दाएँ की राजनीति
दाएँ की राजनीति या दाईं-तरफ़ा राजनीति राजनीति में उस पक्ष या विचारधारा को कहते हैं जो समाज की पराम्परिक व्यवस्था को क़ायम रखना चाहते हैं।[1][2] आम तौर से इस पक्ष के समर्थक समाज की ऐतिहासिक भाषा, जातियता, अर्थ-व्यवस्था और धार्मिक पहचान को बानाए रखने की चेष्टा करते हैं। पाराम्परिक समाजों में अक्सर लोगों में वर्गीकरण और श्रेणीकरण होता है और दाईं राजनीति में प्राकृतिक नियम की दलील देकर ऐसे वर्गीकरणों को जारी रखने का समर्थन किया जाता है। राजनीति के सन्दर्भ में 'बाएँ' और 'दाएँ' शब्दों का प्रयोग फ़्रान्सीसी क्रान्ति के दौरान शुरू हुआ। फ़्रांस में क्रान्ति से पूर्व की एस्तात झ़ेनेराल (Estates General) नामक संसद में सम्राट को हटाकर गणतंत्र लाना चाहने वाले और धर्मनिरपेक्षता चाहने वाले अक्सर बाई तरफ़ बैठते थे। आधुनिक काल में पूँजीवाद से सम्बंधित विचारधाराओं को अक्सर दाईं राजनीति में डाला जाता है।[3]
[संपादित करें] अन्य भाषाओँ में
'दाएँ की राजनीति' को अंग्रेज़ी में 'राईट-विंग पॉलिटिक्स' (right-wing politics) या 'राईटिस्ट पॉलिटिक्स' (rightist politics) कहा जाता है।
[संपादित करें] इन्हें भी देखें
[संपादित करें] सन्दर्भ
- ↑ Cultures at war: moral conflicts in western democracies, T. Alexander Smith, Raymond Tatalovich, University of Toronto Press, 2003, ISBN 9781551113340
- ↑ Left and right: the significance of a political distinction, Norberto Bobbio, Allan Cameron, University of Chicago Press, 1996, ISBN 9780226062457
- ↑ The Cambridge History of Twentieth-Century Political Thought, Terence Ball, Richard Paul Bellamy, Cambridge University Press, 2003, ISBN 9780521563543