२०१७ चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामला

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२०१७ ई. में हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के पुत्र विकास बराला और उसके दोस्त आशीष ने वर्णिका कुंडू नामक एक युवती के साथ चंडीगढ़ में छेड़छाड़ की |

कुमारी वर्णिका रात को चंडीगढ़ के सैक्टर-८ से अपनी गाड़ी में पंचकुला जा रही थीं | सैक्टर-७ के एक पैट्रोल पंप से दो युवकों ने एक एसयूवी कार में उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया | गाड़ी भगाते हुए कुमारी वर्णिका ने पुलिस को कॉल कर अपनी रक्षा हेतु विनती की | सेक्टर-२६ सब्जी मंडी चौक पर गाड़ी को रोककर युवकों ने अंदर घुसने की कोशिश भी की।[1] वर्णिका ने लगातार हॉर्न बजाना शुरू कर दिया ताकि जनता की उनपर दृष्टि पड़े एवं पुलिस उन्हें आसानी से ढूंढ ले | वर्णिका के अनुसार पुलिस समय रहते पहुँच गयी जिसके कारण आरोपी उनका अपहरण या बलात्कार न कर पाए | [2] पुलिस ने विकास बराला और आशीष को हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर गिरफ्तार कर लिया। [1]

युवकों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354 डी (ग़लत इरादे से पीछा करना) और मोटर वाहन एक्ट की धारा 185 (नशे की हालत में गाड़ी चलाना) के साथ 341, 365 और 511 भी लगाई गई थीं | बाद में पुलिस ने इन धाराओं को हटा दिया गया, और दोनों आरोपियों को ज़मानत मिल गई |[3] विकास बराला की ५० हज़ार की जमानत पंचकूला के भाजपा प्रवक्ता कृष्ण कुमार ढुल ने भरी। [1]

प्रारम्भ में चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि घटना का कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है. पुलिस के अनुसार घटना के मार्ग पर ९ सीसीटीवी थे, पर उनमें से ५ काम नहीं कर रहे थे एवं बाकी का फुटेज साफ नहीं था | जनता ने पुलिस की मामले को दबाने का प्रयास करने के लिए आलोचना की | [3][4] इसके बाद पुलिस ने कहा कि उन्होंने घटना से जुड़े ५ सीसीटीवी फुटेज बरामद कर लिए हैं। [5]

प्रतिक्रियाएं[संपादित करें]

भाजपा के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने प्रश्न किया कि वर्णिका को देर रात बाहर रहने की क्या आवश्यकता थी ?[3] भाजपा ने सुभाष बराला को निकालने की मांगों को अस्वीकार कर दिया | हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पुत्र के दुष्कर्मों के लिए पिता को दंड नहीं दिया जा सकता |[3]

भाजपा के नेतााओं और समर्थकों ने सामाजिक मीडिया पर वर्णिका का चरित्र हनन करने का प्रयास किया | बराला परिवार के सदस्य एवं भाजपा के कार्यकर्ता कुलदीप बराला ने फेसबुक पर वर्णिका और उनके दो साथियों का एक चित्र शेयर किया, और ये दिखाने की कोशिश की कि घटना के समय वे नशे में थीं | बराला ने यह पोस्ट बादमें डिलीट कर दी, पर फिर उसने एक और चित्र पोस्ट किया जिसमें वर्णिका के हाथ में शराब का गिलास था | बराला ने दावा किया कि यह भाजपा नेता की छवि ख़राब करने के लिए विपक्ष की एक चाल थी | बराला परिवार के सदस्यों के अलावा कई भाजपा समर्थकों ने भी वर्णिका की आलोचना की | भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी विकास को निर्दोष बताते हुए वर्णिका की एक पुरानी तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की |[3] इन चित्रों के साथ पोस्ट किये सन्देश में दावा किया गया कि "वर्णिका और उसके नौकरशाह बाप" दो आरोपियों से केवल परिचित ही नहीं बल्कि घुले मिले भी थे। सन्देश में यह भी कहा गया कि वर्णिका इन लड़को के साथ "मौज मस्ती" करती थीं, और विकास को बदनाम करने के लिए वर्णिका एवं उनके पिता ने एक साज़िश रची थी | रिपब्लिक टीवी की छानबीन में पता चला कि इस संदेश का उद्गम स्थल "गगन शर्मा भारतीय" नामक एक प्रोफाइल था, जिसे नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ में रूचि थी | [6] इस सन्देश के झूठा साबित होने के बाद शाइना ने ट्वीट करके कहा कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था |[7]

कई राजनितिक दलों के नेता कुंडू परिवार के पास आए | कुमारी वर्णिका के पिता आईएएस अधिकारी वीरेंद्र कुंडू ने उनसे राजनीति को शामिल न करने का निवेदन किया | केवल भाजपा ने पीड़िता के परिवार को कोई सन्देश नहीं भेजा |[5] चंडीगढ़ की भाजपा सांसद किरण खेर ने घटना पर चुप्पी रखी | [1]

विपक्ष के साथ-साथ भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भाजपा की आलोचना की | [3] स्यवं बीजेपी के के कुछ नेताओं ने भी बराला की आलोचना की | [5] भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी अपने ही दल की आलोचना की, और कहा कि अगर पुलिस ने अगले ७२ घंटों में संतोषजनक कदम नहीं उठाये तो वे वर्णिका को न्याय दिलाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे | [3] वीरेंद्र सहवाग एवं योगेश्वर दत्त जैसे यशस्वी व्यक्तियों ने भी वर्णिका का समर्थन किया | [8]

सन्दर्भ[संपादित करें]