जलपरी

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जलपरी
Waterhouse a mermaid.jpg
अ मर्मेड जॉन विलियम वाटरहाउस द्वारा
म्रिथ विश्व म्रिथ
वर्ग म्रिथक
सह-वर्ग जल
देश विश्वभर
पाए जाने का स्थान महासागर, समुंदर

जलपरी (अंग्रेज़ी: Mermaid) एक म्रिथक जलीय जीव है जिसका सिर एवं धड़ औरत का होता है और निचले भाग मे पैरों के स्थान पर मछली की दुम होती है। जलपरियां कईं कहानियों व दंत कथाओं में पाई जाती है।

संक्षेप[संपादित करें]

जलपरी और जलमानव, 1866. बेनाम रुसी दंतकथा में चित्रित

शब्द "जलपरी", जिसे अंग्रेज़ी में मर्मेड कहते है, फ़्रेंच शब्द मर याने "सागर" और मेड याने स्त्री या युवा लडकी से बना है। हालांकि कुछ फ़िल्मों में इनका पुरुष रुप जलमानव भी दिखाया गया है परन्तू सभी दंत कथाओं के अनुसार यह केवल स्त्रियां ही होती है।

कहानियों के अनुसार जलपरियां मधुर धुन में गाना गा कर इंसानों या देवताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है जिससे उनका ध्यान भटक जाता है। उनके इस बरताव के कारण कईं इंसान जहाज़ से समुंदर में कूद जाते है या पूरा जहाज़ ही ले डूबते है। कुछ कहानियों में जलपरियां डूबते हुए इंसानों की मदद करने के प्रयास में उनकी जान भी ले लेती है। यह भी कहा जाता है की वे इंसानों को अपने जलमग्न विश्व में लेकर जाती है। हांस क्रिश्चन की द लिटल मर्मेड में यह कहा गया है की जलपरियां यह भुल जाती है की इंसान पानी के भीतर सांस नहीं ले सकते हैं, कुछ कहानियों के अनुसार वे इंसानों को जानबूझ कर डुबो देती है। जलपरियों का गाना उनके लिए श्राप माना जाता है।

आधुनिक युग में जलपरियां समुंदर और लुटेरों की कहानियों में पाई जाती है और कईं बार इन्हे जलगाय, जिन्हे मैनेटी कहते है, के रुप में देखा जाता है। नाविक इन जीवों को डूर से देख कर उन्हे जलपरी समझ बैठते है।

सांस्कृतिक तौर पर जलपरियां बिना कपडों के बताई गई है पर सेंसरशिप के चलते, जो अधिकतर फ़िल्मों में विवाद का विषय होता है, यह प्रयास किया जाता है की जलपरियों के लम्बे बाल उनके स्तनों को ढक लें। जहां सेंसरशिप की कडी शर्तें लागू होती है वहां जलपरियां विभिन्न प्रकार की जल सामग्री, जैसें सिप्पियां या पौधों, से बने कपडे पहनी हुई दिखाई जाती है।

इतिहास[संपादित करें]

प्राचीन पूर्व में[संपादित करें]

जलपरियों के सबसे पहली कहानियां असायरिया में 1000 ईसा पूर्व पाई गई है। देवी अटार्गेटिस, जो असायरियन और रानी सेमिरमिस की माँ थी, एक चरवाहे से बेहद प्यार करती थी पर ना चाहते हुए भी उसे उसको मारना पडा। इस बात से शर्मिंदा होकर उसने तलाब में छलांग लगा दी और एक मछली का रुप ले लिया, परन्तू पानी भी उसकी सुंदरता को छिपा न सका। इस कारण उसने एक जलपरी का रुप ले लिया। ग्रीक कहानियों में अटार्गेटिस को डेरकेटो माना जाता है।

एक लोकप्रिय ग्रीक कहानी के अनुसार महान अलेक्सैंडर की बहन थेसालॉयनिक मरने के बाद एक जलपरी बन गई।[1] जलपरी के रुप में वह ज़िंदा रही और हर जब उसने एक जहाज़ को देखा तो उसने उसके नाविकों से एक ही सवाल पूछा: "क्या महान अलेक्सैंडर जीवित है" (यूनानी : "Ζει ο Βασιλιάς Αλέξανδρος;"), जिसका सही जवाब था: "वह जीवित है और विश्व पर राज करता है" (Greek: "Ζει και βασιλεύει και τον κόσμο κυριεύει")। इस जवाब से वह बेहद खुश हुई और उसने पानी को शांत करके जहाज़ को जाने दिया। यदि दुसरा कोई जवाब मिलता तो वह गुस्से में आकर समुंदर में तुफ़ान व बवंडर ला कर जहाज़ को डुबो देती।[2][3]

अरेबियन नाइट्स[संपादित करें]

द लैंड बेबी, जॉन कोलियर द्वारा (1899)

वन थाउसंड ऐंड वन नाइट्स में ऐसी कईं कहानियां है जिनमें जलमानवों की कहानियों का ज़िक्र है। अन्य कहानियों के विपरीत यह इंसानो से मिलते जुलते है लेकिन पानी में रहने और सांस लेने की काबिलियत रखते है। वे इंसानो के साथ संभोग भी करते है और ऐसे मिलन से जन्में बच्चे भी पानी में रहने की काबिलियत के साथ पैदा होते है।

एक अन्य अरेबियन नाइट्स की कहानी "अबदुल्ला द फ़िशरमैन ऐंड अबदुल्ला द मर्मैन" में मुख्य किरदार अबदुल्ला को पानी में सांस लेने की काबिलियत मिल जाती है और वह तैर कर जलमग्न विश्व में प्रवेश करता है जहां पैसे और कपडे कोई मायने नहीं रखते। अन्य अरेबियन नाइट्स की कहानियों में ऐसी कईं सभ्यताओं का ज़िक्र है जो तकनीकी रुप से कईं ज़्यादा उन्नत थी परन्तू अपने मतभेदों के चलते ध्वस्त हो गई।[4]

चीन[संपादित करें]

पुरानी चीनी कहानियों में जलपरियां एक खास जीव थी जिनके आंसू मोतियों में बदल जाते थे। इन करणों के चलते मछुआरे उन्हे पकडने का निरंतर प्रयास करते थे परन्तु जलपरियां अपने गानों से उन्हे पानी की गहराइयों में खींच लेती थी।

रामायण[संपादित करें]

भारतीय रामायण के थाई व कम्बोडियाई संस्करणों में रावण की बेटी सुवर्णमछा (सोने की जल परी) का उल्लेख किया गया है। वह हनुमान का लंका तक सागर सेतू बनाने का प्रयास विफ़ल करने की कोशिश करती है पर अंततः उससे प्यार करने लगती है। भारतीय दंत कथाओं में भगवान विष्णु के मत्स्यावतार का उल्लेख है जिसके शरीर का उपरी भाग मानव का व निछला भाग मछली का है।

दिखने की घटनाएं[संपादित करें]

जलपरियों के देखे जाने के दावें कईं बार किए गए है जो जावा से लेकर ब्रिटिश कोलंबिया तक शामिल है। दो कनेडियाई घटनाएं जो वैकुवर और विक्टोरिया के नज़दीकी इलाकों में हुई थी।[5][6]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Teacher's Guide[मृत कड़ियाँ]
  2. Mermaids and Ikons: A Greek Summer (1978) page 73 by Gwendolyn MacEwen ISBN 978-0-88784-062-3
  3. Folktales from Greece Page 96 ISBN 1-56308-908-4
  4. Irwin, Robert (2003). The Arabian Nights: A Companion. Tauris Parke Paperbacks. pp. 211–2. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1860649831 
  5. Myths & Legends
  6. Folklore Examples in British Columbia