स्वयंसिद्ध

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तर्कशास्त्र (logic) में स्वयंसिद्ध या अभिगृहीत (axiom) ऐसे कथनों को कहते हैं जिन्हें सिद्ध नहीं किया जाता बल्कि उन्हें अति-स्पष्ट समझा जाता है। स्वयंसिद्धों को 'सत्यता' को बिना शंका के स्वीकार कर लिया जाता है। स्वयंसिद्ध अन्य 'सत्यों' को सिद्ध करने के लिये आधार का काम करते हैं।

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