Special Operations Command
United States Army Special Operations Command
20px Joint Special Operations Command
Garrison/HQ Fort Bragg, North Carolina (35.12047,-79.363775)
उपनाम Delta Force, Delta
लड़ाई के दौरान प्रयोग Operation Eagle Claw
Operation Urgent Fury
Operation Just Cause
Operation Acid Gambit
Operation Desert Storm
Operation Restore Hope
Operation Gothic Serpent
Operation Enduring Freedom
Operation Iraqi Freedom

सामान्यतः डेल्टा, डेल्टा फ़ोर्स या संयुक्त राज्य अमेरिका के सुरक्षा विभाग द्वारा कॉम्बैट एप्लिकेशन्स ग्रुप (CAG) के रूप में विख्यात 1st Special Forces Operational Detachment-Delta (1st SFOD-D ) एक विशिष्ट अभियान सेना (SOF) है और संयुक्त विशेष अभियान कमान (JSOC) का अभिन्न अंग है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका की मुख्य आतंकवाद विरोधी इकाई है.

डेल्टा फ़ोर्स के प्रमुख कार्य हैं आतंकवाद का विरोध करना, विद्रोह को दबाना और राष्ट्रीय हस्तक्षेप वाले अभियान, हालांकि यह कई गुप्त मिशन संभालने में सक्षम एक अत्यंत बहुमुखी समूह है जो बंधकों को बचाने और छापों सहित बहुत कुछ करता है.[1]

इतिहास[संपादित करें]

1970 के दशक में घटित, प्रकाशित अनेक आतंकवादी घटनाओं के बाद अमेरिकी सरकार ने डेल्टा का गठन किया।

प्रमुख सैन्य और सरकारी अधिकारियों को इस प्रकार की यूनिट के मॉडल के बारे में 60 के दशक के आरम्भ में ही बता दिया गया था. अमेरिकी सेना के विशेष बलों के सदस्य चार्ल्स बेकविथ ने ब्रिटिश विशेष वायु सेवा (22 SAS रेजिमेंट) के विनिमय अधिकारी के रूप में काम किया था. अपनी वापसी पर, बेकविथ ने SAS-प्रकार की इकाई न होने पर सेना की नाज़ुकता पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की. उस समय के अमेरिकी विशेष बल अपारंपरिक युद्ध पर ध्यान केंद्रित करते थे लेकिन बेकविथ ने प्रत्यक्ष कार्रवाई और आतंकवाद का विरोध करने में महारत प्राप्त अत्यंत स्वायत्त टीमों की आवश्कता को पहचाना. उन्होंने सेना और सरकार के बड़े अधिकारियों को जानकारी दी जो शुरू में विशेष बलों के पदानुक्रम के बाहर कोई यूनिट बनाने के खिलाफ़ थे. अंत में, 70 के दशक के मध्य में आतंकवाद बढ़ने के साथ पेंटागॉन ने यूनिट बनाने के लिए बेकविथ को अनुमति दे दी.[2]

बेकविथ का अनुमान था कि इस नयी यूनिट को मिशन के लिए तैयार करने में उसे 24 महीने लगेंगे। इस बीच, 5वें विशेष बल समूह ने 1980 के शुरू में डेल्टा के पूरी तरह से लागू होने तक आतंकवाद का सामना करने के लिए एक छोटा सा दल ब्लू लाइट बनाया.

डेल्टा के गठन के कुछ समय बाद ही नवम्बर 4, 1979 को तेहरान, ईरान में अमेरिकी दूतावास में 53 अमेरिकियों को बंदी बना लिया गया.

ऑपरेशन ईगल क्लॉ यूनिट को सौंपा गया और आदेश दिया गया कि चोरी-छिपे देश में दाखिल होकर अप्रैल 24-25 और 25-26, 1980 की रातों में बलपूर्वक दूतावास से बंधकों को रिहा करवाए. उड़ान समस्याओं और दुर्घटनाओं के कारण ऑपरेशन रद्द कर दिया गया. असफलता के कारणों की जांच करने वाले समीक्षा आयोग ने ऑपरेशन में 23 समस्याएं पायी जिनमें विमान का अनजान मौसम से सामना, बहु सेवी घटक कमांडरों के बीच 

कमान और नियंत्रण की समस्याएं, हेलीकाप्टर और एक जमीन पर ईंधन भरने वाले टैंकर विमान के बीच टक्कर और यांत्रिक समस्याएं जिनके कारण मिशन दस्ता के लदान/ईंधन भरने की जगह को छोड़ने से पहले उपलब्ध हेलीकाप्टरों की संख्या आठ से घटकर पाँच (वांछित न्यूनतम से एक कम) हो गई.[3]


विफल ऑपरेशन के बाद अमेरिकी सरकार ने कई नई आतंकवाद विरोधी इकाइयों का गठन किया. 160वीं स्पेशल ऑपरेशन्स ऐविएशन रेजिमेंट (एयरबोर्न) जिसे नाइटस्टॉकर्स के नाम से भी जाना जाता है, उसका गठन विशेष रूप से ऑपरेशन ईगल क्लॉ जैसे मिशनों में डेल्टा के घुसने/बाहर निकलने के लिए किया गया था.

 समुद्री घटनाओं के लिए नौसेना की सील टीम सिक्स का गठन किया गया. अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं के आतंकवादी विरोधी आस्तियों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण के नियंत्रण और निगरानी के लिए जॉयन्ट स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड का गठन किया गया.

संगठन और संरचना[संपादित करें]

यूनिट यूएस आर्मी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड (USASOC) के अधीन है किन्तु जॉयन्ट स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड (JSOC) द्वारा नियंत्रित है.

  यूनिट के बारे में सभी जानकारी वस्तुतः अत्याधिक वर्गीकृत है और विशिष्ट अभियानों या संचालन के बारे में विवरण आम तौर पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होता. अनेक सूत्रों जिनमें कमान सार्जेंट मेजर एरिक एल हेनी (सेवानिवृत्त) की पुस्तक इनसाइड 

डेल्टा फ़ोर्स भी शामिल है, के अनुसार निम्न ऑपरेशनल ग्रुपों को मिलाकर यूनिट की जनशक्ति 800 से 1000 के बीच होने की संभावना है:


टुकड़ियों के नाम[संपादित करें]

  • डी - कमान और नियंत्रण (मुख्यालय)
  • ई - संचार, आसूचना और प्रशासनिक सहायता (इसमें वित्त, पारिस्थितिक, चिकित्सा टुकड़ी, अनुसंधान और विकास, प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स आदि शामिल है)
  • एफ - ऑपरेशनल शाखा (ऑपरेटरों का दल)
  • चिकित्सा टुकड़ी, फ़ोर्ट ब्रैग और देश में विभिन्न ठिकानों पर खुफ़िया तौर पर विशेष डॉक्टरों की व्यवस्था करती है ताकि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके.
  • ऑपरेशनल सपोर्ट ट्रूप या "द फ़नी प्लाटून," डेल्टा की आंतरिक आसूचना शाखा है. इंटेलिजेंस सपोर्ट एक्टीविटी से लंबे समय से चल रहे विवाद/प्रतिद्वंद्विता के कारण इसका जन्म हुआ। किसी देश की जानकारी प्राप्त करने के लिए वे डेल्टा के हस्तक्षेप से पहले ही घुसपैठ कर देते हैं।
  • एविएशन स्क्वॉड्रन, हालांकि परिचालन परिनियोजन और प्रशिक्षण अभ्यास से सामान लाने-ले जाने के लिए डेल्टा बहुत ज़्यादा 160वीं स्पेशल ऑपरेशन्स एविएशन रेजिमेंट और यूएस एयर फ़ोर्स पर निर्भर करती है, सीमित आंतरिक हवाई परिवहन के लिए यूनिट के भीतर एक छोटी विमानन स्क्वॉड्रन है. विमानन स्क्वॉड्रन में बारह AH-6 Attack और MH-6 Transport हेलिकाप्टर होते हैं (हालांकि इस संख्या में वृद्धि हो सकती है). यह ज्ञात नहीं है कि पायलटों की भर्ती एयर फ़ोर्स, 160th SOAR से की जाती है या वे हेलिकाप्टर पायलटों के रूप में प्रशिक्षित डेल्टा ऑपरेटर हैं.
  • ऑपरेशनल रिसर्च अनुभाग
  • प्रशिक्षण विंग

डेल्टा फ़ोर्स की संरचना ब्रिटिश 22 विशेष वायु सेवा रेजिमेंट, वह यूनिट जिसने डेल्टा के रचयिता चार्ल्स बेकविथ को प्रेरित किया, के समान है Not a Good Day to Die: The Untold Story of Operation Anaconda, Army Times के स्टाफ लेखक शॉन नेलर ने डेल्टा के करीब 1,000 ऑपरेटर होने का वर्णन किया है.[4] नेलर ने लिखा है कि उन लोगों में से लगभग 250 प्रत्यक्ष कार्रवाई और प्राथमिक आक्रमण मिशन के लिए प्रशिक्षित हैं.[4] इसमें तीन मुख्य परिचालनात्मक स्क्वॉड्रन हैं:

  • ए स्क्वॉड्रन
  • बी स्क्वॉड्रन
  • सी स्क्वॉड्रन

ये सभी स्क्वॉड्रन SAS के संगठन "सब्रे स्क्वॉड्रन" पर आधारित हैं और प्रत्येक में 75 से 85 ऑपरेटर शामिल हैं.[5] प्रत्येक सब्रे स्क्वॉड्रन को आगे तीन टुकड़ियों मे बांटा गया है, एक रेकी/स्नाइपर टुकड़ी और दूसरी प्रत्यक्ष लड़ाई/आक्रमण टुकड़ी जो टीम और चार से छह लोगों के छोटे समूहों में भी काम कर सकती है.

भर्ती एवं प्रशिक्षण[संपादित करें]

भर्ती[संपादित करें]

अधिकतर रंगरूट युनाइटेड स्टेट्स आर्मी स्पेशल फ़ोर्सेस और 75वीं रेंजर रेजिमेंट से आते हैं लेकिन कुछ ऑपरेटर सेना की अन्य यूनिटों से आए हैं.[6]

1990 के दशक से लेकर सेना ने 1st SFOD-D[7] की भर्ती के लिए नोटिस लगाए हैं,  कईयों का विश्वास है कि ये डेल्टा फ़ोर्स से संबंधित हैं.
 हालांकि सेना ने भर्ती के लिए कभी आधिकारिक तथ्य पत्र जारी नहीं किया है. फ़ोर्ट ब्रैग के अखबार, पैराग्लाइड  में भर्ती के लिए दी गई सूचना में डेल्टा फ़ोर्स का नाम से उल्लेख है और इसे नाम दिया गया है "...विविध अद्वितीय विशेष संचालन कौशल का परिशुद्ध प्रयोग करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता वाले मिशन का संचालन करने के लिए संगठित अमेरिकी सेना की  स्पेशल ऑपरेशन्स यूनिट..."[8]
नोटिस में कहा गया है कि सभी आवेदक पुरुष हों, E-4 से E-8 के रैंक में हों, कम से कम अढ़ाई साल की सेवा हो, 21 साल या अधिक उम्र के हों और आर्म्ड सर्विसेज़ वोकेशनल ऐप्टिटयूड बैटरी परीक्षा में अंक इतने उच्च हों कि प्रवेश के लिए विचारार्थ सत्र में भाग ले सकें.


ऐतिहासिक चयन प्रक्रिया[संपादित करें]

इनसाइड डेल्टा फ़ोर्स पुस्तक के अंदर एरिक हेनी ने प्रारम्भिक चयन कोर्स का विस्तार से वर्णन किया है.

हेनी लिखते हैं चयन पाठ्यक्रम मानक परीक्षा से शुरू हुआ जिसमें शामिल हैं: दंड बैठकें, उठक-बैठक और3 मील (4.8 किमी) दौड़. फिर चुने हुए उम्मीदवारों को भूमि नेविगेशन के कई पाठ्यक्रमों में से गुज़रना पड़ता है जिनमें18 मील (29 किमी) रात भर पीठ पर थैला उठाए भूमि नेविगेशन का एक पाठ्यक्रम भी शामिल है.40 पाउन्ड (18 किग्रा) 
 हर सफर के साथ थैले का वज़न बढ़ा दिया जाता है और कार्य को पूरा करने के लिए

समय के मानक घटा दिए जाते हैं.

शारीरिक परीक्षण एक मार्च के साथ समाप्त हुआ40 मील (64 किमी) जिसे पीठ पर थैला उठाए75 पाउन्ड (34 किग्रा) बहुत उबड़-खाबड़ इलाके से होते हुए एक अज्ञात समय में पूरा करना था.
 हेनी लिखते हैं कि केवल वरिष्ठ अधिकारी और चयन प्रभारी NCO को ही निर्धारित समय

सीमाएँ देखने की अनुमति है लेकिन सभी मूल्यांकन, चयन कार्य और शर्तें डेल्टा के प्रशिक्षण संवर्ग द्वारा तय की जाती हैं.[9][10]

परीक्षण का मानसिक भाग कई मनोवैज्ञानिक परीक्षाओं के साथ शुरू हुआ. तब पुरुषों को डेल्टा प्रशिक्षकों, यूनिट मनोवैज्ञानिकों और डेल्टा कमांडर के एक बोर्ड के सामने लाया गया जिन्होंने प्रत्येक उम्मीदवार से अनेक सवाल पूछे और उसे मानसिक रूप से थकाने के उद्देश्य से उसकी हर प्रतिक्रिया और व्यवहार की समालोचना की.
 उसके बाद यूनिट कमांडर ने उम्मीदवार से संपर्क करके उसे बताया कि वह चुना गया है या नहीं. अगर कोई व्यक्ति डेल्टा के लिए चुन लिया गया तो वह 6 महीने के एक गहन ऑपरेटर ट्रेनिंग कोर्स (OTC) के लिए गए जहां उन्होंने आतंकवाद का सामना करने और जवाबी खुफ़िया तकनीकें सीखीं. इसमें बन्दूक की सटीकता और विभिन्न अन्य हथियारों का प्रशिक्षण शामिल है.[10]

केन्द्रीय खुफ़िया एजेंसी की अत्यंत गोपनीय स्पेशल एक्टीविटीज़ डिवीज़न (SAD) और अधिक विशेष रूप से इसकी श्रेष्ठ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) अक्सर डेल्टा फ़ोर्स से ऑपरेटरों को भर्ती करते हैं.[11]


प्रशिक्षण[संपादित करें]

डेल्टा फ़ोर्स ने कभी कभी संबद्ध देशों की ऐसी ही यूनिटों जैसे आस्ट्रेलिया विशेष वायु सेवा रेजिमेंट, ब्रिटिश विशेष वायु सेवा और विशेष नाव सेवा, कनाडा, संयुक्त कार्यबल 2, फ्रेंच GIGN, जर्मन GSG 9 और इज़रायली सेयरट मट्कल के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया है.[12] उन्होंने अन्य अमेरिकी आतंकवाद विरोधी यूनिटों जैसे एफ़बीआई की होस्टेज रेस्क्यू टीम और नौसेना की DEVGRU के साथ भी प्रशिक्षण लिया है और प्रशिक्षण में उनकी मदद की है.

वर्दी[संपादित करें]

डेल्टा फ़ोर्स के बारे में जानकारी पर पेंटागॉन का कड़ा नियंत्रण है और वह इस बेहद गोपनीय यूनिट और इसकी गतिविधियों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से इंकार करता है.
डेल्टा ऑपरेटरों को अत्याधिक लचीलापन और स्वायत्तता प्रदान की जाती है. अपनी पहचान छुपाने के लिए वे शायद ही कभी वर्दी पहनते हों और आमतौर पर डयूटी के समय या बाद में असैनिक कपड़े ही पहनते हैं.[10] जब फौजी वर्दी पहनी जाती हैं तो उन पर चिह्न, उपनाम या शाखा का नाम नहीं होता.[10] उन्हें आम नागरिकों की तरह केशसज्जा और दाढ़ी रखने की अनुमति होती है ताकि वे घुल-मिल जाएं और सैन्य कर्मियों के रूप में पहचाने न जा सकें.[10][13]

ऑपरेशन्स और गुप्त कार्रवाई[संपादित करें]

डेल्टा को सौंपे गए बहुत से कार्य के उच्चकोटि के वर्गीकृत होते हैं और हो सकता है कि जनता को इनके बारे में कभी पता भी नहीं चले. हालांकि कुछ कार्यों का ब्यौरा सार्वजनिक हो गया है. ऐसे भी कई अवसर आए हैं कि डेल्टा तैयार हो और ऑपरेशन की योजना बना ली गई हो पर विभिन्न कारणों से यूनिट को हटा दिया गया हो. ज्ञात ऑपरेशन्स और परिनियोजन में शामिल है:

सेंट्रल अमेरिकी ऑपरेशन्स[संपादित करें]

डेल्टा ने सेंट्रल अमेरिका में सैल्वाडोरन क्रांतिकारी समूह फ़ैरबंडो मार्टी नेशनल लिबरेशन फ़्रन्ट से लड़ते हुए और केन्द्रीय खुफ़िया एजेंसी द्वारा निकारागुआ में पोषित कॉन्ट्राज़ की सहायता में व्यापक कार्रवाई की है.[10]

ऑपरेशन अर्जेंट फ़्यूरी[संपादित करें]

ग्रेनेडा में ऑपरेशन अर्जेंट फ़्यूरी के पहले दिन भोर के समय आयोजित डेल्टा का एक दूसरा मिशन रिचमंड हिल जेल पर हमला करके वहां बंदी राजनीतिक कैदियों को बचाना था.
एक पुराने अठारहवें सदी के किले के अवशेषों पर निर्मित जेल में तीनों तरफ़ से चलकर  प्रवेश नहीं किया जा सकता था सिवा खड़ी पहाड़ी पर घने जंगल के रास्ते को छोड़कर,

चौथी तरफ़ किनारे किनारे ऊँचे पेड़ों वाली संकरी सड़क से जाया जा सकता है.

 बढ़ती जा सकता है,  ओर उच्च इसके साथ चलने के पेड़ के साथ एक सड़क के संकीर्ण गर्दन द्वारा approachable है. जेल में हेलिकॉप्टर हमलावर सेना के उतरने की कोई सुविधा नहीं है. रिचमंड हिल के एक तरफ़ खड़ी घाटी है.  घाटी के पार और घाटी के ऊपर, एक उच्च चोटी पर एक और पुराना किला फ़ोर्ट फ़्रेडरिक है जिसमें ग्रेनेडियन गैरिसन है. फ़ोर्ट फ़्रेडरिक से, गैरिसन छोटे हथियारों और मशीन गनों से बड़ी आसानी से ढलानों और नीचे दर्रे के तल की कमान संभालती है. उस सुबह 6:30 बजे ग्रेनेडियन गैरिसन की गोलियों के तले इस घाटी में डेल्टा फ़ोर्स के
हेलिकाप्टरों ने उड़ान भरी.[कृपया उद्धरण जोड़ें]

टास्क फ़ोर्स 160 के हेलिकाप्टरों ने घाटी में उड़ान भरी और जेल का रुख किया. उतर न पाने के कारण, डेल्टा छापामारों ने हेलिकॉप्टरों के दरवाज़े से रस्सियां बांधकर नीचे उतरना शुरू किया. आदमी रस्सियों से बेतहाशा झूल रहे थे कि सामने से हेलिकॉप्टरों पर जानलेवा फ़ायरिंग शुरू हो गई क्योंकि जेल की सेना ने गोलियां चलानी शुरू कर दी थी, पीछे से और भी घातक, फ़ोर्ट फ़्रेडरिक में दुश्मन की सेनाओं ने ऊपर से छोटे हथियारों और मशीन गन से गोलियों की बौछार कर दी.

ग्रेनेडियन नागरिकों के आँखो देखे हाल के अनुसार, जो जा सकते थे वे हेलिकॉप्टर घाटी से बाहर चले गए. कम से कम एक दृष्टान्त में, एक हेलिकॉप्टर पायलट आदेश के बिना वापस चला गया और उसने हमले में उड़ने से इनकार कर दिया. नाइटस्टॉकर पायलट के खिलाफ़ डेल्टा के सदस्यों द्वारा कायरता का आरोप लगाया गया जो 

दर्ज होना चाहते थे लेकिन बाद में ये आरोप त्याग दिए गए.[14]

एरोपोस्टल उड़ान 252[संपादित करें]

जुलाई 29, 1984 को कराकास से कुराकाओ द्वीप को एरोपोस्टल उड़ान 252 का अपहरण कर लिया गया था.

दो दिन बाद डीसी-9 में विनीज़वीलियन कमांडो ने धावा बोलकर अपहर्ताओं को मार दिया.[15] धावे के दौरान डेल्टा फ़ोर्स ने सलाह प्रदान की.[16]

एकिले लॉरो अपहरण[संपादित करें]

एकिले लॉरो अपहरण के दौरान राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने अपहर्ताओं के कब्ज़े से पोत छुड़ाने के लिए संभाव्य बचाव प्रयास के लिए तैयार रहने के लिए नौसेना की सील टीम सिक्स और डेल्टा फ़ोर्स को साइप्रस में तैनात किया.


ऑपरेशन राउंड बोटल[संपादित करें]

हिज़्बुल्ला द्वारा पकड़े गए पश्चिम के नागरिकों को बचाने के लिए डेल्टा ने

बेरूत, लेबनान में घुसने के लिए तीन टीमों की एक ऑपरेशन की योजना बनाई लेकिन जब हथियारों के बदले में बंधकों को लौटाने की वार्ता सफल होने के आसार नज़र आने लगे तो कार्रवाई निरस्त कर दी गई.

 अंत में ईरान-कॉन्ट्रा संबंधो का खुलासा करने वाली लॉस एंजिल्स टाइम्स की कहानी से ऑपरेशन खत्म हो गया.[17]

ऑपरेशन हैवी शैडो[संपादित करें]

अपनी पुस्तक किलिंग पैब्लो में मार्क बॉडेन ने संकेत किया है कि हो सकता है कोलम्बिया के नशीली दवाओं के सरगना पैब्लो एस्कोबार का सफ़ाया

डेल्टा फ़ोर्स के किसी निशानेबाज़ ने किया हो.

हालांकि इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है और आम तौर पर कोलंबिया के सुरक्षा बलों को ही इसका श्रेय दिया जाता है.

=[संपादित करें]

ऑपरेशन जस्ट कॉज़ ===


अमेरिकी सेना द्वारा ऑपरेशन जस्ट कॉज़ से पहले स्पेशल ऑपरेशन्स फ़ोर्सेस को कई प्रमुख अभियान सौंपे गये थे.


ऑपरेशन एसिड गैम्बिट, पनामा सिटी की जेल कार्सेल मॉडेलो में बंदी कर्ट म्यूज़ को बचाकर लाने के लिए डेल्टा को सौंपा गया एक अभियान था.


डेल्टा को सौंपा गया एक और महत्वपूर्ण ऑपरेशन था जनरल मैनुअल एंटोनियो नरिएगा की गिरफ़्तारी के लिए ऑपरेशन निफ्टी पैकेज.

ऑपरेशन डेज़र्ट शील्ड / डेज़र्ट स्टॉर्म[संपादित करें]

 डेज़र्ट स्टॉर्म के दौरान डेल्टा को क्षेत्र में तैनात किया गया था और उसे कई जिम्मेदारियां सौंपी गयी थी. इन में शामिल थी सऊदी अरब मेंजनरल नॉर्मन श्वार्ज़कोफ को करीबी सुरक्षा प्रदान करने वाली नियमित सैन्य यूनिटों को समर्थन देना.
सेना संबंध अधिकारियों ने श्वार्ज़कोफ के अंगरक्षकों की बढ़ती संख्या को महत्वहीन सिद्द करने की कोशिश की. 

ब्रिटिश विशेष वायु सेवा और गठबंधन वाले दूसरे विशेष बलों के साथ स्कड मिसाइलों की तलाश का काम डेल्टा को भी सौंपा गया.


ऑपरेशन गॉथिक सरपेंट[संपादित करें]

3 अक्टूबर 1993 को डेल्टा फ़ोर्स के सदस्यों को ऑपरेशन गॉथिक सरपेंट के कूटनाम से यू.एस. आर्मी रेंजर्स के साथ मोगादिशू, सोमालिया में संघर्ष में भेजा गया था.

उन्हें मोहम्मद फ़राह आयदीद के अनेक शीर्ष सहयोगी और उच्च स्तर के कुछ अन्य लक्ष्यों को हासिल करने का काम सौंपा गया था RPGs द्वारा दो MH-60L ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर गिरा दिए जाने के बाद मिशन त्याग दिया गया. इसके परिणामस्वरूप लड़ाई छिड़ गई और पांच डेल्टा ऑपरेटरों (एक छठा कुछ दिन बाद मोर्टार फ़ायरिंग में मारा गया), छह रेंजरों, पाँच सेना विमानन चालक दल और दो 10वीं माउंटेन डिवीजन के सैनिकों की मौत हो गई. आयदीद क्षेत्र के कमांडर[18] के अनुमान के अनुसार सोमाली मौतों की संख्या 133 होगी और सोमालिया में अमेरिकी राजदूत के अनुमान के अनुसार यह संख्या 1500 से 2000 होगी.[19] 1999 में, लेखक मार्क बॉडेन ने पुस्तक प्रकाशित कीBlack Hawk Down: A Story of Modern War जिसमें अक्टूबर 3, 1993 को हुए मोगदिशू की लड़ाई के इतिहास की घटनाओं का ब्यौरा है.[13] पुस्तक में युद्ध से पहले घटित घटनाओं में डेल्टा फ़ोर्स की भागीदारी का संक्षेप में वर्णन है.[13] इस पुस्तक पर 2001 में निर्देशक रिडले स्कॉट ने एक फिल्म बनाई.

आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण[संपादित करें]

जनवरी 1997 में, जापानी राजदूत के निवास के अधिग्रहण के तुरंत बाद डेल्टा की छोटी अग्रिम टीम और ब्रिटिश एसएएस के छह सदस्यों को लीमा, पेरू भेजा गया था.[20]

विश्व व्यापार संगठन सिएटल[संपादित करें]

डेल्टा फ़ोर्स के सदस्य 1999 के सिएटल डब्ल्यूटीओ सम्मेलन की सुरक्षा, विशेष रूप से रासायनिक हथियार हमले के खिलाफ़ तैयारी में भी शामिल थे.[21]

ऑपरेशन स्थायी स्वतंत्रता[संपादित करें]

टोरा बोरा में डेल्टा फ़ोर्स और ब्रिटिश नाव सेवा के विशेष कमांडो.

डेल्टा फ़ोर्स सन् 2001 में अफ़गानिस्तान में तालिबान के खिलाफ़ आक्रमण में भी शामिल थी.[22] डेल्टा फ़ोर्स ने विशेष धावा यूनिट के कोर का गठन किया जो अक्टूबर 2001 के बाद से, ऑपरेशन स्थायी स्वतंत्रता की शुरुआत से उच्च मूल्य के लक्ष्य (HVT) के व्यक्तियों जैसे ओसामा बिन लादेन, अन्य प्रमुख अल कायदा और तालिबान नेतृत्व की तलाश कर रही है. ऐसा ही एक हवाई आक्रमण ऑपरेशन था कंधार हवाई पट्टी पर मुल्ला मोहम्मद उमर के मुख्यालय पर 75वीं रेंजर रेजिमेंट द्वारा समर्थित अभियान. हालांकि मोहम्मद उमर को पकड़ने का डेल्टा मिशन विफल हो गया, रेंजरों ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक हवाई पट्टी पर कब्जा कर लिया था.[23] . धावा बल को टास्क फ़ोर्स 11, टास्क फ़ोर्स 20, टास्क फ़ोर्स 121, टास्क फ़ोर्स 145 और टास्क फ़ोर्स 6-26 जैसे कई नाम दिए गए हैं. डेल्टा फ़ोर्स ने 2009 में पूर्वी अफ़गानिस्तान में भी अभियान बढ़ा दिए. DEVGRU के साथ SFOD-D ने आवश्यकता पड़ने पर पाकिस्तानी सीमा के साथ चलते हुए तालिबान के मजबूत गुट हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ़ अनेक विजय प्राप्त की हैं.[24]

ऑपरेशन इराकी फ्रीडम[संपादित करें]

यह तस्वीर मोसुल में उदय और कौसे के आखिरी स्टैंड के दौरान ली गयी थी. डेल्टा फ़ोर्स ऑपरेटरों को MICH हेलमेट पहने नियमित सैनिकों के सामने देखा जा सकता है.

ऐसे कई अभियानों में जिनमें माना जाता है कि डेल्टा फ़ोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उनमें से एक था 2003 में इराक पर आक्रमण.[25] उन्होंने कथित तौर पर गुप्त और अग्रिम रूप से बगदाद में प्रवेश किया. उनके कार्यों में शामिल था हवाई हमलों का मार्गदर्शन, चोरी-छिपे जानकारी इकट्ठा कर मुखबिरों के नेटवर्क का निर्माण और इराकी संचार लाइनों की तोड़-फोड़. वे अप्रैल 2004 में ऑपरेशन फ़ैंथम फ़्यूरी में भी सहायक थे जब उन्हें आमतौर पर निशानची के रूप में USMC कंपनियों के साथ संलग्न कर दिया गया था, इसका कारण अभी भी अज्ञात है.[26]

डेल्टा मोसुल की घेराबंदी में भी उपस्थित थे जिसमें उदय और कौसे हुसैन मारे गए थे, वे सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी और तलाश में भी शामिल थे. यह भी कहा गया है कि जून 7, 2006 को डेल्टा बकूबा के उत्तर में भूमि पर था अल ज़रकावी के निवास की चारदिवारी की निगरानी करते हुए. एक लंबी तलाश के बाद, डेल्टा ने ज़रकावी को देखा और हवाई हमले का बुलावा दे भेजा.[27]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

ग्रंथ सूची[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://www.military.com/Recruiting/Content/0,13898,rec_step02_special_forces,,00.html
  2. बेकविथ, Charles. "Delta Force", एवन पुस्तकें, 2000. (मास मार्केट पेपरबैक; मूल रचना 1983 में प्रकाशित हुई.) ISBN 0-380-80939-7
  3. Gabriel, Richard A. 1985). Military Incompetence: Why the American Military Doesn't Win, Hill and Wang, ISBN 0-374-52137-9, pp. 106-116. कुल मिलाकर, हॉलॉवे आयोग ने टास्क फ़ोर्स की तदर्थ प्रकृति और अत्याधिक सुरक्षा को दोषी ठहराया है इन दोनों ने कमांड और नियंत्रण की समस्याओं को तेज़ किया है.
  4. Naylor, Sean (2006). Not a Good Day to Die: The Untold Story of Operation Anaconda. Berkeley: Berkley Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0425196097 
  5. शॉन नेलर, Expansion plans leave many in Army Special Forces uneasy, Armed Forces Journal, नवंबर, 2006.
  6. http://www.globalsecurity.org/military/agency/army/sfod-d.htm
  7. Mountaineer. SFOD-D seeking new members. फोर्ट कार्सन, कोलोराडो: Mountaineer (प्रकाशन). 16 जनवरी, 2003.
  8. "Fort Bragg's newspaper Paraglide, recruitment notice for Delta Force". http://us2.newsmemory.com/ee/paraglide/default.php. अभिगमन तिथि: November 17, 2009. 
  9. Beckwith, Charlie A (1983). Delta Force. Harcourt. 
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  11. वॉलर, डगलस (2003/02/03). "The CIA Secret Army". TIME (Time Inc). http://web.archive.org/web/20030201095351/http://www.time.com/time/covers/1101030203/
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बाह्य लिंक्स[संपादित करें]

साँचा:US Special Operations Forces

Erioll world.svgनिर्देशांक: 35°07′14″N 79°21′50″W / 35.12047°N 79.363775°W / 35.12047; -79.363775 (Delta Force (1st SFOD-D))