हज़रत बाबाजान
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हज़रत बाबाजान (बलोच: حضرت باباجان) (जन्म ज्ञात नहीं – सितम्बर 21, 1931[1][2]) एक पश्तून मुस्लिम संत थीं। उनके शिष्य उन्हें सद्गुरु अथवा क़ुतुब के रूप में पूजते हैं। बाबाजान का जन्म बलोचिस्तान (अफ़ग़ानिस्तान) में हुआ था। जीवन के अंत के २५ वर्ष उन्होंने भारत के महाराष्ट्र के पुणे नगर में बिताये। बाबाजान मेहर बाबा की पहली गुरु थीं।
प्रारंभिक जीवन
[संपादित करें]बाबाजान का बचपन का नाम गुलरुख था। उनके जन्म वर्ष अथवा कुल के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। कुछ भी हो, वो कुलीन परिवार से थी। वे अच्छी-खासी शिक्षित थी तथा अरबी, फारसी और उर्दू में धारा प्रवाह थी। पश्तो उनकी मातृभाषा थी। वे हाफिज़ाह (जिसे क़ुरान कंठस्थ हो) भी थीं।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "2,000 kg biryani for 20,000 people marks death anniversary of Sufi saint Babajan in Pune". Hindustan Times (अंग्रेज़ी भाषा में). 2018-02-03. अभिगमन तिथि: 2021-08-20.
- ↑ P, Shiladitya; Jan 2, it / TNN / Updated:; 2017; Ist, 09:24. "At Babajan Dargah rests the legacy of an old saint | Pune News - Times of India". The Times of India (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2021-08-20.
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