उमर खय्याम
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उमर खय्याम ( 1048,-1131) फ़ारसी साहित्यकार, गणितज्ञ एवं ज्योतिर्विद थे। इनका जन्म उत्तर-पूर्वी फ़ारस के निशाबुर (निशापुर) में ग्यागरहीं सदी में एक ख़ेमा बनाने वाले परिवार[1] में हुआ था । इन्होंने इस्लामी ज्योतिष को एक नई पहचान दी और इसके सुधारों के कारण सुल्तान मलिकशाह का पत्रा (तारीख़-ए-मलिकशाही), जलाली संवत या सेल्जुक संवत का आरंभ हुआ । इनकी रुबाईयों (चार पंक्तियों में लिखी एक प्रकार की कविता) को विश्व स्तरीय करने में अंग्रेज़ी कवि एडवर्ड फ़िज़्ज़ेराल्ड का बहुत योगदान रहा है ।
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ बच्चन, हरिवंश राय (२००७). उमर ख़ैय्याम की रुबाईयां. हिन्द पॉकेट बुक्स. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-216-1097-4.