हेल्महोल्त्स कुण्डली

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हेल्महोल्त्स कुण्डली
हेल्महोल्त्स कुण्डली का योजनामूलक चित्र
हेल्महोल्त्स कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र
टेल्ट्रॉन डिफ्रैक्शन ट्यूब तथा स्तैण्ड सहित हेल्मोत्स कुण्डली

हेल्महोल्त्स कुण्डली (Helmholtz coil) दो वृत्ताकार कुण्डलियों से बना एक उपकरण है जो लगभग एकसमान (युनिफॉर्म) चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के काम आता है। इसका नामकरण जर्मन भौतिक विज्ञानी हरमन फॉन हेल्महोल्त्स के नाम पर हुआ है। इसमें एक ही अक्ष पर दो विद्युतचुम्बक होते हैं जो दो वृत्ताकार कुण्डलियों से बनाए जाते हैं। एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र पैदा करने अलावा, बाहरी चुम्बकीय क्षेत्रों ( जैसे पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र ) को रद्द करने के लिए हेल्महोल्त्स कुण्डली का उपयोग किया जाता है।

सामने के चित्र के अनुसार, यदि दोनों कुण्डलियों में समान दिशा में समान विद्युत धारा प्रवाहित की जाय, तथा हो, तो दोनों कुण्डलियों के केन्द्र को जोड़ने वाली रेखा पर पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिवर्तन न्यूनतम मिलता है।

चुम्बकीय क्षेत्र की गणना[संपादित करें]

बायो-सेवर्ट का नियम की सहायता से, केवल एक टर्न के कारण, कुण्डलियों के अक्ष पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की गणना की जा सकती है, जिसका मान निम्नलिखित है-[1]

यहाँ

= the permeability constant =
= coil current, in amperes,
= coil radius, in meters,
= coil distance, on axis, to point, in meters.

The Helmholtz coils consists of n turns of wire, so the equivalent current in a one-turn coil is n times the current I in the n-turn coil. Substituting nI for I in the above formula gives the field for an n-turn coil:

In a Helmholtz coil, a point halfway between the two loops has an x value equal to R/2, so calculate the field strength at that point:

There are also two coils instead of one (the coil above is at x=0; there is a second coil at x=R). From symmetry, the field strength at the midpoint will be twice the single coil value:

उपयोग[संपादित करें]

तीन कुण्डलियों के चुम्बकीय क्षेत्रों की तुलना[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]