हशीश तेल

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सुई के सिरे पर स्थित हशीश तेल की बूँद का पास से लिया गया फोटो

हशीश तेल (Hash oil) ओलियोरेसिन है जो की मेरीजुआना और भांग के पौधों का बार-बार निष्कर्षण करके पाया जाता है। यह गहरे रंग का गाढ़ा द्रव होता है जो की हवा के प्रभाव में आने पर और भी गाढ़ा हो जाता है। हशीश तेल कैनाबिस की सबसे अधिक प्रभावी अवस्था होती है। यह अक्सर धूम्रपान, अंतर्ग्रहण और वेपराईसेशन के रूप में ग्रहण किया जाता है। हशीश तेल ग्रहण करने से मृत्यु भी हो सकती है और इससे जी मचलता है, सुस्ती आती है, तनाव बड़ता है। हशीश तेल को नसों से होकर ग्रहण करने से सुस्ती, दस्त, उलटी, बुखार, सिरदर्द आदि की समस्या देखने को मिलती है। हशीश तेल को बंद डब्बे में रखना चाहिए और इसे रोशनी के प्रभाव से दूर रखा जाता है। यह एक नारकोटिक औषधि है और इसका लगातार इस्तेमाल करने से शारीर में क्रियात्मक निर्भरता नहीं होती परन्तु मनोवैज्ञानिक निर्भरता आ जाती है।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Cannabis: Overview", World Drug Report (PDF), United Nations Publications, 2014

इन्हें भी देखें[संपादित करें]