हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद

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हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद भारत सरकार की एक संस्था है, यह भारत के हस्तशिल्प निर्यातकों को प्रोत्साहन तथा हस्तशिल्प निर्यात से सम्बन्धित जानकारियाँ तथा सुविधाऐं मुहैया कराती है।

स्थापना तथा उद्देश्य[संपादित करें]

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है। इस परिषद की स्थापना 1986-87 में हुई थी। वर्तमान मुख्य कार्यालय दक्षिण दिल्ली के वसन्त कुंज नामक स्थान के व्यावसायिक केन्द्र में स्थित है। इस निर्यात संवर्धन परिषद का मुख्य उद्देश्य भारत के हस्तशिल्प निर्यातकों के प्रोत्साहन तथा समय-समय पर निर्यात सम्बन्धी जानकारियाँ तथा सुविधाऐं मुहैया कराना है।[1][2]

सदस्यता[संपादित करें]

भारत के हस्तशिल्प निर्यातक को प्रस्तुत संस्था का सदस्य बनने के लिये परिषद द्वारा निर्धारित कुछ मानकों को पूरा करना होता है। तदोपरांत जॉच पड़ताल पूर्ण होने पर सदस्यता मिलती है। प्रतिवर्ष सदस्यता शुल्क तथा समय समय पर अन्य निर्धारित शुल्क देय होते हैं।

अन्तर्देशीय प्रदर्शनियॉं[संपादित करें]

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद समय-समय पर भारत में हस्तशिल्प निर्यात सम्बन्धी प्रदर्शनियों का आयोजन करते रहती है। जिनमें मुख्य चार प्रदर्शनियों का आयोजन दिल्ली में होता था, परन्तु पिछले कुछ वर्षों से हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के स्वनिर्मित प्रदर्शनी स्थल (India Exposition Mart) ग्रेटर नोएडा में होने लगा है। इन प्रदर्शनियों से सम्बन्धित सभी जानकारी परिषद यथा समय हस्तशिल्प निर्यातकों को पत्राचार द्वारा सूचित करते रहती है।

अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों मे सहभागिता[संपादित करें]

यह परिषद समय-समय पर भारत के हस्तशिल्प निर्यातकों को अन्तर्देशीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों मे भाग लेने को उत्साहित तथा उचित सुविधाएें प्रदान करती है।

भारत में अन्य कार्यालय[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Export Promotion Council for Handicrafts was established under Companies Act in the year 1986-87". Howtoexportimport.com. अभिगमन तिथि 28 दिसम्बर 2017.
  2. "Export Promotion Council for Handicrafts". दि इकौनॉमिक टाइम्स, अंग्रेजी संस्करण, नई दिल्ली. अभिगमन तिथि 28 दिसम्बर 2017.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]