हम्पी कोनेरु

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हम्पी कोनेरु (तेलुगू: కోనేరు హంపీ; जन्म 31 मार्च 1987 गुडिवाडा, आन्ध्र प्रदेश) एक भारतीय, शतरंज की ग्रैंडमास्टर खिलाडी है। इनका जनवरी २०१० में फाईड स्तर 2614 था, जिससे वह संसार की दुसरे स्थान की (जुड़ीट पोल्गर के बाद) महिला शतरंज खिलाडी बन गई। 2007 में इन्होने सुशान पोल्गर द्वारा स्थापित 2577 के स्तर को पार किया और विश्व में दुसरे स्थान की सबसे बड़ी खिलाडी होने का गौरव प्राप्त किया।

2007 में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

बचपन[संपादित करें]

इनके पिता का नाम अशोक माता का नाम कोनेरू लता हैं. हम्पी शब्द का अर्थ होता है विजयी इसी लिए कोनेरू के पिताजी का नाम हम्पी रखा था. इनके पिता अशोक कोनेरू आंध्र प्रदेश राज्य शतरंज में प्रतिनिधित्व कर चुके थे. वे अपना सपना हम्पी से पूर्ण करवाना चाहते थे. मात्र छः वर्ष की आयु से ही हम्पी ने खेल में रूचि लेना शुरू कर दिया. प्रशिक्षक के तौर पर उनके पिता ही हम्पी को शतरंज के दावपेंच सिखाते थे. मात्र 9 वर्ष की आयु में ही हम्पी ने शतरंज में 3 राष्ट्रीय स्तर के गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए थे. यही प्रतिभावान महिला खिलाड़ी आगे जाकर देश की पहली पुरुष ग्रेडस्लेम विजेता बनी.

सन्दर्भ[संपादित करें]