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हसन रज़ा ख़ान

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हसन रज़ा खान बरेलवी (1 अक्टूबर 1859 – 18 अक्टूबर 1908), जिन्हें आम तौर पर हसन बरेलवी कहा जाता है, भारत के एक इस्लामी विद्वान, सूफी और शायर थे। वे इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी के छोटे भाई थे, जो अहले सुन्नत आंदोलन के मुख्य नेता माने जाते हैं। हसन रज़ा खान, उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले के मारेहरा के सूफी संत सैयद शाह आले रसूल मारेहरवी के मुरीद (शिष्य) थे। वे दिल्ली के मशहूर शायर दाग़ देहलवी के भी शिष्य थे। मशहूर शायर हसरत मोहानी ने उनकी शायरी की बहुत तारीफ़ की थी।[1][2]

प्रारंभिक जीवन

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हसन रज़ा का जन्म सन् अठारह सौ उनसठ (रबीउल अव्वल 1276 हिजरी) में बरेली, भारत में हुआ था। उनका असली नाम मुहम्मद था, क्योंकि उनके परिवार में यह नाम रखने की परंपरा थी।[3]

सन्दर्भ

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  1. Noori, Muhammad Afthab Cassim al-Qaadiri Razvi (2022-11-09). The Certification of Salvation (Qabaalah e Bakhshish) (अंग्रेज़ी भाषा में). Noori Publications.
  2. Noori, Muhammad Afthab Cassim al-Qaadiri Razvi (2022-11-10). Sayyidi Aala Hazrat the Qaadiri Gem Volume 3 (अंग्रेज़ी भाषा में). Noori Publications.
  3. Maheshwari, Anil; Singh, Richa (2021-04-18). Syncretic Islam: Life and Times of Ahmad Raza Khan Barelvi (अंग्रेज़ी भाषा में). Bloomsbury Publishing. ISBN 978-93-5435-009-2.