ऊष्णकटिबन्ध

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विश्व मानचित्र अंतर ऊष्ण कटिबंध को लाल पट्टी से दर्शाते हुए।
विश्व के ऊष्णकटिबन्धीय मौसमी क्षेत्र

ऊष्णकटिबंध (Tropics) दुनिया का वह कटिबंध है जो भूमध्य रेखा से अक्षांश २३°२६'१६" उत्तर में कर्क रेखा और अक्षांश २३°२६'१६" दक्षिण में मकर रेखा तक सीमित है। यह अक्षांश पृथ्वी के अक्षीय झुकाव (Axial tilt) से संबन्धित है। कर्क और मकर रेखाओं में एक सौर्य वर्ष में एक बार और इनके बीच के पूरे क्षेत्र में एक सौर्य वर्ष में दो बार सूरज ठीक सिर के ऊपर होता है। विश्व की आबादी का एक बड़ा भाग (लगभग ४०%) इस क्षेत्र में रहता है और ऐसा अनुमानित है कि बढ़ती जनसंख्या के कारण यह आबादी और बढ़ती ही जायेगी।[1] यह पृथ्वी का सबसे गर्म क्षेत्र है क्योंकि पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण सूर्य की अधिकतम ऊष्मा भूमध्य रेखा और उसके आस-पास के इलाके पर केन्द्रित होती है।

ऋतुएँ और मौसम[संपादित करें]

ऊष्णकटिबंध में औसतन मासिक वर्षा दर्शाता हुआ ग्राफ़
ऊष्णकटिबंध में सूर्यास्त

हालांकि आम जनमत यह है कि ऊष्णकटिबंध एक गर्म इलाका जहाँ हमेशा वर्षा होती रहती है और हरियाली रहती है लेकिन वास्तविकता ऐसी नहीं है। यहाँ ऐसे कई क्षेत्र हैं जहाँ पर ख़ुश्क और नम मौसम पाए जाते हैं। नम मौसम तब होता है जब उस इलाके में वर्ष के औसत की अधिकतम वर्षा होती है।[2] इसको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरित् ऋतु का नाम भी दिया जाता है।[3] नम इलाके पूरे ऊष्ण और उप-ऊष्ण कटिबंध में फैले हुए हैं।[4] नम महीना वह होता है जिसमें ६० मि.मी. या अधिक वर्षा हो।[5] ऊष्णकटिबंधीय वनों में ख़ुश्क और नम मौसम नहीं पाया जाता है क्योंकि यहाँ पूरे साल भर समान रूप से वर्षा होती है।[6] आमतौर पर वर्षा ऋतु ख़ुश्क गर्म मौसम के अन्त में शुरू होती है। कुछ इलाकों में तो इतनी बारिश हो जाती है कि बाढ़ आ जाती है जिससे मिट्टी का कटाव होता है और मिट्टी की उर्वरता भी घटती है। इस क्षेत्र के अधिकांश जानवरों के लिए यह बहुतायत का मौसम होता है और उनका प्रजनन काल इसी से सम्बद्ध रहता है।

बीमारियाँ[संपादित करें]

विश्व की सबसे घातक बीमारियाँ भी इस क्षेत्र में भरपूर होती हैं। क्योंकि यहाँ का वातावरण मच्छरों के पनपने के लिए भी अनुकूल होता है इसलिए यहाँ मच्छर-सम्बन्धी बीमारियाँ भी बहुत अधिक होती हैं। कई बीमारियाँ तो और इलाकों में पाई ही नहीं जाती हैं।[7]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. E. Cohen, Joel; Small, Christopher (September 2, 1998). "Hypsographic demography: The distribution of human population by altitude". http://www.pnas.org/content/95/24/14009.full.pdf. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२. 
  2. "Glossary of Meteorology". American Meteorological Society. 2009. http://amsglossary.allenpress.com/glossary/search?id=rainy-season1. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२. 
  3. "Costa Rica Guide". ToucanGuides. 2005. http://costa-rica-guide.com/when.htm. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२. 
  4. Pidwirny, Michael (2008). "Introduction to the Biosphere". PhysicalGeography.net. http://www.physicalgeography.net/fundamentals/9k.html. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२. 
  5. "Updated world Koppen-Geiger climate classification map". http://www.hydrol-earth-syst-sci.net/11/1633/2007/hess-11-1633-2007.pdf. 
  6. M. Benders-Hyde, Elisabeth (2003). "World Climates". Blue Planet Biomes. http://www.blueplanetbiomes.org/climate.htm. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२. 
  7. Sattenspiel, Lisa (2000). "Tropical Environments, Human Activities, and the Transmission of Infectious Diseases". http://www.eeescience.utoledo.edu/faculty/gottgens/webpapers/DISEASEarticle.pdf. अभिगमन तिथि: २८/०९/२०१२.