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हेप्टाथलॉन

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हेप्टाथलॉन
विशेषताएँ
उपकरण भाला, गोला, बाधाएं, स्पाइक्स, ऊंची/लंबी कूद का मैट
स्थल एथलेटिक्स स्टेडियम
ओलंपिक 1984 (लॉस एंजिल्स ओलंपिक)

हेप्टाथलॉन (अंग्रेज़ी: Heptathlon) 'ट्रैक और फील्ड' की एक 'बहु-स्पर्धा' प्रतियोगिता है, जिसमें कुल सात अलग-अलग एथलेटिक्स इवेंट शामिल होते हैं। ग्रीक भाषा में 'हेप्टा' का अर्थ 'सात' और 'एथलॉन' का अर्थ 'प्रतियोगिता' है। आउटडोर हेप्टाथलॉन मुख्य रूप से महिलाओं की चैंपियनशिप प्रतिस्पर्धा है (जबकि पुरुषों के लिए 10-स्पर्धाओं वाला डिकैथलॉन आयोजित किया जाता है)। यह खेल लगातार दो दिनों तक चलता है और इसमें एथलीट की समग्र शारीरिक क्षमता का कठोर परीक्षण होता है।[1]

सात स्पर्धाएं

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महिला आउटडोर हेप्टाथलॉन हमेशा एक ही निश्चित क्रम में और दो दिनों में आयोजित किया जाता है। एथलीट को दौड़ने, कूदने और फेंकने की विविध तकनीकों के बीच तेज़ी से स्विच करना पड़ता है।

दिन 1:

  1. 100 मीटर बाधा दौड़: यह गति, लय और तकनीकी कौशल का परीक्षण है।
  2. ऊंची कूद: लचीलापन और विस्फोटक छलांग लगाने की क्षमता।
  3. गोला फेंक: ऊपरी शरीर की शुद्ध शक्ति का परीक्षण।
  4. 200 मीटर दौड़: दिन का समापन एक अवायवीय स्प्रिंट के साथ होता है।

दिन 2:

  1. लंबी कूद: दौड़ने की गति और छलांग के समय बोर्ड पर सटीकता।
  2. भाला फेंक: कंधे और पीठ की शक्ति के साथ-साथ फेंकने की सही तकनीक।
  3. 800 मीटर दौड़: अंतिम प्रतिस्पर्धा जो पूरी तरह से एथलीट की सहनशक्ति और इच्छाशक्ति का परीक्षण करती है, क्योंकि इस समय तक एथलीट पूरी तरह से थक चुके होते हैं।[2]

स्कोरिंग प्रणाली

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हेप्टाथलॉन में विजेता का फैसला किसी एक रेस में पहले स्थान पर आने से नहीं होता, बल्कि अंकों के आधार पर होता है।

  • विश्व एथलेटिक्स द्वारा जारी की गई विशेष गणितीय तालिकाओं का उपयोग करके एथलीट के प्रदर्शन (जैसे, सेकंड या मीटर) को अंकों में बदला जाता है।
  • दौड़ स्पर्धाओं में, जितना कम समय लगेगा, उतने ही अधिक अंक मिलेंगे।
  • कूदने और फेंकने की स्पर्धाओं में, दूरी या ऊंचाई जितनी अधिक होगी, अंक उतने ही अधिक होंगे।

सात इवेंट्स के बाद जिस एथलीट के कुल अंक सबसे अधिक होते हैं, वही विजेता बनता है।

इतिहास और ओलंपिक मान्यता

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हेप्टाथलॉन से पहले, महिलाओं के लिए ओलंपिक में 'पेंटाथलॉन' (5-स्पर्धा) आयोजित किया जाता था। जैसे-जैसे महिला एथलेटिक्स का विकास हुआ और एथलीट मजबूत हुईं, विश्व एथलेटिक्स ने 1981 में आधिकारिक तौर पर पेंटाथलॉन की जगह 7-स्पर्धा वाले हेप्टाथलॉन को लागू कर दिया।

1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार महिलाओं के हेप्टाथलॉन को शामिल किया गया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की ग्लिनिस नन ने स्वर्ण पदक जीता था।[3]

विश्व रिकॉर्ड

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हेप्टाथलॉन के इतिहास में सबसे महान एथलीट अमेरिका की जैकी जॉयनर-कर्सी को माना जाता है। उन्होंने 1988 के सियोल ओलंपिक में 7,291 अंक हासिल किए थे। यह विश्व रिकॉर्ड आज (लगभग चार दशकों बाद) भी अटूट है, जो ट्रैक और फील्ड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक टिके रहने वाले रिकॉर्ड्स में से एक है।[4]

सन्दर्भ

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  1. "Heptathlon – Definition"
  2. Karagiannis, Dimitrios (2007). "Biomechanical and Physiological Characteristics of Heptathlon Athletes". Journal of Sports Sciences. 25 (4): 450–458.
  3. Matthews, Peter (2012). Historical Dictionary of Track and Field. Scarecrow Press. pp. 105-108. ISBN 978-0810867819.
  4. "World Athletics: Women's Heptathlon Records". World Athletics. अभिगमन तिथि: 27 जून 2026.

बाहरी कड़ियाँ

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