हुण्ड का नियम

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फ्रेडरिक हुण्ड (१९६३ में)

हुण्ड के नियम (Hund's Rule) के अनुसार

किसी भी कक्षक (ऑर्बिटल) के उपकक्षक में इलेक्ट्रॉन पहले एक एक कर भरते हैं, ततपश्चात ही उसका जोड़ा बनना प्रारम्भ होता है। पूर्ण रूप से आधा भरा हुआ या पूरा भरा हुआ ऑर्बिटल पूर्ण रूप से आधे भरे हुए या पूरा भरे हुए ऑर्बिटल से अधिक स्थाई होता है।

हुण्ड का नियम क्रोमियम (Cr) तथा कॉपर (Cu) आदि के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को सही सही लिखने तथा उसे समझने के काम में मदद करता है।

उदाहरण[संपादित करें]

हुण्ड का नियम - कर्बन परमाणु के कक्षकों का आरेख
हुण्ड का नियम - नाइट्रोज्न परमाणु के कक्षक

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]