अभिकलित्र अनुकार

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सन् २००४ की सुनामी का एनिमेशन

किसी कम्प्यूटर प्रोग्राम की सहायता से या कम्प्यूटरों के एक नेटवर्क की सहायता से किसी तन्त्र या उसके किसी भाग के व्यवहार की जानकारी की गणना करना अभिकलित्र अनुकार या 'कम्प्यूटरी सिमुलेशन' (computer simulation) कहलाता है। वर्तमान समय में प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक विज्ञानों, सामाजिक विज्ञानों एवं अन्यान्य क्षेत्रों में कम्प्यूटरी सिमुलेशन महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। सिद्धान्त एवं प्रयोग के अलावा कम्प्यूटरी सिमुलेशन भी विज्ञान में शोध की एक अपरिहार्य विधि बन गयी है।

कम्प्यूटरी सिमुलेशन, कुछ मिनट में पूर्ण होने वाले एक छोटे कम्प्यूतर प्रोग्राम से लेकर घण्टों चलने वाले नेटवर्कित कम्प्यूतर और उससे भी बढकर कई दिनों तक चलने वाले सिमुलेशन के अनेक रूपों में देखे जा सकते हैं। आज का सिमुलेशन इतना विशालकाय हो गया है जिस जो कागज-पेंसिल की सहायता से सम्भव ही नहीं हो सकता था। कागज-पेंसिल से सिमुलेशन के दौर में जिस सिमुलेशन की कल्पना तक नहीं की जा सकती थी वह आज आसानी से किया जाने लगा है।

कम्प्यूटरी सिमुलेशन का महत्व[संपादित करें]

  • कम्प्यूटर सिमुलेशन एक शक्तिशाली औजार के रूप में उभर कर आया है - एक ऐसा औजार जो इक्कीसवी शती में विज्ञान और तकनीकी में कार्य करने के तरीके में क्रान्तिकारी परिवर्तन लायेगा।
  • कम्प्यूटरी सिमुलेशन, सैद्धान्तिक विज्ञान का विकसित रूप (extension of theory) के रूप में समझा जा सकता है क्योंकि इसके द्वारा वैज्ञानिक सिद्धान्तों की परिणति (consquences) की गणना की जा सकती है। अर्थात सिमुलेशन यह बताता है कि किस स्थिति में क्या होगा।
  • सिमुल्शन इससे भी आगे जा सकता है। सिमुलेशन के प्रयोग से नये सिद्धान्त खोजे जा सकते हैं और ऐसे प्रयोग रचे जा सकते हैं जो इन नये सिद्धान्तों की जाँच करें।
  • प्रयोग के विकल्प के रूप में : सिमुलेशन का उन स्थितियों में भी बहुत उपयोगी होता है जब प्रयोग करना या तो बहुत खर्चीला हो या बहुत खतरनाक हो या बहुत समय लेने वाला हो।
  • प्रशिक्षण के लिये: सिमुलेशन का उपयोग प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के लिये किया जा रहा है।
  • सिमुलेशन अनेकानेक क्षेत्रों में उपयोग में लाया जा सकता है (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, समाज, अर्थ, युद्ध आदि)। यह अपने आप में एक सशक्त करने वाली प्रौद्योगिकी (enabling technology) है। मुद्दे (इश्यूज), समस्या का रूप धारण करें, उसके पहले ही यह उन्हें समझने और उन्हें हल करने की पहल करता है।
  • सिमुलेशन कूपमण्डूकता को छोडकर सम्पूर्ण दृष्टि (ग्लोबलविजन) और अन्तर्दृष्टि (इनसाइत) देती है। यह सिस्टम रीति से सोचने को बाध्य करती है।

कम्प्यूटरी सिमुलेशन के प्रकार[संपादित करें]

फाइनाइट-एलिमेण्ट विधि द्वारा मोटरकार के टक्कर के कम्प्यूटर सिमुलेशन का परिणाम (आउटपुट)

अलग-अलग आधारों पर कम्प्यूटर-सिमुलेशन कई प्रकार का हो सकता है

घटनाक्रम के आधार पर[संपादित करें]

  • सतत-समय (कांटीन्युअस-टाइम) सिमुलेशन
  • विरिक्त-समय सिमुलेशन (डिस्क्रीट-टाइम सिमुलेशन)
  • मिश्रित सिमुलेशन - ऐसे तन्त्र जिनमें सतत-समय एवं असतत-समय दोनो के अवयव हों।

स्थैतिक-स्थिति या गतिक स्थिति[संपादित करें]

  • स्थैतिक-स्थिति (स्टीडी-स्टेट)
  • क्षणिक (ट्रान्सिएन्ट)
  • हार्मोनिक (या, ए सी) विश्लेषण

प्रत्याशित या अप्रत्याशित[संपादित करें]

  • प्रत्याशित (deterministic)
  • अप्रत्याशित (Stochastic)

अन्य[संपादित करें]

  • मान्टे-कार्लो सिमुलेशन

सिमुलेशन की भाषाएँ[संपादित करें]

मुख्य लेख सिमुलेशन की भाषाएँ देखें। fhhgfu jhjh gjhj jhgj jhg jf

कम्प्यूटरी सिमुलेशन की सीमाएँ[संपादित करें]

कम्प्यूटर सिमुलेशन में सदा इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि संवेदनशीलता विश्लेषण (sensitivity analysis) किया जाय। इससे पता चलता है कि परिणाम कितने विश्वसनीय हैं और कौन सा चर थोड़ा सा बदलने पर भी परिणाम में बहुत अधिक बदलाव ला देता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

वाह्य सूत्र[संपादित करें]

संस्थान (Organizations)[संपादित करें]

शिक्षा[संपादित करें]

उदाहरण[संपादित करें]