हरमन मेलविल

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हरमन मेलविल
Herman Melville.jpg
हरमन मेलविल, 1870. चित्र: Joseph Oriel Eaton.
जन्महरमन मेलविल
1 अगस्त 1819
न्यूयॉर्क नगर, न्यूयॉर्क, U.S.
मृत्युसितम्बर 28, 1891(1891-09-28) (उम्र 72)
न्यूयॉर्क नगर, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य
मृत्यु स्थान/समाधिवुडलॉन क़ब्रिस्तान, ब्रोंक्स, न्यूयार्क सिटी, न्यूयार्क, संयुक्त राज्य
व्यवसायउपन्यासकार, लघु कहानी लेखक, शिक्षक, नाविक, व्याख्याता, कवि, सीमा शुल्क निरीक्षक
विधाsTravelogue, captivity narrative, nautical fiction, gothic romanticism, allegory, tall tale
साहित्यिक आन्दोलनRomanticism
जीवनसाथीElizabeth Knapp Shaw (1822–1906) (वि॰ 1847)
सन्तान
  • Malcolm (1849–1867)
  • Stanwix (1851–1886)
  • Elizabeth (1853–1908)
  • Frances (1855–1938)

हस्ताक्षर

हरमन मेलविल[1] (1 अगस्त, 1819 – 28 सितम्बर, 1891) अमेरिकी पुनर्जागरण काल के एक अमेरिकी उपन्यासकार, लघु कथाकार और कवि थे। उनके सबसे प्रसिद्ध कृतियों में  टाआइपी (Typee -1846) शामिल है जो उनके पोलिनेशियाई जीवन के अनुभवों का स्नेहात्मक चित्रण है। व्हेल मछलियों के शिकार पर आधारित उपन्यास मोबी-डिक (1851) भी उन्ही की लिखी है। उनके कार्यों पिछले 30 वर्षों के दौरान लगभग भुला दिया गया था।[2]

जीवन[संपादित करें]

हरमन मेलविल का जन्म 1 अगस्त, 1819 ई को न्यूयार्क के एक कामियाब ख़ानदान में हुआ। उनके पिता का नाम ऐलन था। वे फ़्राँस से कपड़े और अन्य वस्तुओं का व्यापार करते थे। बाद में किसी वजह से यह असफल हो गया। इस सदमे से हरमन के पिता पागल होकर मर गए। 1832 ई. में पिता की मौत के बाद सारा बोझ हरमन के काँधों पर आ पड़ा। [3]

इसलिए हरमन ने स्कूल छोड़कर कारोबार सँभाल लिया। हरमन ने अपनी शिक्षा कारोबार के साथ साथ जारी रखी। उसने बैंक की नौकरी करने के साथ फ़र्र कंपनी में भी काम किया। इसके अलावा वह छोटे छोटे गाँव के स्कूलों में पढ़ाने लगा। 1839 ईः में उन्होंने समुंद्री जहाज़ में नौकरी का चयन किया। फिर वह लिवरपूल, इंगलैंड तक का सफ़र किए। इंगलैंड से वापसी पर उन्होंने अपने चाचा के साथ काम करना शुरू कर दिया। मगर अच्छी तरह से ये साझेदारी निभ नहीं पाई। फिर 1840 ई में समुद्री जहाज़ की नौकरी पर काम करने लगे।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Originally spelled "Melvill". After the death of Melville's father in 1832 his mother added an "e" to the family surname—seemingly at the behest of her son Gansevoort. (Parker 1996), 67.
  2. Williams (1956), 231
  3. http://www.dunyapakistan.com/76823/#.Wl21Pa6WbIV