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हदीस जिब्रील

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हदीस जिब्रील (अरबी: حديث جبريل) एक ऐसी हदीस है जो इस्लामी अक़ीदा के मुताबिक़ इस्लाम (Islam), ईमान (Iman), एहसान (Ihsan) और क़यामत (الساعة) की निशानियों की तारीफ़ में भरी हुई है। यह हदीस एक सहाबी हज़रत उमर इब्न अल-ख़त्ताब ने रिवायत की है और सहीहैन की किताबों भी मौजूद है।[1]

हदीस जिब्रीन की मिसाल

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हज़रत उमर इब्न अल-ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अन्हु ने कहा है: हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास बैठे हुए थे कि एक दिन एक शख़्स आया जिसपर सफ़ीद कपड़े और बहुत काले बाल थे। उसपर सफ़र के कोई आसार नहीं थे और हमने उसे पहचाना भी नहीं। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने बैठ गए, अपने घुटनों को अपने घुटनों के साथ आराम किया, और अपने हाथ अपनी रानो पर रखे। इस आदमी ने कहा: ऐ मुहम्मद! मुझे इस्लाम के बारे में बताऊ। तो हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: इस्लाम ये है कि तुम गवाही दो कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद उसके रसूल हैं, नमाज़ अदा करो, ज़कात दो, रमज़ान के महीने में रोज़े रखो और अगर तुम में इस्तिताअत हो तो ख़ाना काबा का हज करो। इस आदमी ने कहा: तुमने सच कहा। हमें हैरत होती कि उसने से पूछा और कहा कि वह सचा है। उसने कहा: मुझे ईमान के बारे में बताऊ। तो हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: ईमान यह है कि तुम अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, किताबों, रसूलों और यौम आख़िरत पर ईमान लाओ और यह कि तुम नेकियों और बदियों की तक़दीर पर भी ईमान लाओ। इस आदमी ने कहा: तुमने सच कहा, मुझे एहसान के बारे में बताऊ। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: एहसान ये है कि अल्लाह की इबादत इस तरह करो गोया तुम उसे देख रहे हो, क्योंकि अगर तुम उसे नहीं देखा रहे तो वह तुम्हें देख रहा है। इस आदमी ने कहा: मुझे क़यामत के बारे में बताऊ। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: लोंडी अपनी मालिकन को जनुम देगी और अप देखेंगे कि नंगे पाऊं, बरहना और ज़ीर कफ़ालत चर्वा ऊंची इमारतें की तामीर में मुक़ाबला करते हैं। फिर वह आदमी वापस आया और में रह गया। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझे से फ़रमाया: ऐ उमर, किया तुम जानते हो कि वह कौन था? मैं ने कहा: अल्लाह और उसके रसूल बेहतर वाक़िफ़ हैं। हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: बेशक वह जिब्रील था जो तुम्हें तुम्हारा दीन सिखा ने आए थे।[2]

हवाले जात

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  1. Murata, Sachiko; Chittick, William (June 1998). The Vision of Islam. Paragon House. ISBN 978-1557785169.
  2. https://www.abuaminaelias.com/dailyhadithonline/2014/01/25/jibreel-islam-iman-ihsan/