अब्द अल-रहमान अल-सूफ़ी

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अब्द अल-रहमान अल-सूफ़ी की "खगोलीय तारामंडलों का चित्रण" नामक किताब में धनुषधारी तारामंडल (सैजीटेरियस) का बखान

अब्द अल-रहमान अल-सूफ़ी (फ़ारसी: عبدالرحمان صوفی, जन्म: ७ दिसम्बर ९०३, देहांत: २५ मई ९८६) एक ईरानी खगोलशास्त्री थे जिसे अब्दुल रहमान सूफ़ी, अब्द अल-रहमान अबु अल-हुसैन और अज़ोफ़ी के नामों से भी जाना जाता है। चन्द्रमा पर स्थित "अज़ोफ़ी" नाम के प्रहार क्रेटर और "१२६२१ अलसूफ़ी" नाम के हीन ग्रह का नामकरण इन्ही के सम्मान में किया गया है। इन्होने सन् ९६४ ईसवी में खगोलशास्त्र की एक प्रख्यात किताब "स्थित तारों की पुस्तक" प्रकाशित की थी, जिसमें बहुत से नक्षत्रों की तस्वीरें और विवरण शामिल था।

जीवनी[संपादित करें]

अल-सूफ़ी के नाम से ज़ाहिर होता है के वे एक सूफ़ी मुसलमान थे। उनका सम्बन्ध इस्फ़हान, ईरान में स्थित अमीर अदूद अद-दौला के दरबार से था, जहाँ वे पुराने यूनानी खगोलशात्र ग्रंथों को अरबी भाषा में अनुवाद करने में जुटे रहते थे। उनका ख़ास ध्यान टॉलमी की "आल्मागेस्ट" किताब पर था।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Introduction to Astronomical Photometry, Edwin Budding, Osman Demircan, pp. 15, Cambridge University Press, 2007, ISBN 978-0-521-84711-7, ... Also benefitting from the Almagest, Abd al Rahman Sufi, at Isfahan in the tenth century, decided that not only the positional determinations of the stars as given in the Almagest, but also their magnitudes, could be checked, or reassessed ...