खेप प्रक्रमण

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कम्प्यूटर पर, किसी निर्धारित क्रम से, किसी व्यक्ति के हस्तक्षेप के बिना, एक के बाद एक करके कई प्रोग्राम (या कार्य) चलाने को खेप प्रक्रमण (बैच प्रोसेसिंङ्) कहते हैं। इसे 'गण प्रक्रमण' भी कहते हैं।

लाभ[संपादित करें]

  • खेप प्रक्रमण का उपयोग करके किसी काम करने का समय इस प्रकार रख सकते हैं कि यह काम तब किया जाय जब संगणन के संसाधन व्यस्त न हों।
  • इसमें संगणन के संसाधनों का भरपूर उपयोग होता है क्योंकि बात-बात पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।
  • काम को समाप्त करने में कुल मिलाकर कम समय लगता है।
  • मानवीय गलती की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।

खेप प्रक्रमण के कुछ उदाहरण[संपादित करें]

  • दक्षतापूर्वक डेटाबेस को अद्यतन करने हेतु
  • डिजिटल छबियों के आकार बदलने, वाटरमार्क जोड़ने, दूसरे छबि-प्रारूपों में बदलने आदि के लिए
  • परिवर्तन - खेप प्रक्रमण का उपयोग कम्प्यूटर फाइलों को एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में बदलने के लिए भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए निजी या पुराने प्रारूप वाली फाइलों को मानक फाइल प्रारूपों में बदलना, पीडीएफ फाइलों को टेक्स्ट या डॉख फाइल में बदलना आदि।
  • बहुत सी फाइलों को एक साथ डाउनलोड करना

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]