श्वसन अंग

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मानव के वक्ष गुहा में हृदय को घेरे हुए दोनों फेफड़े

वे अंग जिनके द्वारा सजीवों तथा वातावरण के बीच गैसों का आदान-प्रदान होता है, उसे श्वसन अंग कहते हैं। शरीर की बाह्य सतह, त्वचा, ट्रेकिया, गिल्स, फेफड़ा प्राणियों के विभिन्न श्वसन अंग हैं। पौधों में जन्तुओं की तरह कोई विशेष श्वसन अंग नहीं पाये जाते हैं, इनमें गैसों का आदान-प्रदान स्टोमेटा, लेण्टीसेल तथा न्यूमेटाफोर्स द्वारा होता है।[1]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. यादव, नारायण, रामनन्दन, विजय (मार्च २००३). अभिनव जीवन विज्ञान. कोलकाता: निर्मल प्रकाशन. प॰ १-४०. 

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