हाइपरसॉनिक
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एयरोडायनामिक्स में हाइपरसॉनिक गति वह गति है जो बहुत ज्यादा सुपरसॉनिक है। 1970 से इस शब्द को सामान्यतः 5 मैक या उससे अधिक गति के लिए प्रयोग किया जाता है।
सटीक मैक संख्या जिसपर विमान उड़ान भरता है वह अलग-अलग होती है क्योंकि प्रत्येक यान में मैक 5 की गति पर अनेक भौतिक और रासायनिक बदलाव होते हैं। हाइपरसॉनिक को अलग प्रकार से ऐसे भी परिभाषित किया जाता है जब रैमजेट शुद्ध थ्रस्ट पैदा नहीं करता।
हाइपरसॉनिक गति पर वायु के साथ घर्षण और संपीड़न के कारण यान की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में वायु के अणुओं में रासायनिक परिवर्तन भी होने लगते हैं, जिससे यान की संरचना और उसके चारों ओर के प्रवाह का अध्ययन महत्वपूर्ण हो जाता है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- Anderson, John (2006). Hypersonic and High-Temperature Gas Dynamics Second Edition. AIAA Education Series. ISBN 1-56347-780-7.