ऐक्टिव फिल्टर

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यह ऐक्टिव फिल्टर का एक उदाहरण है। यह हाई-पास-फिल्टर है जो 'सलेन-की (Sallen-Key) हाईपास फिल्टर' कहलाता है।

वे एनालॉग एलेक्ट्रॉनिक फिल्टर ऐक्टिव फिल्टर (active filter) जिनमें किसी ऐक्टिव अवयव (जैसे आपरेशनल प्रवर्धक, ट्रांजिस्टर आदि) का उपयोग किया जाता है। विशेष बात यह है कि किसी फिल्टर की डिजाइन में एम्प्लिफायर का प्रयोग करके फिल्टर कार्यक्षमता (performance) को बढ़ाया जा सकता है, अर्थात पैसिव फिल्टर की कुछ कमियों से छुटकारा पाया जा सकता है। लो-पास, हाई-पास, बैण्ड-पास और बैण्ड-स्टॉप आदि सभी फिल्टरिंग कार्यों के लिये ऐक्टिव फिल्टर बनाये जाते हैं।

ऐक्टिव फिल्टरों के अनेक लाभ हैं।

लाभ[संपादित करें]

  • प्रवर्धकों का उपयोग करने पर प्रेरकत्व के बिना भी फिल्टर बनाना सम्भव हो जाता है जो एक विशेष लाभ है क्योंकि प्रायः प्रेरकत्व दूसरे परिपथ-अवयवों की तुलना में अधिक महंगे होते हैं।
  • ऐक्टिव फिल्टरों में प्रयुक्त प्रवर्धकों के कारण इन फिल्टरों का आउटपुट इम्पीडेंस कम होता है। इसका लाभ यह है कि इन फिल्टरों के बाद लगने वाले परिपथ का इनपुट इम्पीडेंस कम होने पर भी ये फिल्टर लोड नहीं होते और इनकी यथेष्ट वैशिष्ट्य (specified characteristics) अपरिवर्तित रहती हैं।
  • बिना प्रेरकत्व के उपयोग के भी कम्प्लेक्स पोल और जीरो वाले ऐक्टिव फिल्टर डिजाइन करना सम्भव है।
  • ऐक्टिव फिल्टरों का रिस्पांस की आकृति, उनका क्वालिटी फैक्टर (Q), तथा ट्यून-आवृत्ति सस्ते परिवर्ती प्रतिरोधों के द्वारा बदला जा सकता है। (परिवर्ती मान वाले प्रेरकत्व या संधारित्र, परिवर्ती प्रतिरोधों की तुलना में बड़े और महंगे पड़ते हैं।
  • कुछ ऐक्टिव फिल्टर ऐसे भी हैं जिनके अन्य गुणों को बिना बदले किसी एक गुण को आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है।

ऐक्टिव फिल्टर की सीमाएँ तथा कमियाँ[संपादित करें]

ऐक्टिव फिल्टरों की कुछ कमियाँ भी हैं।

  • प्रवर्धकों की बैंडविथ (bandwidth) सीमित होती है, इस कारण उच्च आवृत्तियों के लिये ऐक्टिव फिल्टर डिजाइन करना व्यावहारिक नहीं है।
  • इसमें ऐक्टिव अवयव लगते हैं जो अतिरिक्त विद्युत-शक्ति लेते हैं, थोड़ा-बहुत नॉयज (noise) पैदा करके आउटपुट में देते हैं।

ऐक्टिव फिल्टरों के प्रमुख संयोजन[संपादित करें]

ऐक्टिव फिल्टर विभिन्न संयोजनों (circuit configurations या topology) में बनाये जाते हैं, जिनमें से प्रमुख हैं-

  • Sallen and Key, और VCVS filters (low dependency on accuracy of the components)
  • State variable and biquadratic filters
  • Dual Amplifier Bandpass (DABP)
  • Wien notch
  • Multiple Feedback Filter
  • Fliege (lowest component count for 2 opamp but with good controllability over frequency and type)
  • Akerberg Mossberg (one of the topologies that offer complete and independent control over gain, frequency, and type)

ऐक्टिव फिल्टरों की डिजाइन[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]