होमी खरशेदजी भाभा

होमी खरशेदजी भाभा (जन्म- 1 नवंबर 1949) मानविकी केंद्र के निदेशक हैं। ये हार्वर्ड विश्वविद्यालय में मानविकी के ऐनी एफ रोथेनबर्ग प्रोफेसर हैं। ये समकालीन उत्तर-औपनिवेशिक अध्ययनों में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक हैं। इन्होंने इस क्षेत्र के कई नवशब्दों और प्रमुख अवधारणाओं जैसे संकरता, अनुकरण, अंतर और उभयभाविता को विकसित किया है।
2012 में उन्हें भारत सरकार द्वारा साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार मिला।[1] उन्हें 2021 में रॉयल सोसाइटी ऑफ लिटरेचर का फेलो चुना गया।
जीवनी
[संपादित करें]इनका जन्म मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ। भाभा ने मुंबई विश्वविद्यालय के एल्फिंस्टन कॉलेज से बी.ए. और क्राइस्ट चर्च ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए., एम.फिल. और डी.फिल. की उपाधि प्राप्त की।[2]
दस वर्षों से अधिक समय तक ससेक्स विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में व्याख्यान देने के बाद भाभा को प्रिंसटन विश्वविद्यालय में वरिष्ठ फेलोशिप प्राप्त हुई और इन्हें ओल्ड डोमिनियन विजिटिंग प्रोफेसर भी बनाया गया। डार्टमाउथ कॉलेज में भाभा आलोचना एवं सिद्धांत स्कूल में संकाय सदस्य थे। भाभा ड्यूक यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित अकादमिक पत्रिका एडिटोरियल कलेक्टिव ऑफ पब्लिक कल्चर में भी कार्यरत हैं।
व्यक्तिगत जीवन
[संपादित करें]उनका विवाह वकील और हार्वर्ड व्याख्याता जैकलीन भाभा से हुआ है। इस दम्पति के तीन बच्चे हैं जिनके नाम लीह भाभा, ईशान भाभा और सत्या भाभा हैं।[3] भाभा डिनर पार्टियों की मेजबानी के लिए प्रसिद्ध हैं।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Padma Awards Announced" [पद्म पुरस्कारों की घोषणा]. प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 15 अक्टूबर 2025.
- ↑ "Homi Bhabha" [होमी भाभा]. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 15 अक्टूबर 2025.
- ↑ ईकिन, एमिली (17 नवंबर 2001). "Harvard's Prize Catch, a Delphic Postcolonialist" [हार्वर्ड पुरस्कार मिला, दुरूह उत्तर-उपनिवेशवाद]. द न्यूयॉर्क टाइम्स (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 15 अक्टूबर 2025.