हैलोएल्केन

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टेट्राफ्लोरोईथेन (एक हैलोएल्केन) एक पानीदार तरल होता है, जो सामान्य तापमान के नीचे भी उबलने लगता है। इसका उत्पादन कैन्ड वायु से किया जा सकता है

हैलोएल्केन (जिन्हें एल्काइल एल्डिहाइड भी कहते हैं) उन अकार्बनिक यौगिक समूह का नाम होता है जिसमें मीथेन, ईथेन इत्यादि जैसे एल्केन्स में एक या अधिक हैलोजन अणु, जैसे क्लोरीन या फ्लोरीन आदि जुड़ कर उनसे कार्बनिक हैलाइड बनाते हैं।

हैलोएल्केन[1] यौगिक जो हाइड्रोकार्बनो‌ं हाइड्रोजन परमाणुओं को हैलोजन परमाणु द्वारा विस्थापित करने से प्राप्त होता है।

वे हाइड्रोकार्बनों के हैलोजन व्युत्पन्न कहलाते हैं

ये दो प्रकार के होते हैं

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सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. WAYLAND, B. B. (1989-01-24). "ChemInform Abstract: Rh-Rh, Rh-H, Rh-C and Rh-O Bond Energies in (OEP)Rh Complexes: Thermodynamic Criteria for Addition of M-H and M-M Bonds to C-O and C-C Multiple Bonds". ChemInform. 20 (4). आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0931-7597. डीओआइ:10.1002/chin.198904091.