हैदराबाद के निजाम

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 हैदराबाद के निज़ाम-उल-मुल्क, हैदराबाद स्टेट की एक पूर्व राजशाही थी, जिसका विस्तार तीन वर्तमान भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में था। 
     भारत में धनकुबेरों का नाम लेते ही टाटा, बिड़ला और अंबानी के नाम याद आते हैं। यहां तक कि धनवान कहने के लिए आम बोलचाल में लोग बाग 'टाटा-बिड़ला' तक कह देते हैं। लेकिन हकीकत में तथ्य कुछ और है। भारत में भारत में अब तक के सबसे धनवान शख्स हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्मान अली खान हैं। टाइम और फॉर्च्यून जैसी मैगजीन्स ने उस्मान को यह खिताब दिया है।
 हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्मान अली खान

स्कॉटलैंड और इंग्लैंड को मिला दें उससे भी बड़ी उनकी रियासत थी। भारत की इस सबसे बड़ी रियासत के शासक और आखिरी निजाम जीते जी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे।

    निजाम की रईसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है महल के सिर्फ झूमर से झूल झाड़ने के लिए 38 नौकर काम करते थे। निजाम के अपने पैलेस में करीब 6000 लोग काम किया करते थे। जबकि मौजूदा दौर में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में महज 1500 लोगों का ही स्टाफ काम करता है। 
  बताते हैं कि निजाम 20 करोड़ डॉलर (1340 करोड़ रुपए) की कीमत वाले डायमंड का इस्तेमाल पेपरवेट के तौर पर किया करता थे। उस्मान 25 साल की उम्र में निजाम बने थे। 1886 में पैदा हुए खान का 80 साल की उम्र में 1967 में निधन हुआ था। 
  एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1940 के दशक में उस्मान अली खान की कुल संपत्ति करीब 2 अरब डॉलर थी। उस वक्त अमेरिका की इकोनॉमी का करीब 2 फीसदी थी। आजादी के भारत का कुल राजस्व महज एक अरब डॉलर था, जबकि निजाम के पास 2 अरब डॉलर की संपत्ति थी। 
 ब्रिटिश समाचार पत्र ‘द इंडिपेंडेन्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार मुद्रास्फीति समायोजित नई सूची के अनुसार दुनिया के सर्वकालिक धनवानों की सूची में हैदराबाद के अंतिम निजाम छठे स्थान पर हैं। निजाम हैदराबाद (1886-1967) निजाम की संपत्ति 236 अरब डॉलर आंकी गई है। ऐतिहासिक आधार पर संपत्ति का निर्धारण करने के लिए सालाना 2199.6 प्रतिशत मुद्रास्फीति को समायोजित किया गया है। इस फार्मूले के तहत 1913 में 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति मौजूदा समय में 2299.63 अरब डॉलर होगा। 
 निजाम ने 1948 में लंदन के नेटवेस्ट बैंक में करीब 10 लाख पाउंड की राशि जमा कराई थी। मौजूदा समय में इसकी कीमत करीब 3 अरब डॉलर है। यह राशि तब जमा कराई गई थी जब भारत सरकार हैदराबाद का विलय कराने का प्लान बना रही थी, जबकि निजाम पाकिस्तान के साथ जाना चाह रहे थे। फिलहाल इस पैसे को लेकर भारत और निजाम की फैमिली के अलावा पाकिस्तान भी अपना दावा जाता रहा है। 
निजाम अपनी अधिकांश दौलत बचाने में कामयाब रहे लेकिन ज्यादातर शक्तियां खो दी। यह उनके धन के अकूत सागर में एक बूंद जैसी थी - उनकी संपत्ति सोने और चांदी में एक अरब पाउंड और गहनों में 100 अरब पाउंड आंकी गई। 
  फिर भी बेशकीमती खजाने के मालिक उस्मान अपनी कंजूसी के लिए मशहूर थे। हैदराबाद के आखिरी निजाम सर उस्मान अली खान अपने मोजे खुद सिल लिया करते थे, पैबंद लगे कपड़े महीनों पहना करते थे और वह टिन की एक प्लेट में खाना खाते थे। यही नहीं निजाम ने पूरी जिंदगी में सिगरेट का पूरा पैकेट खरीदकर नहीं पिया। वे अपने मेहमानों से सिगरने मांग कर पी लिया करते थे। उन्होंने अपनी जिंदगी में 35 साल तक एक ही टोपी पहनी। वह अपने कपड़े भी कभी प्रेस नहीं करवाते थे। उनके पायजामें में हमेशा सिलवटें पड़ी रहती थीं। 
 .बेशुमार दौलत के साथ ही उस्मान अली खान औरतों का आदी था। रिपोर्टों के मुताबिक उस्मान अली खान की अपनी दर्जनों बीवियों से करीब 86 बच्चे थे। यही नहीं निजाम के हरम में 86 औरतें थी, उनके 100 नाजायज बेटे थे। निजाम की मौत के बाद खानदानी जायदाज को लेकर काफी विवाद हुआ। 1990 के दौर तक आते आते निजाम के कुल वारिसों की संख्या करीब 400 पहुंच चुकी थी। निजाम के दो बेटे और तीन बेटियां जीवित हैं। जबकि उसके पोते-पोतियों की संख्या करीब 104 है।