हाथी परियोजना

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

देश में हाथियों की संख्या में आई कमी को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 1991-92 में हाथी परियोजना शुरू की। जिसका आरंभ 1992 में झारखंड के सिंहभूमि जिले से किया गया। देश में प्रथम हाथी पुनर्वास केंद्र केरल के कोत्तूर में स्थापित किया गया है। भारत सरकार द्वारा तीन हाथी अभयारण्य को अनुमति दी गई है।जिनमें से दो छत्तीसगढ़ के लेमरु व बादलखोड में तथा एक अरुणाचल के देवमाली में स्थापित किया जायगा। हरियाणा के यमुनानगर जिला के कलेसर नैशनल पार्क में देश के चौथे (भारत के सबसे बड़े) हाथी पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है, इस समय देश में तीन उड़ीसा, केरल व कर्नाटक में हाथियों के लिए इस तरह के पुनर्वास केंद्र चल रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, यमुनानगर का केंद्र अन्य तीनों केंद्रों से बड़ा होगा। इस केंद्र में हाथियों के नहाने के लिए तालाब, ट्यूबवेल, रैन बसेरा समेत हाथियों के उपचार संबंधित सभी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।