अनामिका (कविता संग्रह)
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| अनामिका (कविता संग्रह) | |
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| लेखक | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला |
| देश | भारत |
| भाषा | हिंदी |
| विषय | साहित्य |
| प्रकाषक | नवजादिक लाल, २३ शंकर घोष लेन, कलकत्ता |
| प्रकाषन कि तिथी | १९२३ |
| पन्नें | ४० |
कलकत्ते से प्रकाशित उनके इस कविता संग्रह में ९ कविताएँ थीं। (१) ‘अध्यात्म फल’ (२) ‘माया’, (३) ‘जलद’, (४) ‘अधिवास’, (५) ‘तुम और मैं’, (६) ‘जुही की कली’, (७) ‘पंचवटी प्रसंग’, (८) ‘सच्चा प्यार’, और (९) ‘लज्जित’।[1]
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ "निराला : सही अध्ययन दृष्टि" (एचटीएमएल). साहित्यालोचन. http://saahityaalochan.blogspot.com/2008/06/blog-post_19.html. अभिगमन तिथि: २००८.
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